
पिछले 13 साल से दिल्ली की जनता, लाखों गरीब लोगों को नए राशन कार्ड बनाने का मौका कभी नहीं मिला।
नए राशन कार्ड बनाने का काम हमने शुरू किया है। पहले हमने राशन की व्यवस्थाओं का व्यापक ऑडिट किया। लगभग 1 लाख 44 हजार लोग ऐसे थे जो इनकम क्राइटेरिया के ऊपर थे और 35,800 लोग ऐसे थे जिन्होंने एक साल से राशन लिया ही नहीं था। यानी उनको राशन की जरूरत ही नहीं थी। हजारों राशन कार्ड धारकों का नाम उनके निधन के बाद भी लिस्ट में था। कई डुप्लीकेट केसेस भी थे।
सबको हटाकर 7.71 लाख+ वैकेंसी बनी है।
-मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता
हिन्दी
