बांग्लादेश की इन हिन्दू महिला के साहस की जितनी प्रशंसा की जाये कम है, अपनी जान पे खेल के अपने बच्चे और घर की सुरक्षा करने में ये बेचारी अंत में हार गयीं।
बाकी यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि इस वीभत्स काण्ड को अंज़ाम देने वाले किस समुदाय से है और हाँ मारने वालों ने इनकी जाति नहीं पूछी।