@RailMinIndia i am waiting for train no 07337 approx 2 and half hour at rani kamlapati RKMP but no update when train arrive since almost one hour status show train at Misrod.
यह देखिए
तुर्की का राष्ट्रपति बेलारूस के राष्ट्रपति से मिल रहा था तब नरेंद्र मोदी टकटकी लगाकर उसकी ओर देखते रहे
जैसे ही तुर्की का राष्ट्रपति फ्री हुआ, मोदी लपककर उससे हाथ मिलाने पहुँच गए
इसी तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद की थी, ड्रोन्स दिए थे
भक्तों?
ईरान में बड़ा ब्लैकआउट !
ईरान हर चीज़ को बहुत सिस्टम से डील कर रहा है कल खबरे आई थी की कुछ इंटरनेट की बड़ी कंपनियों ने इसराइल को ईरान का डेटा दिया है
जिसके बाद ईरान ने कल बड़ा संदेश दिया था एक कंपनी के ख़िलाफ़ लेकिन आज तो देशभर में इंटरनेट सेवाएं ही बुरी तरह बंद की गई है
रिपोर्ट्स के अनुसार सिर्फ 3% आबादी को ही इंटरनेट की एक्सेस है .
@ajeetbharti#DhruvRathee
इनके हिसाब से रवीश कुमार मीडिया की आवाज हैं जो #Sandeshkali पर मुंह में दही जमाये बैठे हैं..इनके अपने भाई ब्रजेश कुमार पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप था तब घुइयां के खेत में थे..इलेक्टोरल बॉन्ड से कांग्रेस ने लिया 62% डोनेशन और बीजेपी ने 52%.बताओ बड़ा चोर कौन?
@anjanag870@ShailendraA2Y Iske vichaar in logo ke bare me isliye badal gaye hai kyonki pahle Jaisa jangalraj chalta tha ab vaisa ho nahi pa raha hai. Isko bhi Baki to ke jaise baithe baithe khane ke aadat ho gayi hai
इन दोनों महामानवों का पहले मै “जबरा फैन” था। अरे मैं क्या आप भी रहे होगें..?
ये पहले पिछड़े,दलितों,आदिवासियों, बेरोजगार युवाओं और किसानों के हित की बात करके उनका मसीहा बन अपने फॉलोअर बढ़ा लिए फिर उसके बाद अपना संघी रुप दिखाने लगे।
इन्हे पहले महंगाई और बेरोजगारी डायन लगती थी और अब भौजाई लगती है।
पहले ये बेरोजगार युवाओं के रोजगार के लिए सरकार के खिलाफ वर्चुअल प्रोटेस्ट करते थे।
अब वही युवा इन्हे अनपढ़ और प्रतिभाहीन लगते हैं।
पहले किसान इन्हे अन्नदाता लगते थे अब वही किसान इन्हे खालिस्तानी और आतंकवादी लगते हैं।
पहले ये आदिवासियों के जल जंगल और ज़मीन की बात करते थे अब वही आदिवासी इन्हे नक्सल लगते हैं।
आपको बता दूं इन दोनों महामानवों का हृदय परिर्वतन मोदी जी के अमृतलाल में हुआ है।
ये लोग पहले सरकार के गलत नीतियों का विरोध करते थे और अब सरकार की चरण चुम्बन करते हैं।
अभी भी वक्त है ज्यादा देर नहीं हुई है ऐसे संघी मानसिकता वाले लोगों को पहचानिए।
जानकारी मिली है कि सनातन विरोधी ऐजेंडा चलाने वाले ध्रुव राठी का असली नाम "बदरू राशिद" (पूरा नाम बदरुद्दीन राशिद लाहौरी) है
और ये पाकिस्तान के लाहौर में पेदा हुआ है और इसकि पत्नी जूली भी पाकिस्तानी है, जिसका असली नाम जुलैखा है।बदरू राशिद (ध्रुव राठी) की फंडिंग पाकिस्तान, चीन, दुबई, मालदिव, कनाडा, रूस, तुर्की और पैंडोरा से होती है,जॉर्ज सारस के अकाउंट से इसे मोदी का विरोध करने के लिए पेसा भेजा जाता है। लेकीन अब इस देश विरोधी का भंडाफोड़ हो गया है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपनी खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा किया है।
@bhagwakrantee ये दुखद घटना है,दोषी को सजा होनी चाहिए।लेकिन अफसोस इस बात का भी है कि जातिवादियों को हर जगह जाति ही दिखाई देती है।ब्राम्हण लिखना जरूरी था क्या?कोई और बिरादरी होती तो शायद ये पोस्ट ना दिखती!!!
*आंटी आंटी बस कर कटवीं आंटी कितना झूठ बोलेगी*
*हमारे प्रभु श्रीराम का मूर्ति कोई कटवा नही बल्कि हमारे हिंदू भाई ही बना रहे आंटी*
*फेक नैरेटिव फैलाना बंद कर आंटी*