हेलो @chitraaum जी, इतनी चाटुकारिता तो भाजपा के प्रवक्ता भी नहीं करते हैं। लगता है आपका पत्रकारिता से मन ऊब गया है और राज्यसभा जाने की चाहत है।
देश और दुनिया में कहीं ऐसी घटिया पत्रकारिता नहीं होती है, ख़ैर आप तो चाटुकारिता की भी सीमा पार कर चुकी हैं।
@NeerajKanojia16@chitraaum देश की मीडिया ने ही देश का बेड़ा गायक करवाया है।जब तक मीडियाई pda की भागीदारी नहीं होगी तब तक देश का नुकसान करते रहेंगे ये लोग
ऊपर–ऊपर से देखा जाए तो भी पुट्टी प्लास्टर सब करने के बावजूद दलाली की चमक दिखाई देती है चेहरे पर.
कोई लाभ नहीं है पुट्टी प्लास्टर करने का @chitraaum जी. देश को गर्त में भेजने में आप का भी योगदान पूरा है.
जितना योगदान मोदी का है उतना ही आपका भी है,आपका योगदान जरा भी कम नहीं है.
देश आपको याद करता रहेगा दलाली के लिए.
आज ही के दिन, 12 वर्ष पूर्व आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर विकास, विरासत और विश्वास के साथ अभूतपूर्व परिवर्तन की नींव रखी थी।
इन 12 वर्षों में भारत ने निर्णायक नेतृत्व, विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। जनकल्याण से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण से लेकर डिजिटल क्रांति तक, हर क्षेत्र में नए भारत का आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत केवल बदल नहीं रहा, बल्कि विश्व पटल पर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ उभर रहा है।
यहाँ भी लाल टोपी पहन के पहुंचा है,
भाई के तेरहवीं मे गए है की जनसभा को सम्बोधित करने |
राजनीती सच मे बहुत गन्दी चीज है |
किसी ने सच ही कहा था की अब आने वाले समय मे कोई भी हिंदू अपने पुत्र का नाम अखिलेश नहीं रखेगा |
मृत्युभोज कोई उत्सव नहीं, बल्कि एक रूढ़िवादी सामाजिक मजबूरी है। तेरहवीं संस्कार के नाम पर कर्ज लेकर लोगों को खाना खिलाना बंद होना चाहिए।
दुख में डूबे परिवार को सहानुभूति की जरूरत होती है, किसी बड़े भोज के आयोजन की नहीं।
ध्यान रहे,यदि आप आर्थिक रूप से मजबूत हैं, अच्छी बात है। लेकिन आपके द्वारा किया गया तेरहवीं का भारी खर्च, समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक जानलेवा सामाजिक दबाव बन जाता है।
किसी की मृत्यु पर अपनी आर्थिक ताकत का प्रदर्शन बंद होना चाहिए। सक्षम लोग ही आगे बढ़कर इस कुप्रथा को खत्म कर सकते हैं।
नोट– यह कोई धर्म–कर्म का कार्य नहीं है और न ही इसके करने से मरने वाले को स्वर्ग या उसके परिवार को शांति मिलती है। 🍁🍁शुक्रिया 🍂
@umashankarsingh मीडिया,न्यायालय,चुनाव आयोग और evm है तो पूछा नहीं करते है।वैसे सर्वण पत्रकार बीजेपी का ही है पर थोड़ा खुद को न्यूट्रल बताने की कोशिश करता रहता है।
एक 38 साल का युवक, जिसकी 2 मासूम बेटियां हों, उसकी मौत पर तेरहवीं भोज कतई शोभा नहीं देता!
वैसे तो मैं इस प्रथा के ही खिलाफ हूँ लेकिन ऐसी असमय मौतों पर सबको ही इसके खिलाफ होना चाहिए!
पिछड़े,दलित तब तक दबे रहेंगे जब तक आपकी भागीदारी मीडिया और ज्यूडिशरी में नहीं बढ़ेगी।एलीट वर्ग इसी का दुरुपयोग करके आज तक राज कर रहा है।
यही सत्य है बाकी सब मिथ्या।
ऐसी बातें मनोरंजन के लिए, ठीक है
परंतु ब्राह्मण किसी को अछूत नहीं मानता।
लठैत बिरादरी में थोड़ी बुद्धि की कमी है
वैसे अछूत का जाति प्रमाण पत्र कौन बनवाता है?
राहुल गांधी का यह बयान केवल राजनीतिक हताशा नहीं, बल्कि भारत को अस्थिर करने की खतरनाक मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है। जब-जब देश वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ, भारत की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंची और दुनिया ने भारत के नेतृत्व को स्वीकार किया, तब-तब भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय ताक़तों ने देश को बदनाम करने का अभियान चलाया और कांग्रेस ने उनका साथ निभाया।
हाल के राज्य चुनावों में नगण्य रैलियाँ करके, उसी समय विदेशों में उस सैर सपाटा कर के बिना मेहनत चुनाव जीतने का ख़्वाब रखने के कारण राहुल गांधी लोकतांत्रिक चुनावों में लगातार हार रहे हैं।
अब कांग्रेस “अराजकता की राजनीति” पर उतर आई है। विदेशी धरती पर भारत की संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, देशविरोधी नैरेटिव को हवा देना और भारत में अस्थिरता की भविष्यवाणी करना, यह सब संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘टूलकिट राजनीति’ का हिस्सा है।
140 करोड़ देशवासी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एकजुट हैं। भारत की राष्ट्रवादी जनता कांग्रेस और ‘टूलकिट गैंग’ की हर साजिश का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देती रहेगी तथा INDI गठबंधन की भारत में आग लगाने की कोई भी साजिश कभी सफल नहीं होने देगी।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी व गृहमंत्री श्री @AmitShah जी को गद्दार कहने वालों का असली चरित्र हर भारतीय के सामने बेनक़ाब हो गया।
अब मैं देश के हर खुद्दार नागरिक से कहना चाहूँगा।
“कहनी है एक बात हमें,
इस देश के पहरेदारों से।
संभल के रहना अपने घर में,
छिपे हुए गद्दारों से ॥”
@Jeetuburdak सब ठीक है पर कन्हैया कुमार का हृदय परिवर्तन कब हो जाए कोई भरोसा नहीं आखिर वो एलीट वर्ग से है इसलिए टीवी पर उनकी तवज्जो ज्यादा दी जाती है।
समाचार समाप्त
“देश के हर राज्य से कांग्रेस के युवा चेहरे,
जो भविष्य की राजनीति बदलने का दम रखते हैं ”
राजस्थान - अभिषेक चौधरी
बिहार - कन्हैया कुमार
पंजाब - अमरिंदर सिंह
हरियाणा - दीपेंद्र सिंह हुड्डा
गुजरात - जिग्नेश मेवाणी
असम - गौरव गोगोई
मध्यप्रदेश - जीतू पटवारी
छत्तीसगढ़ - दीपक बैज
महाराष्ट्र - विश्वजीत कदम
केरल - रोजी एम जॉन
कर्नाटक - रक्षित शिवराम
तेलंगाना - रोहित चौधरी
जम्मू-कश्मीर - उदय भानु