RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR
2.6K posts

RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว

मध्यप्रदेश का दलित सरकारी कर्मचारी “ड्यूटी के नाम पर मुझसे जातीय भेदभाव होता है। मैं छोटा सिपाही हूं तो मुझे दूसरे समाज के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी दिन हो या रात किसी भी ड्यूटी में लगा देते हैं, जबकि उनके समाज से जुड़े पुलिसकर्मियों को वह राहत देते हैं।”
यह बयान केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई को उजागर करता है जिसमें आज भी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के कर्मचारी-अधिकारी संस्थानों के भीतर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करते हैं।
संविधान द्वारा समानता का अधिकार मिलने के बावजूद, कई जगहों पर व्यवस्था में बैठे लोग जाति के आधार पर व्यवहार बदल देते हैं, दलित कर्मचारियों को अक्सर कठिन, अतिरिक्त या अपमानजनक कार्यों में लगाया जाता है, जबकि प्रभावशाली जातियों से जुड़े कर्मचारियों को राहत या संरक्षण मिलता है। कई बार उनकी योग्यता और मेहनत को नजरअंदाज किया जाता है, उन्हें निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा जाता है, मानसिक दबाव बनाया जाता है और अकेलापन महसूस कराया जाता है।
विशेष रूप से पुलिस, प्रशासन, शिक्षा और अन्य सरकारी विभागों में यह शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं कि दलित कर्मचारियों के साथ ड्यूटी वितरण, पदस्थापना, प्रमोशन और व्यवहार में भेदभाव किया जाता है। यह उत्पीड़न केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक भी होता है, जो व्यक्ति को भीतर से तोड़ देता है।
यदि किसी कर्मचारी ने अपने अंतिम संदेश में जातिगत प्रताड़ना और भेदभाव की बात कही है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
मैं @MP_MyGov से मांग करता हैं कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए तथा कार्यस्थलों पर जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव @DrMohanYadav51 जी से प्रदेश के जातिगत उत्पीड़न का शिकार कर्मचारियों के पक्ष में प्रमुख मांगें :
1. प्रदेश में जातिगत प्रताड़ना झेल रहे सभी कर्मचारी-अधिकारियों के मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
2. प्रत्येक विभाग में SC/ST कर्मचारियों की शिकायतों के लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल गठित किया जाए।
3. जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो।
4. कार्यस्थलों पर SC/ST एक्ट और संवैधानिक अधिकारों के पालन को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
5. पीड़ित कर्मचारियों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और मानसिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
6. सभी सरकारी विभागों में एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कमेटी बनाई जाए, जो समय-समय पर शिकायतों की समीक्षा करे।
7. जातिगत उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल शुरू किया जाए।
8. ड्यूटी, पदस्थापना, प्रमोशन और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी कर्मचारी के साथ जाति के आधार पर अन्याय न हो।
9. जिन मामलों में कर्मचारियों की मौत या आत्महत्या के पीछे जातिगत प्रताड़ना के आरोप हैं, उनकी न्यायिक जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
10. प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप सभी कर्मचारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण देने की गारंटी करे।
@CMMadhyaPradesh मुख्यमंत्री जी, संविधान समानता का अधिकार देता है, अब प्रदेश के पीड़ित कर्मचारियों को न्याय चाहिए, आश्वासन नहीं।
मैं सभी कर्मचारी अधिकारी के साथ हु, प्रदेश के सभी पीड़ित कर्मचारी साथियों से मेरी अपील है — "यदि आप जातिगत उत्पीड़न या मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं तो चुप मत रहिए। आपकी आवाज़ न्याय की लड़ाई को मजबूत करेगी,हम आपके साथ खड़े हैं और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को मजबूती से उठाते रहेंगे।"
जय भीम जय संविधान जय भारत
आपके संघर्ष का साथी : सुनिल अस्तेय
#sunilastay #jaibhim

हिन्दी
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว

अरे भक्तों प्रसाद सबको मिलेगा इतना लड़ाई झगड़ा करने की जरूरत नहीं है😉
माँ विंध्यवासिनी मिर्ज़ापुर मे श्रद्धांलुवो के बीच हुई लड़ाई, बताया जा रहा है भीड़ ज्यादा थी,एक बच्चा भीड़ मे दब गया, इसी क़ो लेकर दो गुट आपस मे भिड़ गए,
यह मंदिरो मे आम बात है भीड़ होना, पर मंदिर प्रशासन की व्यवस्था अगर सही हो तो दर्शन मिलने मे श्रद्धांलुवो क़ो कोई परेशानी नहीं होती है....
हिन्दी
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว

BPSC परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 का नाम नहीं होने से अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
पटना में चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा अभ्यर्थी ने बेहद तीखी नाराज़गी जताई।
बातचीत के दौरान अभ्यर्थी ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो “नेपाल जैसी स्थिति” बन सकती है। यहां तक कि उन्होंने निराशा में यह भी कहा कि युवा क़लम छोड़कर हथियार उठाने पर मजबूर हो सकते हैं।
हालांकि ये अभ्यर्थी की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है, लेकिन इससे साफ है कि लंबे इंतजार और अनिश्चितता ने युवाओं के धैर्य की परीक्षा ले ली है। सरकार रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया का हवाला दे रही है, वहीं अभ्यर्थी तुरंत वैकेंसी नोटिफिकेशन की मांग कर रहे हैं।
ग्राउंड से देखिए पूरा माहौल और आंदोलन की आवाज। #TRE4 #BPSC #PatnaProtest
हिन्दी
RAHUL KUMAR รีทวีตแล้ว


















