
NotHim
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NotHim
@NotHim29
😊You will find me everywhere 😛 || random tweets || 😂memes , 🙃politics , 🏏sports , cryptocurrency 😘 || dont take me seriously 😒


🚨 Supreme Court allows cutting of 45,000 mangroves for Mumbai Coastal Road project.


Saw a few CSK fan pages saying that DJ Bravo will attend CSK’s event on 22nd March When you’re currently the mentor of KKR does this really look right? And professionally is it the right thing to do? For me the answer is no #IPL2026





The first woman, introducing herself as an ordinary citizen. She raised a question about Rahul's gas crisis. Then the second woman was about to do the same.Started heckling @drajayupadhyay ji spokesperson @INCIndia , & so called journalist @chitraaum was given cover fire for bJp

आज की टीवी डिबेट ने एक बार फिर उस कड़वे सच को उजागर कर दिया, जिसे हम लंबे समय से महसूस कर रहे हैं, “जनता की आवाज़” के नाम पर मंच सजाया जाता है, लेकिन असल में वह एक सुनियोजित, प्रायोजित और पक्षपातपूर्ण तमाशा बन चुका है। जहाँ सत्ता पक्ष के समर्थकों को “आम जनता” बनाकर बैठाया जाता है, और विपक्ष को घेरने के लिए सवालों की एकतरफा बौछार की जाती है। एंकर, जिनका दायित्व निष्पक्षता और सत्य होता है, खुलेआम तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं, और जब सच्चाई तस्वीरों में सामने आ जाती है, तब भी उसे नकारने का दुस्साहस किया जाता है। यह सिर्फ एक डिबेट नहीं थी, यह लोकतंत्र के मूल्यों के साथ किया गया एक सुनियोजित खिलवाड़ था। जिस मीडिया को कभी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता था, आज वही स्तंभ सत्ता के संरक्षण में खड़ा होकर एक पार्टी विशेष का प्रचार-प्रसार करने का माध्यम बनता जा रहा है। सवाल सत्ता से होने चाहिए थे, लेकिन कटघरे में विपक्ष को खड़ा किया गया, यही आज के मीडिया का दुर्भाग्यपूर्ण सच है। हमारे प्रवक्ताओं को बार-बार दबाने, रोकने और उनकी आवाज़ को कुचलने का प्रयास किया जाता है, लेकिन यह भूल जाते हैं कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। आज अजय उपाध्याय जी ने जिस साहस और आत्मसम्मान के साथ इस प्रायोजित मंच का बहिष्कार किया, वह किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, बल्कि उस हर आवाज़ का प्रतिनिधित्व है, जो झुकने से इनकार करती है। यह समय कठिन है, लेकिन इतिहास गवाह है, जब-जब सच को दबाने की कोशिश हुई है, तब-तब वह और अधिक ताकत के साथ उभरा है। हमें कितना भी डराने, दबाने या बदनाम करने का प्रयास किया जाए, हम न डरेंगे, न झुकेंगे। क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं है, यह लड़ाई सत्य और असत्य के बीच है, लोकतंत्र और प्रोपेगेंडा के बीच है, और हम उस पक्ष में खड़े हैं जहाँ सच अभी भी जिंदा है। हम सब अजय उपाध्याय जी के साथ हैं, और हर उस आवाज़ के साथ हैं जो इस अंधेरे में भी सच की मशाल जलाए हुए है।




कैसे खोली कांग्रेस प्रवक्ता @drajayupadhyay जी ने “डिबेट” के नाम पर सेटिंग का लाइव शो की पोल 😅 ABP News में ‘आम जनता’ बनकर बैठीं रचना जैन मैडम निकलीं भाजपा पदाधिकारी! समझे—सरकार से सवाल गायब, निशाने पर सिर्फ विपक्ष क्यों था 😏 मैडम भी एक्सपोज़… और चैनल की ‘निष्पक्षता’ भी !🎭





चित्रा त्रिपाठी से अनुरोध है कि वो दूसरों को ज्ञान देने से पहले खुद का लहजा सही करें. जब वो एंकर हैं तो उनका काम है, TV पर सही तथ्य जाएं. जब महिला अपने सवाल में आलू से सोना उगाने की बात कर रही थी तो उन्होंने महिला को क्यों नहीं रोका? एजेंडा सेट करने के लिए हैं क्या?


कम से कम audience तो neutral लाने की हिम्मत रखो — Dr @drajayupadhyay भागने वालो में से नहीं भगाने वालो में से है — Propaganda चलाते रहो देश सब देख रहा है

बीजेपी के पदाधिकारी एवं दर्जनों कार्यकर्ता को शो में बतौर #आम_जनता बनाकर श्रीमती @chitraaum जी #कांग्रेस को अपमानित करने के लिए हमेशा मौक़ा तलाशती है। आज उनके इस साज़िश का सार्वजनिक पर्दाफाश हुआ.. आप ख़ुद ही देख लीजिए कैसे आज भी #विपक्ष से प्रायोजित सवाल पूछवाये जा रहें हैं.. नोएडा जिला सोशल मीडिया सह संयोजक #रचना_जैन और उनकी टिम को मुखौटा लगाकर बतौर #आम_जनता बताया जा रहा था और कांग्रेस से सवाल करवाया जा रहा था। ताज्जुब तो तब हुआ जब एक्सपोज़ करने के बाद भी एंकर महोदया पूरे दृढ़ता से ऐसे लोगों का बचाव करती रहीं… यदि थोड़ी भी नैतिकता बची हो तो इस शर्मनाक खेल के लिए देश और पत्रकार समाज से माफ़ी माँगनी तो बनती है मैडमजी मुझे तो एक शायरी याद आ गई… कुछ लोगोंसे आशा करना बेईमानी है, जिनके आँखों का मर गया पानी है। #ABPNews #IranUSWar #LPGCrisis #EnergyStocks #andhbhakt #Godimedia #lpgcylinders #IranWar #Trump #Modi #Dhurandhar2ను #ईरान

This is deplorable. I cannot ever imagine how one can stoop so low as to support the direct incitement of communal violence. Nobody wins when a riot happens. Nobody is safe when a riot happens. People die when a riot happens. @DelhiPolice @HMOIndia, how is this allowed?















