
ठोकर कोई सजा नहीं, एक सबक है,
जो गिरकर संभलना सिखाती है।
और जो समय की कद्र करना सीख ले,
ज़िंदगी उसी को आगे बढ़ाती है।
वक़्त बहती नदी का वो पानी है
जो एक बार छू लो तो दोबारा नहीं मिलता।
ठोकरों से घबराकर रुकना मत ऐ राही
क्योंकि बिना गिरे कोई इतिहास नहीं रचता
🌹श्री राधे🌹#SD💞
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