Ankit Mishra

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Ankit Mishra

Ankit Mishra

@asm042

⚖️ कानून सर्वोपरि अन्याय के खिलाफ बेखौफ आवाज

Pune, India Присоединился Mart 2013
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
👉 भदोही पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मेरा स्पष्ट जवाब: 1️⃣ यह कहना कि विशाल मिश्रा ने शैलेंद्र शुक्ला से 5 लाख रुपये लिए — ❗ यह पूरी तरह असत्य एवं निराधार है। 👉 विशाल मिश्रा के बैंक खाते में शैलेंद्र शुक्ला द्वारा कोई भी पैसा ट्रांसफर नहीं किया गया है। 👉 यदि ऐसा कोई लेन-देन हुआ है, तो उसका बैंक साक्ष्य सार्वजनिक किया जाए। 2️⃣ यदि किसी प्रकार का लेन-देन बताया जा रहा है, तो वह उनके पिताजी से संबंधित बताया जाता है, जो अब जीवित नहीं हैं — अतः यह विषय गंभीर जांच का विषय है। 👉 बिना लिखित समझौते के इसे जमीन का सौदा नहीं माना जा सकता। 3️⃣ हमारी या हमारे परिवार द्वारा किसी को भी खेत जोतने/देने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। 👉 हमारी गैरमौजूदगी में खेत में जाकर जोताई/बुवाई का वीडियो बनाकर भ्रामक स्थिति बनाई गई है। 👉 केवल खेत जोतने या वीडियो बनाने से किसी को जमीन का अधिकार नहीं मिल जाता। 4️⃣ दिनांक 20 मार्च की घटना में: 👉 मुझे जबरन पुलिस द्वारा उठाकर पहले चौकी सेमराध ले जाया गया 👉 वहाँ मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई 👉 इसके बाद थाना कोइरौना ले जाकर पूरे दिन बैठाकर रखा गया और मारपीट की गई 👉 राम नगिना यादव द्वारा पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी गई 5️⃣ पुलिस द्वारा यह कहना कि मैंने आधी फसल काट ली — 👉 यह भी भ्रामक और एकतरफा बयान है, क्योंकि मैं अपनी ही पैतृक जमीन पर फसल काट रहा था। 6️⃣ सबसे गंभीर बात: 👉 दूसरे पक्ष को छोड़ दिया गया और मेरे ऊपर झूठा/फर्जी चालान कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से एकतरफा कार्रवाई को दर्शाता है। ❗ स्पष्ट किया जाता है कि: 👉 हमारी पैतृक/साझी जमीन किसी को नहीं दी गई है 👉 कोई वैध दस्तावेज या एग्रीमेंट नहीं है 👉 केवल आरोप के आधार पर हमें दोषी ठहराना न्याय के विरुद्ध है 🙏 भदोही पुलिस से निवेदन: ✔ बैंक ट्रांजैक्शन सहित सभी साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं ✔ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ✔ झूठे आरोप एवं चालान को निरस्त किया जाए 📢 सत्य और साक्ष्य के आधार पर ही न्याय संभव है @bhadohipolice @Uppolice @myogiadityanath @CMOfficeUP @dmbhadohi #BhadohiPolice #UPPolice #Justice #TruthMatters #StopFalseCases #LandDispute
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
🚨 न्याय की गुहार 🚨 मैं अंकित मिश्रा (पुत्र अनूप कुमार मिश्रा), ग्राम सूर्यभानपुर, थाना कोइरौना, भदोही का निवासी हूँ। हमारी पैतृक/साझी जमीन पर कथित भू-माफिया शैलेंद्र शुक्ला द्वारा लगातार अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। ⚠️ अत्यंत गंभीर बात: 👉 ऐसा प्रतीत होता है कि सेमराध पुलिस चौकी के सब-इंस्पेक्टर संतोष सिंह द्वारा कथित भू-माफिया शैलेंद्र शुक्ला को खुलेआम संरक्षण/सहयोग दिया जा रहा है, जो कि अत्यंत गंभीर मामला है और उच्चस्तरीय जांच का विषय है। 📅 दिनांक 20 मार्च को जब मैं अपनी ही जमीन पर फसल काट रहा था, तब 👉 शैलेंद्र शुक्ला द्वारा 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली गई 👉 मुझे जबरन चौकी सेमराध ले जाया गया 👉 वहाँ मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई इसके बाद मुझे थाना कोइरौना ले जाया गया, जहाँ 👉 पूरे दिन बैठाकर रखा गया 👉 मारपीट की गई 👉 राम नगिना यादव द्वारा पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी गई ⚠️ चौंकाने वाली बात: 👉 आरोपी को छोड़ दिया गया 👉 मेरे ऊपर झूठा चालान कर दिया गया ❗ यह पूरा मामला दर्शाता है कि 👉 मेरी पैतृक जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है 👉 और इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है 🙏 प्रशासन से निवेदन: ✔ निष्पक्ष जांच हो ✔ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ✔ झूठा केस/चालान रद्द हो ✔ मुझे एवं मेरे परिवार को सुरक्षा दी जाए 📢 कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें #JusticeForMishraFamily #BhadohiPolice #UPPolice #StopLandMafia #भू_माफिया #पुलिस_मिलीभगत @bhadohipolice @Uppolice @myogiadityanath @CMOfficeUP @dmbhadohi
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
g{variant="social_post" id="27491"} 🚨 न्याय की गुहार 🚨 मैं अंकित मिश्रा (पुत्र अनूप कुमार मिश्रा), ग्राम सूर्यभानपुर, थाना कोइरौना, भदोही का निवासी हूँ। हमारी पैतृक/साझी जमीन पर कुछ लोग — कथित भू-माफिया शैलेंद्र शुक्ला, पिंकेश शुक्ला, विनय शुक्ला, विजय शुक्ला एवं अमित शुक्ला — जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। 📅 दिनांक 20 मार्च को जब मैं अपनी ही जमीन पर फसल काट रहा था, तब कथित भू-माफिया शैलेंद्र शुक्ला ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली, ताकि मुझे मेरी ही जमीन पर खेती करने से रोका जा सके। 👮‍♂️ इसके बाद पुलिस मुझे जबरन उठाकर पहले पुलिस चौकी सेमराध ले गई, जहाँ 👉 सब-इंस्पेक्टर संतोष सिंह एवं शैलेंद्र शुक्ला द्वारा मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई ➡️ इसके बाद मुझे थाना कोइरौना भेजा गया, जहाँ 👉 सुबह लगभग 7–8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक मुझे पूरा दिन बैठाकर रखा गया 👉 मेरे साथ मारपीट की गई 👉 राम नगिना यादव द्वारा पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी गई ⚠️ अत्यंत गंभीर बात: 👉 ऐसा प्रतीत होता है कि थाना कोइरौना पुलिस (सब-इंस्पेक्टर संतोष सिंह, चौकी सेमराध) एवं राम नगिना यादव द्वारा कथित भू-माफियाओं को खुला संरक्षण/सहयोग दिया जा रहा है, जो कि जांच का विषय है ⚠️ चौंकाने वाली सच्चाई: 👉 आरोपी को छोड़ दिया गया 👉 मेरे ऊपर झूठा/फर्जी चालान कर दिया गया 👉 मुझे फर्जी केस में फंसाने की पुलिस द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है 📞 इससे पहले 3 बार 100 नंबर पर कॉल करने पर दोनों पक्षों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन इस बार साफ तौर पर एकतरफा कार्रवाई की गई। ❗ इससे साफ प्रतीत होता है कि हमारी पैतृक जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है और इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। 🙏 मेरी सरकार और प्रशासन से विनम्र अपील: ✔ निष्पक्ष जांच हो ✔ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ✔ झूठा चालान/केस रद्द हो ✔ मुझे एवं मेरे परिवार को सुरक्षा दी जाए 👉 “ऐसा प्रतीत होता है कि थाना कोइरौना पुलिस द्वारा भू-माफियाओं को खुला संरक्षण/सहयोग दिया जा रहा है, जो गंभीर जांच का विषय है।” 📢 कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हमें न्याय मिल सके #JusticeForMishraFamily #Bhadohi #UPPolice #LandDispute #StopCorruption #SaveFarmers #StopLandMafia #BhuMafia #LandMafia #JusticeForMishraFamily #SaveFarmers #StopCorruption #UPPolice #Bhadohi #भू_माफिया #जमीन_हड़पना #किसान_को_न्याय #भदोही #पुलिस_मिलीभगत #StopLandMafia #JusticeForMishraFamily #UPPolice #BhuMafia #SaveFarmers #StopCorruption #भू_माफिया #पुलिस_मिलीभगत #Bhadohi @bhadohipolice @Uppolice @myogiadityanath @CMOfficeUP @dmbhadohi
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
आपकी अंतिम पंक्ति बहुत गहरा संदेश देती है। सच यही है कि इंसान को बुद्धि और विवेक इसलिए मिला है कि वह जानवरों से बेहतर कर्म करे, लेकिन जब वही इंसान लालच, अहंकार और स्वार्थ में अंधा हो जाता है तो उसके कर्म सच में जानवरों से भी बदतर दिखाई देते हैं। शायद इसलिए संतों ने कहा है — इंसान बनना आसान है, इंसानियत निभाना कठिन।
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Ramesh Tiwari
Ramesh Tiwari@rameshofficial0·
@asm042 भाई इंसान सही है तभी धरती टिकी है मगर गलत वाले ज्यादा है 🙏 अंतिम लाइन के बारे में आप का क्या विचार है 🙏
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Ramesh Tiwari
Ramesh Tiwari@rameshofficial0·
🚨 इंसान से बेहतर धरती पर हर वो चीज है जिसे ईश्वर ने बनाया : पसंद आएगा तो आगे लिखूंगा 🙏 जब ईश्वर ने सब का निर्माण किया उसके बाद उसे लगा कुछ कमी है , क्यों कि ये सब तो कोई नुकसान ही नहीं कर रहे , काफी सोच विचार कर उन्होंने चार पैरों वाले जानवर की तर्ज पर एक जानवर और बनाया जिसे हम सब इन्सान कहते है : आए अब इस इंसान के कारनामे जानते है : एक नंबर का मतलबी : इंसान धरती पर जन्मा ऐसा प्राणी है जो एक नम्बर का मतलबी है निर्दयी : चूंकि दिमाक है सोच सकता है निर्दयता करता है उसे पता है ये गलत है फिर भी वोही काम करता है अपने मतलब के लिए नियम बनाए : कानून का सहारा : उसने कानून नियम ऐसे बनाए गरीबों को कानून का सहारा नहीं मिलता अमीर पैसे वालों पर लागू नहीं होता कट्टरता : कट्टरता कूट कूट कर भरी है कोई धमाके कर के मारता है कोई अपना बना कर धोखा दे कर मारता है बस यही इंसान की फितरत है बकरा भी यही सोचता है कटने से पहले जानवर और इंसान में अंतर : जानवर की फितरत है कि वो एक लाइन में चलता है मांसाहारी है वो शाकाहारी नहीं हो सकता शाकाहारी जानवर कभी मांस नहीं खा सकता इंसानों पे ये नियम लागू नहीं इंसान : धरती पर सब से मतलबी कठोर और निर्दयी प्राणी है असल में ये बना इंसान है कर्म जानवरों से भी बदतर करता है
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
मैं @bhadohipolice से पूछना चाहता हूँ कि मेरे द्वारा वीडियो सहित सभी तथ्यात्मक प्रमाण देने के बावजूद इस मामले में कार्रवाई करने में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या कारण है कि अब तक भू-माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया? क्या भदोही पुलिस भी कहीं न कहीं इन लोगों को संरक्षण दे रही है? मैं प्रशासन को यह भी अवगत कराना चाहता हूँ कि Pinkesh Shukla और उनके परिवार पर पहले भी गांव के कई गरीब किसानों की जमीन हड़पने के आरोप लगते रहे हैं। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो कई और पीड़ितों के मामले सामने आ सकते हैं। अतः माननीय @myogiadityanath जी, @Uppolice, @dgpup, @adgzonevaranasi, @dmBhadohi और @bhadohipolice से निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि गरीब किसानों को न्याय मिल सके।
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
भदोही पुलिस का यह जवाब अत्यंत आश्चर्यजनक है। मैं पहले ही Google Pay ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट और फसल काटे जाने का वीडियो प्रमाण के रूप में सार्वजनिक कर चुका हूँ, जिससे स्पष्ट होता है कि 1️⃣ पैसा शैलेन्द्र शुक्ला से नहीं बल्कि पिंकेश शुक्ला के खाते से मेरे स्वर्गीय पिता अनुप कुमार मिश्रा के खाते में ट्रांसफर हुआ था। 2️⃣ Google Pay ट्रांजेक्शन में “Given as a Loan” लिखा है, इसलिए यह भी जांच का विषय है कि क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास मनी लेंडिंग का वैध लाइसेंस है या नहीं। 3️⃣ भदोही पुलिस ने कहा कि सरसों की फसल मेरे द्वारा काटी गई, जबकि मैंने जो वीडियो पोस्ट किया है उसमें साफ दिखाई देता है कि फसल पिंकेश शुक्ला के परिवार द्वारा काटी जा रही है। सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि जब निष्पक्ष जांच ही नहीं हुई और पिंकेश शुक्ला से एक बार भी पूछताछ नहीं की गई, तो भदोही पुलिस मुझे ही गलत कैसे बता रही है? मैं पुनः अनुरोध करता हूँ कि पिंकेश शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। @myogiadityanath @CMOfficeUP @Uppolice @dgpup @dm_bhadohi @adgzonevaranasi @digvaranasi
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
माननीय मुख्यमंत्री महोदय, जय श्री राम। मैं विशाल मिश्रा, ग्राम सूर्यभानपुर, थाना कोइरौना, जनपद भदोही का निवासी हूँ। हमारे परिवार की गांव में पुस्तैनी कृषि भूमि है, जिस पर पिंकेश शुक्ला और उसका परिवार जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। कोविड के समय मेरी माताजी गंभीर रूप से बीमार थीं और उनका ऑपरेशन होना था। उसी आपात स्थिति में मेरे स्वर्गीय पिताजी अनुप कुमार मिश्रा ने इलाज के लिए मजबूरी में पिंकेश शुक्ला से कुछ पैसे 3% ब्याज पर लिए थे और बदले में सोने के गहने गिरवी रखे थे। मेरे पिताजी और माताजी अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए यह लेन-देन आपसी विश्वास पर हुआ और कोई लिखित कानूनी दस्तावेज या एग्रीमेंट नहीं बनाया गया। इस लेन-देन की जानकारी केवल मेरी माताजी को थी। उस समय मैं रोजगार के कारण पुणे में था, इसलिए मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मेरे पिताजी के निधन के बाद ही हमें इसका पता चला जब पिंकेश शुक्ला और उसके परिवार के लोग पैसे की मांग करने लगे। अब पिंकेश शुक्ला यह कह रहा है कि उसके पास कोई सोने के गहने नहीं रखे गए थे, जबकि वास्तविकता यह है कि मेरे पिता द्वारा दिए गए वही गहने उसके पास गिरवी रखे गए थे, जिनसे लिए गए पैसे की भरपाई संभव है। पिंकेश शुक्ला द्वारा Google Pay के माध्यम से पैसा भेजा गया था, जिसमें Remark में “Given as a Loan” लिखा हुआ है। मैं उसका स्क्रीनशॉट भी पोस्ट कर रहा हूँ, जिससे स्पष्ट है कि पैसा पिंकेश शुक्ला के खाते से मेरे स्वर्गीय पिता अनुप कुमार मिश्रा के खाते में ट्रांसफर हुआ था। यदि यह वास्तव में Loan था, तो यह भी जांच का विषय है कि क्या पिंकेश शुक्ला या उसके परिवार के पास लोगों को ऋण देने का वैध मनी लेंडिंग लाइसेंस है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में उनके द्वारा बिना लाइसेंस के अवैध मनी लेंडिंग का कार्य किया जाता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। इसके बावजूद अब पिंकेश शुक्ला और उसका परिवार हमारी पुस्तैनी जमीन पर झूठा दावा कर रहा है और हमारी जमीन की सरसों की फसल जबरन कटवा रहा है। जब मैं उन्हें रोकने गया तो विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू और बचन शुक्ला ने मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की, मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना डायल-112 पर दी गई थी। मैं उस घटना का वीडियो भी पोस्ट कर रहा हूँ, जिसमें स्पष्ट दिखाई देता है कि पिंकेश शुक्ला के परिवार के लोग ही हमारी सरसों की फसल काट रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि भदोही पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह कहा गया कि फसल मेरे द्वारा काटी गई है, जबकि वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि फसल पिंकेश शुक्ला के परिवार द्वारा काटी जा रही है। इसी प्रकार भदोही पुलिस के ट्विटर हैंडल से यह भी कहा गया कि विशाल मिश्रा ने शैलेन्द्र शुक्ला से पैसा लिया है, जबकि वास्तविकता यह है कि पैसा पिंकेश शुक्ला के खाते से मेरे स्वर्गीय पिता अनुप कुमार मिश्रा के खाते में ट्रांसफर हुआ था, जिसका प्रमाण Google Pay ट्रांजेक्शन में मौजूद है। मैं Google Pay का स्क्रीनशॉट और फसल काटने का वीडियो सार्वजनिक कर रहा हूँ, जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि लेन-देन किनके बीच हुआ और फसल किसके द्वारा काटी गई। जब इस मामले में अभी तक कोई निष्पक्ष जांच ही नहीं हुई है, तो भदोही पुलिस द्वारा हमें गलत क्यों बताया जा रहा है, जबकि मैं इसके स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत कर रहा हूँ। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि अब तक पिंकेश शुक्ला से इस मामले में एक बार भी पूछताछ नहीं की गई है। निष्पक्ष जांच के लिए पिंकेश शुक्ला को बुलाकर उनसे विधिवत पूछताछ की जानी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। गांव में यह भी चर्चा है कि पिंकेश शुक्ला इसी प्रकार कई गरीब किसानों को पैसे देकर उनकी मजबूरी का फायदा उठाता रहा है और उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करता रहा है, बल्कि कई मामलों में किसानों की जमीन पर कब्जा भी कर चुका है। ग्रामीणों के अनुसार अमित शुक्ला उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, इसलिए यह भी संदेह है कि कहीं उनके प्रभाव के कारण स्थानीय पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। अतः आपसे निवेदन है कि •इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उच्च अधिकारियों से कराई जाए, •पिंकेश शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए, •हमारी पुस्तैनी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को तुरंत रोका जाए, •दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, •तथा हमारे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रार्थी विशाल मिश्रा मोबाइल: 9156385685 8446688226 @myogiadityanath @CMOfficeUP @UPGovt @Uppolice @dgpup @adgzonevaranasi @digvaranasi @dm_bhadohi @bhadohipolice @PMOIndia @narendramodi @AmitShah @aajtak @ABPNews @ndtvindia
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
ing{variant="social_post" id="59384"} भदोही पुलिस से मेरा सीधा प्रश्न है कि आपने जो जानकारी सार्वजनिक की है वह किस अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर आधारित है? कृपया संबंधित जांच अधिकारी (IO) का नाम, पद और जांच की तारीख सार्वजनिक करें। मैंने इस घटना से संबंधित **वीडियो प्रमाण पहले ही अपने X (Twitter) पर पोस्ट कर दिया *, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि मेरी फसल जबरन कटवाई जा रही है। बिना निष्पक्ष जांच के इस प्रकार एक पक्षीय बयान देना क्या उचित है? कृपया निष्पक्ष जांच कर सत्य सामने लाया जाए। @myogiadityanath @CMOfficeUP @Uppolice @dgpup @adgzonevaranasi @dm_bhadohi
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BHADOHI POLICE
BHADOHI POLICE@bhadohipolice·
आवेदक विशाल मिश्रा पुत्र स्व0 अनूप मिश्रा निवासी तुलसीपट्टी थाना कोईरौना जनपद भदोही ने शैलेश शुक्ला से 05 लाख रुपए ऑनलाइन लिया गया था, उस पैसे के एवज में अपना खेत जोतने हेतु दिया गया था, जिसमें शैलेंद्र शुक्ला सरसों बोये थें। दिनांक 09.03.2026 को पैसे के विवाद में दोनों पक्षों को 170/126/135 BNSS में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आवेदक द्वारा स्वयं खेत की आधी सरसों काट लिया गया है। शैलेश शुक्ला से लिया गया पैसा वापस नहीं करने की मंसा से आरोप लगाया जा रहा है। अतः लगाए गए आरोप असत्य व निराधार है।
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Ankit Mishra@asm042·
यदि पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार द्वारा मेरे स्वर्गीय पिताजी को पैसा दिया गया था, तो उसके संबंध में कोई लिखित दस्तावेज, एग्रीमेंट या स्पष्ट प्रमाण उनके पास होना चाहिए कि पैसा किस उद्देश्य से दिया गया था और किन शर्तों पर दिया गया था। केवल बैंक ट्रांजेक्शन होने से यह साबित नहीं हो जाता कि पैसा किस आधार पर दिया गया था। किसी भी लेन-देन के लिए लिखित समझौता या दस्तावेज होना आवश्यक होता है। यदि यह पैसा ऋण (Loan) के रूप में दिया गया था, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास ब्याज पर पैसा देने का वैध लाइसेंस (Money Lending License) है। बिना किसी लिखित समझौते और कानूनी दस्तावेज के हमारी पुस्तैनी जमीन पर दावा करना या फसल कटवाना पूरी तरह गलत और अवैध है। अतः निवेदन है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए।
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BHADOHI POLICE
BHADOHI POLICE@bhadohipolice·
आवेदक विशाल मिश्रा पुत्र स्व0 अनूप मिश्रा निवासी तुलसीपट्टी थाना कोईरौना जनपद भदोही ने शैलेश शुक्ला से 05 लाख रुपए ऑनलाइन लिया गया था, उस पैसे के एवज में अपना खेत जोतने हेतु दिया गया था, जिसमें शैलेंद्र शुक्ला सरसों बोये थें। दिनांक 09.03.2026 को पैसे के विवाद में दोनों पक्षों को 170/126/135 BNSS में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आवेदक द्वारा स्वयं खेत की आधी सरसों काट लिया गया है। शैलेश शुक्ला से लिया गया पैसा वापस नहीं करने की मंसा से आरोप लगाया जा रहा है। अतः लगाए गए आरोप असत्य व निराधार है।
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
Subject: भदोही जनपद में पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, फसल कटवाने से रोकने एवं जान से मारने की धमकी के संबंध में शिकायत माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विशाल मिश्रा, निवासी ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार, थाना – कोइरौना, जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) का स्थायी निवासी हूँ। वर्तमान में मैं अपने परिवार के साथ रोजगार के कारण पुणे (महाराष्ट्र) में रहता हूँ। महोदय, हमारे गांव में स्थित पुस्तैनी कृषि भूमि हमारे परिवार की पैतृक संपत्ति है, जिसके वैध अधिकारधारी अतुल मिश्रा, मनोज मिश्रा, अमित मिश्रा, स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा, श्रीमती पवनलाली मिश्रा, अंकित मिश्रा तथा विशाल मिश्रा हैं। स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा की पत्नी श्रीमती पवनलाली मिश्रा तथा उनके पुत्र अंकित मिश्रा और विशाल मिश्रा उनके वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, इसलिए उक्त पुस्तैनी भूमि पर उनका भी पूर्ण अधिकार है। महोदय, हमारे गांव का निवासी पिंकेश शुक्ला तथा उसका परिवार (विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू, विनय शुक्ला (बच्चन) तथा अमित शुक्ला) गांव में अवैध रूप से ब्याज पर पैसा देने (सूदखोरी) का काम करते हैं और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करते रहते हैं। यह भी अवगत कराना है कि पिंकेश शुक्ला भारतीय सेना में कार्यरत है तथा उसका भाई अमित शुक्ला उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। ये लोग अपनी नौकरी और प्रभाव का डर दिखाकर गांव में लोगों को धमकाते हैं। पूर्व में हमारे पिता स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा ने पिंकेश शुक्ला से कुछ धनराशि ब्याज पर ली थी, जो Google Pay के माध्यम से भेजी गई थी और उसमें स्पष्ट रूप से “Loan” लिखा हुआ है। इसके बदले कुछ सोने के गहने गिरवी रखे गए थे जो अभी भी उनके पास हैं। इसके बावजूद अब वे लोग झूठा आरोप लगा रहे हैं कि यह पैसा खेत खरीदने के लिए दिया गया था, जबकि हमारे पिता द्वारा कभी भी किसी प्रकार का बैनामा, रजिस्ट्री या लिखित समझौता नहीं किया गया है। महोदय, हमारी पुस्तैनी जमीन पर सरसों की फसल बोई गई थी, लेकिन हमारी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिंकेश शुक्ला ने अपने परिवार के लोगों विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू और विनय शुक्ला (बच्चन) को भेजकर जबरन हमारी फसल कटवाने की कोशिश की। वर्तमान समय में भी भूमाफियाओं के परिवार द्वारा मेरे खेत की जबरन कटाई की जा रही है, जिसका वीडियो प्रमाण मैं आपको इस मेल के माध्यम से भेज रहा हूँ। जब मैं उन्हें रोकने के लिए खेत पर गया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की, मेरा गला दबाया, मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मेरा हेडफोन तोड़ दिया। जब मैंने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। स्थिति गंभीर होने पर मैंने डायल-112 पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाना कोइरौना लेकर गई, लेकिन वहां भी आरोपी पक्ष का व्यवहार आक्रामक और धमकी भरा रहा। वहां शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि “हमारी पहचान बहुत ऊपर तक है, हमारा भाई पुलिस में है, तुम लोग हमारा कुछ नहीं कर सकते।” महोदय, हम अपना काम-धंधा छोड़कर पुणे से गांव आए हैं, ताकि अपनी पुस्तैनी जमीन की फसल काट सकें, लेकिन हमें हमारी ही जमीन की फसल काटने से रोका जा रहा है। डायल-112 पुलिस द्वारा उस समय स्थिति को देखते हुए हमें फसल काटने से मना किया गया था, इसलिए हमने कानून का सम्मान करते हुए फसल नहीं काटी। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पिंकेश शुक्ला और अमित शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही निवेदन है कि हमें हमारी पुस्तैनी जमीन की फसल पुलिस की मौजूदगी में कटवाने की अनुमति एवं सहायता प्रदान की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति हमें अवैध रूप से रोक न सके। यदि मुझे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की हानि होती है, तो उसके लिए उपरोक्त सभी व्यक्ति पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। आपसे निवेदन है कि इस मामले में उचित कार्यवाही कर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें। धन्यवाद। भवदीय विशाल मिश्रा मोबाइल:9156385685 8446688226 पता: ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार थाना – कोइरौना जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) @myogiadityanath @CMOfficeUP @UPGovt @Uppolice @dgpup @ADGZonVaranasi @igrangevns @bhadohipolice
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
भदोही पुलिस द्वारा यह कहा गया है कि फसल मेरे द्वारा काटी गई है, जबकि मेरे द्वारा साझा किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि फसल पिंकेश शुक्ला के परिवार के लोगों द्वारा जबरन काटी जा रही है। हमने कभी भी पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को हमारे खेत में जोतने, बोने या फसल काटने की अनुमति नहीं दी है और न ही इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक समझौता हुआ है। ऐसी स्थिति में यह कहना कि फसल मेरे द्वारा काटी गई है, उपलब्ध वीडियो और वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाता। मैंने सुबह ही इस संबंध में अपना पक्ष और प्रमाण प्रस्तुत किया है, लेकिन अभी तक भदोही पुलिस की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है, जिसका मैं इंतजार कर रहा हूँ। अतः निवेदन है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य प्रमाणों के आधार पर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। मेरे पास पूरे घटनाक्रम के वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण सुरक्षित हैं। @Uppolice @dgpup @CMOfficeUP @myogiadityanath @UPGovt @bhadohipolice “वीडियो प्रमाण संलग्न है जिसमें स्पष्ट रूप से शुक्ला परिवार के लोग फसल काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।”
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
भदोही पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी एकतरफा प्रतीत हो रही है, इसलिए पूरे मामले की सच्चाई सामने रखना आवश्यक है। सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जिस पैसे की बात की जा रही है, वह शैलेंद्र शुक्ला से नहीं बल्कि उनके भाई पिंकेश शुक्ला के बैंक अकाउंट से मेरे स्वर्गीय पिता को दिया गया था। बैंक ट्रांजेक्शन में खुद “Given as a Loan” लिखा गया है। इससे यह साफ है कि पैसा ऋण (Loan) के रूप में दिया गया था। अब मेरा भदोही पुलिस और प्रशासन से एक महत्वपूर्ण सवाल है: क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास ब्याज पर पैसा देने का कोई वैध लाइसेंस (Money Lending License) है? अगर उनके पास ऐसा कोई लाइसेंस नहीं है, तो वे किस कानूनी अधिकार के आधार पर लोगों को ब्याज पर पैसा दे रहे हैं? क्योंकि बिना लाइसेंस के ब्याज पर पैसा देना अवैध सूदखोरी की श्रेणी में आता है, जिसकी जांच होना भी जरूरी है। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि: क्या बिना किसी लिखित समझौते (लिखापढ़ी) के कोई व्यक्ति किसी दूसरे की जमीन पर खेती कर सकता है? क्या बिना जमीन मालिक की अनुमति के कोई व्यक्ति किसी के खेत को जोत-बो सकता है या फसल काट सकता है? जिस खेत की बात की जा रही है वह हमारी पुस्तैनी जमीन है, और उस जमीन पर बिना हमारी अनुमति के खेती करना या कब्जा करने की कोशिश करना पूरी तरह अवैध है। मेरे स्वर्गीय पिता ने मजबूरी में अपना सोना गिरवी रखकर पैसा लिया था, लेकिन इस पूरे लेन-देन में कोई लिखित एग्रीमेंट, रजिस्ट्री या कानूनी दस्तावेज नहीं है, जिससे किसी को हमारी जमीन या फसल पर अधिकार मिल सके। इसके बावजूद शैलेंद्र शुक्ला और उनके लोग जबरन हमारी जमीन पर कब्जा करने और फसल कटवाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। पूरे घटनाक्रम के वीडियो और अन्य प्रमाण मेरे पास सुरक्षित हैं, जो सच्चाई को स्पष्ट करते हैं। अतः भदोही पुलिस और प्रशासन से निवेदन है कि मामले को एकतरफा न देखकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, और यह भी जांच की जाए कि: • क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास ब्याज पर पैसा देने का लाइसेंस है • किस आधार पर हमारी पुस्तैनी जमीन पर दावा किया जा रहा है • और बिना जमीन मालिक की अनुमति के खेत में खेती कैसे की जा रही है मुझे विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई अवश्य सामने आएगी। •@Uppolice@bhadohipolice@dgpup@adgzonevaranasi@igrangevns@myogiadityanath (मुख्यमंत्री) •@CMOfficeUP@UPGovt @dm_bhadohi (District Magistrate) •@aajtak@ABPNews@News18India@ZeeNews@ndtv@Kisanektamorcha@ANI
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Ankit Mishra@asm042·
भदोही पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी एकतरफा प्रतीत हो रही है, इसलिए पूरे मामले की सच्चाई सामने रखना आवश्यक है। सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जिस पैसे की बात की जा रही है, वह शैलेंद्र शुक्ला से नहीं बल्कि उनके भाई पिंकेश शुक्ला के बैंक अकाउंट से मेरे स्वर्गीय पिता को दिया गया था। बैंक ट्रांजेक्शन में खुद “Given as a Loan” लिखा गया है। इससे यह साफ है कि पैसा ऋण (Loan) के रूप में दिया गया था। अब मेरा भदोही पुलिस और प्रशासन से एक महत्वपूर्ण सवाल है: क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास ब्याज पर पैसा देने का कोई वैध लाइसेंस (Money Lending License) है? अगर उनके पास ऐसा कोई लाइसेंस नहीं है, तो वे किस कानूनी अधिकार के आधार पर लोगों को ब्याज पर पैसा दे रहे हैं? क्योंकि बिना लाइसेंस के ब्याज पर पैसा देना अवैध सूदखोरी की श्रेणी में आता है, जिसकी जांच होना भी जरूरी है। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि: क्या बिना किसी लिखित समझौते (लिखापढ़ी) के कोई व्यक्ति किसी दूसरे की जमीन पर खेती कर सकता है? क्या बिना जमीन मालिक की अनुमति के कोई व्यक्ति किसी के खेत को जोत-बो सकता है या फसल काट सकता है? जिस खेत की बात की जा रही है वह हमारी पुस्तैनी जमीन है, और उस जमीन पर बिना हमारी अनुमति के खेती करना या कब्जा करने की कोशिश करना पूरी तरह अवैध है। मेरे स्वर्गीय पिता ने मजबूरी में अपना सोना गिरवी रखकर पैसा लिया था, लेकिन इस पूरे लेन-देन में कोई लिखित एग्रीमेंट, रजिस्ट्री या कानूनी दस्तावेज नहीं है, जिससे किसी को हमारी जमीन या फसल पर अधिकार मिल सके। इसके बावजूद शैलेंद्र शुक्ला और उनके लोग जबरन हमारी जमीन पर कब्जा करने और फसल कटवाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। पूरे घटनाक्रम के वीडियो और अन्य प्रमाण मेरे पास सुरक्षित हैं, जो सच्चाई को स्पष्ट करते हैं। अतः भदोही पुलिस और प्रशासन से निवेदन है कि मामले को एकतरफा न देखकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, और यह भी जांच की जाए कि: • क्या पिंकेश शुक्ला या उनके परिवार के पास ब्याज पर पैसा देने का लाइसेंस है • किस आधार पर हमारी पुस्तैनी जमीन पर दावा किया जा रहा है • और बिना जमीन मालिक की अनुमति के खेत में खेती कैसे की जा रही है मुझे विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई अवश्य सामने आएगी।
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Ankit Mishra@asm042·
Subject: भदोही जनपद में पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, फसल कटवाने से रोकने एवं जान से मारने की धमकी के संबंध में शिकायत माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विशाल मिश्रा, निवासी ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार, थाना – कोइरौना, जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) का स्थायी निवासी हूँ। वर्तमान में मैं अपने परिवार के साथ रोजगार के कारण पुणे (महाराष्ट्र) में रहता हूँ। महोदय, हमारे गांव में स्थित पुस्तैनी कृषि भूमि हमारे परिवार की पैतृक संपत्ति है, जिसके वैध अधिकारधारी अतुल मिश्रा, मनोज मिश्रा, अमित मिश्रा, स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा, श्रीमती पवनलाली मिश्रा, अंकित मिश्रा तथा विशाल मिश्रा हैं। स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा की पत्नी श्रीमती पवनलाली मिश्रा तथा उनके पुत्र अंकित मिश्रा और विशाल मिश्रा उनके वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, इसलिए उक्त पुस्तैनी भूमि पर उनका भी पूर्ण अधिकार है। महोदय, हमारे गांव का निवासी पिंकेश शुक्ला तथा उसका परिवार (विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू, विनय शुक्ला (बच्चन) तथा अमित शुक्ला) गांव में अवैध रूप से ब्याज पर पैसा देने (सूदखोरी) का काम करते हैं और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करते रहते हैं। यह भी अवगत कराना है कि पिंकेश शुक्ला भारतीय सेना में कार्यरत है तथा उसका भाई अमित शुक्ला उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। ये लोग अपनी नौकरी और प्रभाव का डर दिखाकर गांव में लोगों को धमकाते हैं। पूर्व में हमारे पिता स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा ने पिंकेश शुक्ला से कुछ धनराशि ब्याज पर ली थी, जो Google Pay के माध्यम से भेजी गई थी और उसमें स्पष्ट रूप से “Loan” लिखा हुआ है। इसके बदले कुछ सोने के गहने गिरवी रखे गए थे जो अभी भी उनके पास हैं। इसके बावजूद अब वे लोग झूठा आरोप लगा रहे हैं कि यह पैसा खेत खरीदने के लिए दिया गया था, जबकि हमारे पिता द्वारा कभी भी किसी प्रकार का बैनामा, रजिस्ट्री या लिखित समझौता नहीं किया गया है। महोदय, हमारी पुस्तैनी जमीन पर सरसों की फसल बोई गई थी, लेकिन हमारी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिंकेश शुक्ला ने अपने परिवार के लोगों विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू और विनय शुक्ला (बच्चन) को भेजकर जबरन हमारी फसल कटवाने की कोशिश की। वर्तमान समय में भी भूमाफियाओं के परिवार द्वारा मेरे खेत की जबरन कटाई की जा रही है, जिसका वीडियो प्रमाण मैं आपको इस मेल के माध्यम से भेज रहा हूँ। जब मैं उन्हें रोकने के लिए खेत पर गया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की, मेरा गला दबाया, मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मेरा हेडफोन तोड़ दिया। जब मैंने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। स्थिति गंभीर होने पर मैंने डायल-112 पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाना कोइरौना लेकर गई, लेकिन वहां भी आरोपी पक्ष का व्यवहार आक्रामक और धमकी भरा रहा। वहां शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि “हमारी पहचान बहुत ऊपर तक है, हमारा भाई पुलिस में है, तुम लोग हमारा कुछ नहीं कर सकते।” महोदय, हम अपना काम-धंधा छोड़कर पुणे से गांव आए हैं, ताकि अपनी पुस्तैनी जमीन की फसल काट सकें, लेकिन हमें हमारी ही जमीन की फसल काटने से रोका जा रहा है। डायल-112 पुलिस द्वारा उस समय स्थिति को देखते हुए हमें फसल काटने से मना किया गया था, इसलिए हमने कानून का सम्मान करते हुए फसल नहीं काटी। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पिंकेश शुक्ला और अमित शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही निवेदन है कि हमें हमारी पुस्तैनी जमीन की फसल पुलिस की मौजूदगी में कटवाने की अनुमति एवं सहायता प्रदान की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति हमें अवैध रूप से रोक न सके। यदि मुझे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की हानि होती है, तो उसके लिए उपरोक्त सभी व्यक्ति पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। आपसे निवेदन है कि इस मामले में उचित कार्यवाही कर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें। धन्यवाद। भवदीय विशाल मिश्रा मोबाइल:9156385685 8446688226 पता: ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार थाना – कोइरौना जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) @myogiadityanath @CMOfficeUP @UPGovt @Uppolice @dgpup @ADGZonVaranasi @igrangevns @bhadohipolice
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Ankit Mishra@asm042·
@myogiadityanath @CMOfficeUP @UPGovt @Uppolice @dgpup @ADGZonVaranasi @igrangevns @bhadohipolice Subject: भदोही जनपद में पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, फसल कटवाने से रोकने एवं जान से मारने की धमकी के संबंध में शिकायत माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विशाल मिश्रा, निवासी ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार, थाना – कोइरौना, जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) का स्थायी निवासी हूँ। वर्तमान में मैं अपने परिवार के साथ रोजगार के कारण पुणे (महाराष्ट्र) में रहता हूँ। महोदय, हमारे गांव में स्थित पुस्तैनी कृषि भूमि हमारे परिवार की पैतृक संपत्ति है, जिसके वैध अधिकारधारी अतुल मिश्रा, मनोज मिश्रा, अमित मिश्रा, स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा, श्रीमती पवनलाली मिश्रा, अंकित मिश्रा तथा विशाल मिश्रा हैं। स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा की पत्नी श्रीमती पवनलाली मिश्रा तथा उनके पुत्र अंकित मिश्रा और विशाल मिश्रा उनके वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, इसलिए उक्त पुस्तैनी भूमि पर उनका भी पूर्ण अधिकार है। महोदय, हमारे गांव का निवासी पिंकेश शुक्ला तथा उसका परिवार (विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू, विनय शुक्ला (बच्चन) तथा अमित शुक्ला) गांव में अवैध रूप से ब्याज पर पैसा देने (सूदखोरी) का काम करते हैं और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करते रहते हैं। यह भी अवगत कराना है कि पिंकेश शुक्ला भारतीय सेना में कार्यरत है तथा उसका भाई अमित शुक्ला उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। ये लोग अपनी नौकरी और प्रभाव का डर दिखाकर गांव में लोगों को धमकाते हैं। पूर्व में हमारे पिता स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा ने पिंकेश शुक्ला से कुछ धनराशि ब्याज पर ली थी, जो Google Pay के माध्यम से भेजी गई थी और उसमें स्पष्ट रूप से “Loan” लिखा हुआ है। इसके बदले कुछ सोने के गहने गिरवी रखे गए थे जो अभी भी उनके पास हैं। इसके बावजूद अब वे लोग झूठा आरोप लगा रहे हैं कि यह पैसा खेत खरीदने के लिए दिया गया था, जबकि हमारे पिता द्वारा कभी भी किसी प्रकार का बैनामा, रजिस्ट्री या लिखित समझौता नहीं किया गया है। महोदय, हमारी पुस्तैनी जमीन पर सरसों की फसल बोई गई थी, लेकिन हमारी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिंकेश शुक्ला ने अपने परिवार के लोगों विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू और विनय शुक्ला (बच्चन) को भेजकर जबरन हमारी फसल कटवाने की कोशिश की। वर्तमान समय में भी भूमाफियाओं के परिवार द्वारा मेरे खेत की जबरन कटाई की जा रही है, जिसका वीडियो प्रमाण मैं आपको इस मेल के माध्यम से भेज रहा हूँ। जब मैं उन्हें रोकने के लिए खेत पर गया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की, मेरा गला दबाया, मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मेरा हेडफोन तोड़ दिया। जब मैंने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। स्थिति गंभीर होने पर मैंने डायल-112 पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाना कोइरौना लेकर गई, लेकिन वहां भी आरोपी पक्ष का व्यवहार आक्रामक और धमकी भरा रहा। वहां शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि “हमारी पहचान बहुत ऊपर तक है, हमारा भाई पुलिस में है, तुम लोग हमारा कुछ नहीं कर सकते।” महोदय, हम अपना काम-धंधा छोड़कर पुणे से गांव आए हैं, ताकि अपनी पुस्तैनी जमीन की फसल काट सकें, लेकिन हमें हमारी ही जमीन की फसल काटने से रोका जा रहा है। डायल-112 पुलिस द्वारा उस समय स्थिति को देखते हुए हमें फसल काटने से मना किया गया था, इसलिए हमने कानून का सम्मान करते हुए फसल नहीं काटी। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पिंकेश शुक्ला और अमित शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही निवेदन है कि हमें हमारी पुस्तैनी जमीन की फसल पुलिस की मौजूदगी में कटवाने की अनुमति एवं सहायता प्रदान की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति हमें अवैध रूप से रोक न सके। यदि मुझे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की हानि होती है, तो उसके लिए उपरोक्त सभी व्यक्ति पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। आपसे निवेदन है कि इस मामले में उचित कार्यवाही कर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें। धन्यवाद। भवदीय विशाल मिश्रा मोबाइल:9156385685 8446688226 पता: ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार थाना – कोइरौना जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश)
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Ankit Mishra
Ankit Mishra@asm042·
@myogiadityanath – मुख्यमंत्री •@UPGovt – उत्तर प्रदेश सरकार •@CMOfficeUP – CM Office •@Uppolice – उत्तर प्रदेश पुलिस •@dgpup – DGP उत्तर प्रदेश •@ADGZonVaranasi – ADG वाराणसी जोन •@igrangevns – IG वाराणसी रेंज •@bhadohipolice – भदोही पुलिस @dmbhadohi @aajtak@ABPNews@News18India@ZeeNews Subject: भदोही जनपद में पुस्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, फसल कटवाने से रोकने एवं जान से मारने की धमकी के संबंध में शिकायत माननीय मुख्यमंत्री महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विशाल मिश्रा, निवासी ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार, थाना – कोइरौना, जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश) का स्थायी निवासी हूँ। वर्तमान में मैं अपने परिवार के साथ रोजगार के कारण पुणे (महाराष्ट्र) में रहता हूँ। महोदय, हमारे गांव में स्थित पुस्तैनी कृषि भूमि हमारे परिवार की पैतृक संपत्ति है, जिसके वैध अधिकारधारी अतुल मिश्रा, मनोज मिश्रा, अमित मिश्रा, स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा, श्रीमती पवनलाली मिश्रा, अंकित मिश्रा तथा विशाल मिश्रा हैं। स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा की पत्नी श्रीमती पवनलाली मिश्रा तथा उनके पुत्र अंकित मिश्रा और विशाल मिश्रा उनके वैधानिक उत्तराधिकारी हैं, इसलिए उक्त पुस्तैनी भूमि पर उनका भी पूर्ण अधिकार है। महोदय, हमारे गांव का निवासी पिंकेश शुक्ला तथा उसका परिवार (विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू, विनय शुक्ला (बच्चन) तथा अमित शुक्ला) गांव में अवैध रूप से ब्याज पर पैसा देने (सूदखोरी) का काम करते हैं और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करते रहते हैं। यह भी अवगत कराना है कि पिंकेश शुक्ला भारतीय सेना में कार्यरत है तथा उसका भाई अमित शुक्ला उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। ये लोग अपनी नौकरी और प्रभाव का डर दिखाकर गांव में लोगों को धमकाते हैं। पूर्व में हमारे पिता स्वर्गीय अनुप कुमार मिश्रा ने पिंकेश शुक्ला से कुछ धनराशि ब्याज पर ली थी, जो Google Pay के माध्यम से भेजी गई थी और उसमें स्पष्ट रूप से “Loan” लिखा हुआ है। इसके बदले कुछ सोने के गहने गिरवी रखे गए थे जो अभी भी उनके पास हैं। इसके बावजूद अब वे लोग झूठा आरोप लगा रहे हैं कि यह पैसा खेत खरीदने के लिए दिया गया था, जबकि हमारे पिता द्वारा कभी भी किसी प्रकार का बैनामा, रजिस्ट्री या लिखित समझौता नहीं किया गया है। महोदय, हमारी पुस्तैनी जमीन पर सरसों की फसल बोई गई थी, लेकिन हमारी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिंकेश शुक्ला ने अपने परिवार के लोगों विजयी शुक्ला उर्फ दादा, शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू और विनय शुक्ला (बच्चन) को भेजकर जबरन हमारी फसल कटवाने की कोशिश की। वर्तमान समय में भी भूमाफियाओं के परिवार द्वारा मेरे खेत की जबरन कटाई की जा रही है, जिसका वीडियो प्रमाण मैं आपको इस मेल के माध्यम से भेज रहा हूँ। जब मैं उन्हें रोकने के लिए खेत पर गया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की, मेरा गला दबाया, मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मेरा हेडफोन तोड़ दिया। जब मैंने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। स्थिति गंभीर होने पर मैंने डायल-112 पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाना कोइरौना लेकर गई, लेकिन वहां भी आरोपी पक्ष का व्यवहार आक्रामक और धमकी भरा रहा। वहां शैलेन्द्र शुक्ला उर्फ रिंकू ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि “हमारी पहचान बहुत ऊपर तक है, हमारा भाई पुलिस में है, तुम लोग हमारा कुछ नहीं कर सकते।” महोदय, हम अपना काम-धंधा छोड़कर पुणे से गांव आए हैं, ताकि अपनी पुस्तैनी जमीन की फसल काट सकें, लेकिन हमें हमारी ही जमीन की फसल काटने से रोका जा रहा है। डायल-112 पुलिस द्वारा उस समय स्थिति को देखते हुए हमें फसल काटने से मना किया गया था, इसलिए हमने कानून का सम्मान करते हुए फसल नहीं काटी। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पिंकेश शुक्ला और अमित शुक्ला को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही निवेदन है कि हमें हमारी पुस्तैनी जमीन की फसल पुलिस की मौजूदगी में कटवाने की अनुमति एवं सहायता प्रदान की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति हमें अवैध रूप से रोक न सके। यदि मुझे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की हानि होती है, तो उसके लिए उपरोक्त सभी व्यक्ति पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। आपसे निवेदन है कि इस मामले में उचित कार्यवाही कर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें। धन्यवाद। भवदीय विशाल मिश्रा मोबाइल: 9156385685 8446688226 पता: ग्राम – सूर्यभानपुर, तुलसी पट्टी, भरद्वार थाना – कोइरौना जिला – भदोही (उत्तर प्रदेश
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Ashwini Upadhyay
Ashwini Upadhyay@AshwiniUpadhyay·
जिहादी हत्या करते रहते हैं हम फांसी की मांग करते रहते हैं 20 साल में कितने लोगों को फांसी हुई? कोर्ट कानून से चलता है, कानून घटिया है जिहाद रोकना चाहते हैं तो 1947 से पहले बने कानूनों को खत्म करने और पुलिस रिफार्म, ज्यूडीशियल रिफार्म, इलेक्शन रिफार्म की मांग करिये @narendramodi
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