बॉम्बे हाईकोर्ट में एक शख्स ने PIL दाखिल कर RSS सरसंघचालक मोहन भागवत को मिली Z+ सुरक्षा पर सवाल उठाया.
PIL याचिकाकर्ता का तर्क था RSS पंजीकृत संगठन नही है. मोहन भागवत की सुरक्षा में टैक्स पेयर के पैसों की बर्बादी हो रही है,
सुरक्षा खर्च वसूल किया जाए. हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया.
मोहन भागवत को 2015 में Z+ सुरक्षा मिली. उससे पहले उन्हे Y+ सुरक्षा काफी मिली थी, दो या तीन गनर साथ चलते थे. भारत में सुरक्षा व्यवस्था खतरों से ज्यादा स्टेटस सिंबल है.
"चुनाव आयोग ने मुझे मीटिंग की अनुमति नहीं दी"
◆ कोलकाता में रैली को संबोधित करते हुए CM ममता बनर्जी ने कहा
@MamataOfficial | Mamata Banerjee | West Bengal
Dear @CEOWestBengal you are being exposed every day in your own whatsap group. Observers are clearly saying you are NOT neutral & unlike in other elections where they observe, in WB you are asking them to do everything. Using words like “raping”
Big –
नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने 26 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया है। सुधन गुरुंग पर विवादास्पद कारोबारी दीपक भट्टा के साथ संदिग्ध निवेश करने के आरोप लगे। गृह मंत्री बनने के बाद ये आलोचनाएं और ज्यादा बढ़ गईं। व्यापक विरोध को देखते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
No Hindu eats non veg on Tuesday.
But here, self-proclaimed Hindu leader Anurag Thakur is eating fish on a Tuesday with a tilak on his forehead, just to mock Hindus.
सूरत के नगर निगम चुनाव में जनता ने पिछली बार 27 सीटें देकर हमें विपक्ष में बिठाया…
पिछले पाँच साल भाजपा ने सत्ता में रहकर आप को गालियाँ दीं, लेकिन जनता के लिए कुछ नहीं किया।
उधर आप पार्षदों ने विपक्ष में रहते हुए भी स्कूल बनवाए, अस्पतालों में बेड बनवाए…
BJP leader @ianuragthakur is seen eating Fish in Bengalahead of the elections. When are BJP leaders planning to visit BJP ruled states to have eggs in midday meal with malnourished children in schools.
"My trip to Jagannath Temple is ruined,these pandits have made religion a tool to make money
They take money from aarti to darshan,even for entering temple, they literally snatch money from you"
This is the reality of how religion has been commercialized by certain people
अभी यह शुरुआत है। कुछ दिनों से लगातार कह रहा हूँ,किस स्तर के संकट पर हम खड़े हैं इसका पता कुछ दिनों में पता चलेगा। अभी किसी को इस पर बात करने का वक्त नहीं है। नया ट्रेंड है देश में
समय रहते चेताओ- आप पैनिक फैला रहे हो। ठीक नहीं।
संकट के दौरान बोलो- अभी बोलने का समय नहीं है।बाद में जिम्मेदारी तय की जा सकती है
संकट से उबरने के बाद बोलो-क्या फायदा पुरानी बात उठाने का
कहने का मतलब-कभी न बोलो!