ทวีตที่ปักหมุด

रोहिणी की कहानी दुखद है, लेकिन यह सिस्टम की कमियों को दिखाती है
उनकी मौत हमें मजबूर करती है कि हम सुनें सपनों की कीमत को।
यदि आप आंदोलन में शामिल होना चाहें, तो 27 नवंबर को देवास, मध्यप्रदेश पहुंचें।
जय आदिवासी! जय जोहार! ✊#JusticeForRohiniKalam
#भंवरदादा_निलंबन_वापस_लो

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