Atul 🚲
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Atul 🚲
@secular_arrow
Western Up political analyst humanitarian. Caste|Religion agnostic


हरियाणा के यादव जाट CM नहीं देखना चाहते। वेस्ट UP के जाट यादव CM नहीं देखना चाहते। कास्ट वाइज हिसाब बराबर पार्टी वाइज BJP 2-0 ✅ @haryanvitai @Crazybakchod @Jat_Ethnic


@nottakeserious ओए ल्वोडू, कभी मुसलमानों कभी ठाकुरों कभी भूमिहार बामनों तो कभी जाटों की जूती के नीचे काटा है दूधियों ने पिछले 700-800 सालों का टाइम, चार दिन से संविधान की सुरक्षा और आरक्षण की बैसाखी क्या मिली, फुद्दुओं को अपना भूत भी याद नहीं?😂 बड़े बड़े बोल बोलने लगे हैं ये च्वुतिये सपाई!💔😹

2 jile ka dabdaba Usi jile me peet diya Rashtriya Adhyaksh ko😭😭😭

@YOU___WILL___ @secular_arrow मजदूरी करने 1.5 जिले में क्यों 😭 प्रयागपुरी, लखनऊपूरी, इटावा पूरी ,पटना पूरी उर्फ यादव पूरी🤲



@secular_arrow Right, nothing is permanent…true for all, there is no exception dear





चौ०चरनसिंह ही मूर्ख था जो रामनरेश यादव को मुख्यमंत्री और मुलायम को लोकदल का नेता बना गया, नहीं ये साले कुछेक classless दूधिये ताउम्र ठाकुरों का गू उठाने लायक ही थे!😂 ल्वोडू कह रहा है कि अहीरों के नीचे रहना पड़ेगा सबको समाजवादी पार्टी जीतने पर!🤣 मुसलमान मूर्ख है, सब थोड़े हैं?






2024 का एक दिलचस्प किस्सा - जब सपा–कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बातचीत चल रही थी, कांग्रेस ने राजेश मिश्रा के लिए भदोही सीट मांगी। सपा से जवाब मिला—“वो बनारस के हैं, भदोही से कैसे लड़ेंगे?” लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… उसी बातचीत में सुझाव आया कि पी.एल. पुनिया को जालौन से लड़वा दीजिए, हम जालौन सीट छोड़ देंगे। अब ज़रा सोचिए—वाराणसी से भदोही की दूरी पर सवाल,लेकिन बाराबंकी से जालौन तक सब ठीक?

जैसे संघियों को असली आज़ादी तब मिली जब 2014 में मोती सत्ता में आया, वैसे ही 1992 में मुलायम ने जब सपा🚲 बनाई जनतादल/लोकदल तोड़कर तब दूधिये आजाद हुए - ऐसा ही अतुल जी जैसे टोंटी खानदान के समस्त भोले-भाले भाटों को लगता है!🥹 इनको लगता है जैसे मोती अमर है, वैसे ही सपा भी अक्षय है!😂





🤣🤣 जब पूरब में ये हाल है पश्चिम में तो कुत्ता घसीटी होगी

कभी कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठने वाले राजेश मिश्रा आज पीएम मोदी के रोड शो में बनारस के मेदागिन चौराहे पर रेलिंग के भीतर खड़े नजर आ रहे हैं। कभी पार्टी ने राजेश मिश्रा को एमएलसी बनाया, सांसद बनाया, दो-दो बार विधानसभा चुनाव लड़वाया लेकिन आज हालात ऐसे कि उन्हें वो सम्मान नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी।


