Закреплённый твит

यमुना तट स्वच्छता अभियान 2026 या रील स्वच्छता अभियान?
यमुना तट स्वच्छता अभियान 2026 के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी अपने मंत्रियों के साथ सफाई करती दिखीं।
प्रतीकात्मक रूप से यह जनता को प्रेरित करने वाला कदम कहा जा सकता है।
लेकिन जमीन पर दृश्य कुछ और ही कहानी कह रहा था। चारों तरफ कैमरों की घेराबंदी थी और हर एंगल को कैद करने की होड़ लगी थी।
ऐसा लग रहा था कि सफाई का मकसद यमुना को साफ करना कम और रील को परफेक्ट बनाना ज्यादा है।
यही पैटर्न अब भाजपा के कई मुख्यमंत्रियों में दिखने लगा है। राजस्थान के भजनलाल शर्मा जी हों दिल्ली की रेखा गुप्ता जी हों या मध्य प्रदेश के मोहन यादव जी सब उसी शैली को अपनाते दिख रहे हैं जिसे नरेंद्र मोदी ने सालों पहले राजनीतिक ब्रांडिंग का हिस्सा बनाया था।
फर्क बस इतना है कि तब इसे अभियान कहा गया था और अब यह धीरे धीरे कंटेंट क्रिएशन में बदलता दिख रहा है।
जनता को सफाई चाहिए कैमरे नहीं क्योंकि नदी फोटोशूट से नहीं निरंतर मेहनत से साफ होती है।
अगर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इनके विभाग अच्छे से काम करें तो इनको सफाई अभियान चलाकर रील बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी सफाई अपने आप हो जाएगी।
स्वच्छ दिल्ली साफ दिल्ली हर दिल्ली वासी का सपना है।


हिन्दी









































