Mudit

3K posts

Mudit banner
Mudit

Mudit

@MuditUpdates

अदब्धानि वरुणस्य व्रतानि Politics | Culture | Astrology (Views are personal)

Jaipur Tham gia Haziran 2015
761 Đang theo dõi10.4K Người theo dõi
Tweet ghim
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
साध्वी ऋतम्भरा जी ने अपने जीवन में एक प्रतिज्ञा की कि मैं अनाथ बच्चों की सेवा करके मदर टेरेसा नाम के बुलबुले को फोड़ दूंगी। अनाथ बच्चों का धर्मान्तरण रोकना मेरे जीवन का लक्ष्य होगा, मैं वात्सल्य ग्राम की स्थापना करूंगी। मदर टेरेसा अनाथों की आड़ में ज़बरन धर्मपरिवर्तन, गर्भपात, महिलाधिकारों का हनन, तानाशाही, अपराधियों का समर्थन कर उनसे पैसा लेना जैसे कृत्य करती थी। जियानलुइगी नुज़ी नाम की पत्रकार ने तो खुलासा किया था कि वेटिकन के एक बैंक में मदर टेरेसा ने चैरिटी के नाम पर अरबों डॉलर इकट्ठे कर रखे थे। परन्तु अरबों डॉलर होने पर भी ग़रीबों का इलाज न कराकर उन्हें पीड़ा सहन करने को कहती थी, पर जब खुद बीमार पड़ी सबसे उच्च अस्पताल में इलाज कराया। दुनिया भर से दान वसूलने के बावजूद टेरेसा के संस्थानों की हालत दयनीय थी। धर्मान्तरणकारी मदर टेरेसा को पश्चिम ने 1979 में नोबल से पुरस्कृत किया, और 1980 में उसे भारतरत्न दे दिया गया। मदर टेरेसा के इस पाखण्ड को उसके जीवित रहते साध्वी ऋतम्भरा ने अप्रैल 1995 में इंदौर की सभा में एक्सपोज़ कर दिया और उसे जादू के नाम पर धर्मान्तरण करने वाली घोषित कर दिया। उस समय चर्च की भारतीय शाखा खान्ग्रेस का शासन मप्र में था, जिसे अपनी मदर टेरेसा का अपमान सहन नहीं हुआ और साध्वी ऋतम्भरा समेत 169 हिन्दुओं को जेल में ठूंस दिया। इसी मदर टेरेसा के इतने कुकृत्य होने के उपरान्त भी पोप ने उसे सन्त घोषित कर दिया और भारत में स्कूलों में जबरन उसे वात्सल्य की मूर्ति के रूप में पढ़ाया जाता रहा। मदर टेरेसा की छत्रछाया में भारत की हिन्दू विरोधी वामपंथी शक्तियां भी फलती फूलती रहीं इसलिए वर्तमान के सभी वामपंथी अपने आपको मदर टेरेसा का कर्जदार मानते हैं। तब साध्वी ऋतम्भरा ने प्रतिज्ञा की कि पन्ना धाय के देश में एक कपटी स्त्री वात्सल्य की मूर्ति के रूप में स्थापित की जाए यह एक बहुत बड़ा षड्यन्त्र है और उन्होंने हिन्दुत्व की रेखा इस क्षेत्र में बड़ी करने की ठान ली, जिसमें सपा, कांग्रेस आदि सब रोड़े अटकाते रहे। पर उन्होंने अपने आपको इस एक असहाय बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के कार्य में पूर्णतः झोंक दिया। उसी का परिणाम निकला वात्सल्य ग्राम। ये कैसा हिन्दू समाज है जो साध्वी ऋतम्भरा को न्यून करने की कोशिश कर रहा है, जिस साध्वी के प्रयास से मदर टेरेसा का प्रोजेक्ट न्यून हो गया, अनाथों के क्षेत्र में मिशनरियों के कथित अहसान से हिन्दू समाज को मुक्ति मिली। पर हिन्दू समाज इतना कृतघ्न है कि उनके एक सामान्य से बयान, जिसमें वे हिन्दू समाज के ही संघर्ष को, अपमान को याद कर रही हैं, उसके आधार पर उनके जाति, लिंग, चरित्र का ऐसा वीभत्स चीरहरण करने लगा। हर प्रकार से कैसे भी साध्वी ऋतम्भरा जिस एक छोटी पर हिन्दुत्व के प्रति समर्पित बालिका को उसके गुरु स्वामी परमानंद गिरिजी ने ऐसे दिव्य संकल्पों को पूरा कर देने वाली बना दिया, उस भगवती का चीरहरण निकृष्ट नराधमों ने किया। यहां हिन्दू समाज का चरित्र भी दिख जाता है कि कैसे वेटिकन मदर टेरेसा जैसी कपटी को भी अपने लाभ के लिए सन्त घोषित कर देता है और कैसे कुछ हिन्दू एक परमवात्सल्यमयी माता का भी चरित्रहनन करते हैं। क्या यह भगवती के उपासकों का देश है? वही खोखला अहं, वही ईर्ष्या, सम्मिलित होकर कार्य करने की शक्ति का अभाव, गुलाम जाति का स्वभाव है, परन्तु हमें इसे उखाड़ फेंकने की चेष्टा करनी चाहिए। यही terrible jealousy हमारे समाज की प्रधान characteristic है। कौन हैं मां साध्वी ऋतम्भरा ? अनुसूया, विश्ववारा, सती ब्रह्मवादिनियों को तो मैंने नहीं देखा, पर यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे समय में मां साध्वी ऋतम्भरा विराजमान हैं। उनकी वाणी के एक एक शब्द से करुणा टपकती है। शब्द प्रतिशब्द ऐसा लगता है कि अभी वे भावोद्रेक से रो पड़ेंगी। हृदय के भावतल में ही वे सदा आसीन रहती हैं। एक एक शब्द वे हृदय से बोलती हैं, करुणा से ओतप्रोत होकर बोलती हैं। कैसा भी रागद्वेष हानिलाभ यशोपयश का भाव उन्हें छू भी नहीं गया है। विवेकानंद का वो भावनाओं से भरा हृदय यदि किसी स्त्री में होता, तो वे शायद ऋतम्भरा ही होतीं, जिसे अपने समाज के अनाथों और असहायों की चिंता थी, तीव्र धार्मिक स्वाभिमान के साथ, शेर के समान। ऋत से तो वे लबालब भरी हुई ही हैं, करुणा से भी आप्लावित हो रही हैं। पुराने समय में जो माँ आनंदमयी जैसी माताओं का वर्णन मिलता है, वह मैं मां ऋतम्भरा में ही देखता हूँ। ऐसी साध्वी की वाणी निष्फल भी नहीं जाती। मेरे नानाजी ने बताया था कि राममन्दिर के लिए एक एक रुपया झोली फैलाकर इकट्ठा किया करती थीं साध्वी ऋतम्भरा जी गली गली धूप में घूम घूमकर, यह कहकर कि इतने हिन्दू एक एक रुपया दे दें तो भव्य मन्दिर निर्माण को इतने करोड़ रुपए हो जाएंगे... आज जैसे आसान समय में नहीं बल्कि उस समय जब हिंदुत्व एक अपराध समझा जाता था, और "परिंदा भी पर नहीं मार सकता" कहकर धमकाने वाले शासन करते थे... तभी मां ऋतम्भरा के आगे तो पूरा इतिहास डोल गया होगा, बोलीं, कितना अपमान सहकर यहां पहुंचे हैं। कभी महसूस नहीं कर पाओगे, कि कितने कष्ट के बाद उनके मुंह से ये बोल फूटा होगा, अनुभव नहीं किया ना वह इतिहास। "स्त्रियाःसमस्तास्तव देविभेदाः।" कहा है, कठिन है बहुत। पर कोई कोई विभूति होती है जिसमें जगन्माता के दर्शन हो जाते हैं, मुझे मां साध्वी ऋतम्भरा में दर्शन होते हैं। उनके मुखमण्डल पर सिर्फ भोलापन ही दिखता है, सभी के लिए वात्सल्य ही दिखता है। उनके गुरुदेव स्वामी श्री परमानंद गिरिजी महाराज बहुत बड़े वेदान्ती ब्रह्मवादी महात्मा हैं। वेदान्त के ऐसे ज्ञाता भी दुर्लभ ही हैं। उनका अद्वैत जीवंत अद्वैत है, क्षुद्र हृदय वालों जैसा नहीं कि सिद्धांत में कुछ और व्यवहार में उससे उलट। @MuditUpdates #sadhviritambhara
Mudit tweet media
हिन्दी
6
41
76
4.9K
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
शुभेन्दु अधिकारी के शपथग्रहण की कुंडली का विश्लेषण पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने 9 मई 2026 को कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रातः 11:31 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथग्रहण के समय की कुंडली कर्क लग्न की है। ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी को श्रवण नक्षत्र शुक्ल योग में शुभ मुहूर्त है। कर्क लग्न की इस कुंडली में लग्न में लग्नेश चन्द्रमा सप्तम भाव में हैं और पूर्ण व अतिमित्र दृष्टि से लग्न को देख रहे हैं, जिससे लग्न बहुत बलवान हो गया है और लग्न की पूर्ण रक्षा यानि सरकार की पूर्ण रक्षा व बल में बहुत वृद्धि हो गई है। धनेश सूर्य दशम भाव में उच्च के हैं व तृतीयेश व व्ययेश बुध सूर्य में अस्त होकर दशम में ही हैं। इसलिए सूर्य ने 2,3,12 भावों को नियन्त्रण में ले लिया है। सुखेश व आयेश शुक्र आय भाव में स्वगृही हैं। इसलिए बंगाल को बहुत सुख समृद्धि मिलने वाली है। धनेश आयेश दोनों का उच्च व स्वगृही होना राज्य के धनलाभ, आय वृद्धि की दृष्टि से बहुत शुभ हो गया है। बंगाल को केन्द्र से भी बड़ा बजट, योजनाएं और उद्योगों की भरमार मिलने वाली है। बंगाल को चारों तरफ से फायदा ही फायदा होगा। पूरा विश्लेषण यूट्यूब पर यहाँ देखें youtu.be/PnHFMJOACYM पंचमेश व दशमेश राजयोगकारक मंगल नवम भाव में सप्तमेश व अष्टमेश शनि के साथ हैं। केन्द्रेश त्रिकोणेश का यह मिलन अच्छा है। पर दोनों विरोधी ग्रह होने से धर्मक्षेत्र में भयानक घमासान होने वाला है। मंगल का बल शनि से ज्यादा है, इसलिए पुलिस कार्यवाही, एनकाउंटर की भरमार देखने को मिलेगी। शनि के न्यायालय मार्ग की बजाय सरकार अपने राजदण्ड का प्रयोग करके योगीजी की तरह पूरे बंगाल में अपराध का कठोरता से सफाया करेगी और उनपर नियंत्रण स्थापित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी बंगाल में प्रगति होगी, विश्वविद्यालयों की स्थिति सुधारी जाएगी और बंगाल की यूनिवर्सिटीज देश में अच्छा नाम कमाएंगी। बंगाल से विभिन्न विषयों में बहुत अच्छा साहित्य निकलकर आएगा। बंगाल की खोई हुई साहित्य विरासत को वापिस उभारने और जीवित करने में बंगाल सरकार काम करेगी। षष्ठेश व धर्मेश गुरु द्वादश में हैं, और पूर्ण मित्रदृष्टि से षष्ठ भाव को देख रहे हैं, इसलिए शत्रुओं का धर्म द्वारा अच्छे से निग्रह हो जाएगा। धर्म के शत्रु धर्म की नजर से बच नहीं पा रहे हैं। सरकार की तरफ से बहुत बड़ी कार्यवाही हिन्दू विरोधियों को, अपराधी, गुंडों को झेलनी पड़ेगी, अपराधियों के लिए छिपना नामुमकिन हो जाएगा। इस चक्कर में अनेक हिंसक घटनाएं, हत्याएं देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि अपराधी बुझने से पहले फड़फड़ाने की कोशिश करेंगे। दंगों के भी षड्यन्त्र होंगे पर हिन्दुत्व को दबा नहीं पाएंगे। अष्टमेश राहु अष्टम में ही स्वगृही हैं। दशमांश में लग्नेश मंगल अष्टम में स्वगृही है, इसलिए सरकार में गुस्सा ज्यादा होगा, अपराध सहने का कहीं कोई प्रश्न नहीं उठता। साथ में ही षष्ठेश भी मृत्यु भाव में पड़ गया है बुध। तो आप देख सकते हैं लग्नेश यानी स्वयं सरकार और शत्रु दोनों मृत्यु भाव में बैठ गए हैं युद्ध करने, यहां आर पार का युद्ध दोनों शत्रुओं में हो रहा है। पर खेल क्या हो गया? ये मृत्यु का घर लग्नेश का सरकार का खुद का ही है। तो शत्रु अपने शत्रु के घर में ही फंस गया। जैसे कोई सियार शेर की मांद में घुसा हो युद्ध करने तो जीत किसकी होगी ? तो मृत्युस्थान में स्वगृही लग्नेश कभी खुदकी हानि नहीं करता है बल्कि रक्षा करता है और वहां शत्रु मृत्यु के मुंह में पड़ा है। पर इसमें भी देखो मंगल बुध दोनों ही सूर्य में अस्त हैं। कालचक्र में मेष लग्न की कुंडली में सूर्य पंचमेश हैं, जो बुद्धि के कारक हैं, तो सूर्य मंगल बुध के नियंत्रण होकर 1,3,5,6,8 इन 5 भावों के नियंत्रक हो गए हैं, और स्वयं धर्म भाव में बैठे हैं चन्द्र केतु के साथ, चन्द्र भी सुखेश है, तो यहां त्रिकोणेश केन्द्रेश युति करके सूर्य चन्द्र भी राजयोग बना रहे हैं, साथ में धर्म की ध्वज केतु बैठे हैं। तो यह मंगल के लिए शुभ है अपने मित्र शुभ ग्रह सूर्य में अस्त होना, पर अशुभ, मेष लग्न में पापी बुध का शुभ सूर्य में अस्त होना, यह पाप की पराजय है। तो शत्रुओं का तो नाश निश्चित है। ध्यान देने वाली बात है कि आज श्रवण नक्षत्र में शपथ ग्रहण हुआ है जो राज्याभिषेक का सबसे मुख्य नक्षत्र है। विजयादशमी को दशमी तिथि का श्रवण नक्षत्र से संयोग जब होता है उसी को विजय मुहूर्त्त कहा जाता है और उसी कारण विजयादशमी का इतना महत्त्व है। यह राज्याभिषेक, युद्ध, विजय के लिए सबसे शुभ नक्षत्र इसलिए ही होता है। यह नक्षत्र स्वयं भगवान विष्णु का है, वे इसके देवता हैं, इसलिए यह पालक है, जनता का, बंगाल का सरकार बहुत ही प्यारे तरीके से पालन करेगी, मरहम लगाएगी, घाव भरेगी, दवा देगी, सुरक्षा करेगी। यह बंगाल के लिए बहुत शुभ हो गया। इस नक्षत्र का महत्त्व इतना है कि इसमें थोड़े से काम का भी बड़ा भारी शुभ परिणाम मिलता है। वामन भगवान का प्रादुर्भाव इसी नक्षत्र में हुआ था और उन्होंने 3 पग में ही 3 लोग नाप लिए थे। इसलिए आप मानकर चलिए कि बंगाल की भूमि का भी विस्तार अवश्य होगा, इस पर बहुत संजीदगी से काम होगा, व सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया जाएगा। अभी चन्द्र का प्रभाव 47 दिन तक रहेगा, 25 जून से मङ्गल का प्रभाव शुरू होगा जो 6 अक्टूबर 2026 तक रहेगा, इस बीच आक्रामकता से अपराधियों पर कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद 29 जून 2027 तक कुछ रहस्यमयी व घातक घटनाएं घटने की संभावना है, जिनका असर दीर्घकालिक होगा। @MuditUpdates #SuvenduAdhikari #ShubhenduAdhikari #शुभेंदु
YouTube video
YouTube
Mudit tweet media
हिन्दी
0
0
0
4
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
शुभेंदु अधिकारी की शपथ ग्रहण कुंडली का सच! कैसी चलेगी सरकार? 🥳 👇👇👇👇👇👇👇👇 youtu.be/PnHFMJOACYM #SuvenduAdhikari #ShubhenduAdhikari #शुभेंदु
YouTube video
YouTube
Mudit tweet media
हिन्दी
0
1
1
11
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
शुभेंदु अधिकारी की शपथ ग्रहण कुंडली का सच! कैसी चलेगी सरकार? 👇👇👇👇👇👇👇👇 youtu.be/PnHFMJOACYM #SuvenduAdhikari #ShubhenduAdhikari #शुभेंदु
YouTube video
YouTube
हिन्दी
0
0
0
20
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
जब ममता बानो ने जय श्री राम को कह दिया गाली ! 2021 में ममता ने जय श्री राम को ही बंगाल विरोधी बताकर जय बांग्ला का राग अलाप दिया था, आज उसी बंगाल में चारों ओर जय श्री राम की गूंज है। इस ममता ने जय श्री राम को गाली करार दिया था, जय श्री राम बोलने वालों को गिरफ्तार करवाया था, जय श्री राम को अपनी बेइज्जती बता दिया था। 209 में ममत के काफ़िले के रास्ते पर किसी ने 'जय श्री राम' का नारा लगा दिया। ममता बनर्जी को नारा सुनाई दिया तो उसने गुस्से में अपना काफिला रुकवा दिया। सीएम के काफ़िले को रुकता हुआ देख नारे लगाने वाले युवकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया। लेकिन यह औरत उनके पास जाकर कहती है "क्या रे, तू भाग क्यों रहा है, इधर आ, इधर आ. भाग क्यों रहा है?" यह ममता बानो यहीं नहीं रुकी. कहती है, "मेरे को गाली देने की हिम्मत कैसे हुई?" जय श्री राम के नारे को यह गाली कह रही थी। इसके तुरन्त बाद पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ़्तार कर लिया था। यह वीडियो खूब वायरल हुई थी। यह हाल इस औरत की सल्तनत में था। फिर जनवरी 2021 में नेताजी बोस के जयन्ती कार्यक्रम में कुछ लोगों ने 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगा दिए, पीएम भी वहीं थे। इससे नाराज ममता बानो ने भाषण देने से इनकार कर दिया और कहती है कि कार्यक्रम में जय श्री राम और भारत माता की जय कहकर उसकी बेइज्‍जती की गई। ऐसी पराधीनता, मजहबी शासन से भी बदतर स्थिति में बंगाल था। उसे अब जाकर बलिदानों के बाद स्वतंत्रता मिली है एक बख्तियार खिलजी की परंपरा की औरत से। बंगाल में हर कोई जय श्री राम कह रहा है। पूरा शपथग्रहण, गांव गांव, शहर शहर जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति से लोग फूले नहीं समा रहे हैं। जय श्री राम @MuditUpdates
Mudit tweet media
हिन्दी
1
1
5
47
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
@ComradeMalal सही कहा, कोई ढंग का संपादकीय नहीं आया
हिन्दी
0
0
0
57
Comrade M
Comrade M@ComradeMalal·
प्रिंट पत्रकारिता की ऐसी दुर्गति हो चुकी है कि सुवेंदु अधिकारी बीजेपी से बंगाल के पहले CM बनने जा रहे हैं। इतना चार्जड इलेक्शन हुआ है , जिससे पूरा इलेक्ट्रॉनिक्स और सोशल मीडिया पटा हुआ है। मगर प्रिंट मीडिया से एक अदद अच्छा आर्टिकल / कवर स्टोरी तक नहीं आया है।
हिन्दी
13
40
400
5.4K
Mudit đã retweet
स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती
बंगाल की जीत ने इनके भी सुर बदल दिए उत्तर प्रदेश की जीत के बाद,,इन्हें कोई नहीं पूछेगा तब ये और सुर बदलेंगे। पर डायर भी होना जाना कुछ नहीं इनका
Mudit@MuditUpdates

कुछ दिन पहले अपना अलग राष्ट्र मांग रहा था अब हिन्दू राष्ट्र पर आ गया। यह सोशल मीडिया के मुद्दों के अनुसार रंग बदलने वाला गिरगिट है।

हिन्दी
0
4
10
71
Mudit đã retweet
Vedvrat
Vedvrat@I_am_Vedvrat·
Just for reference: Sadashiv Peth is the hotseat of the Peshwa rule. This area is named after Sadashivrao bhau, and still has a garden and statue for this Rajput warrior. The Maratha Vs Rajput frenzy is only limited to social media and a few idiots. Hindutva celebrates both icons who fought to keep their kingdom independent of Islamic rule!
English
0
1
2
155
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
यह इतना पाखण्डी है कि अपने खुद के जन्मदिन को हिन्दू राष्ट्र दिवस घोषित कर रखा है!! इसी से सोच सकते हैं इसका राष्ट्र कैसा होगा, अभी कुछ दिन पहले खुद का अलग राष्ट्र मांग रहा था अब फिर रंग बदल लिया।
Swami Anand Swaroop@kalisenachief

भारत का हर व्यक्ति चाहता है भारत हिंदू राष्ट्र बने ,देश का मुसलमान भी चाहता होगा की भारत हिंदू राष्ट्र बने क्योंकि वो भी हिंदुओं के राज्य में ही सुरक्षित हैं देख तो रहे होंगे क्या हालत है पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तथा बांग्लादेश का ।

हिन्दी
0
0
5
46
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
@kalisenachief कुछ दिन पहले अपना अलग राष्ट्र मांग रहा था अब हिन्दू राष्ट्र पर आ गया। यह सोशल मीडिया के मुद्दों के अनुसार रंग बदलने वाला गिरगिट है।
हिन्दी
0
0
0
44
Swami Anand Swaroop
Swami Anand Swaroop@kalisenachief·
भारत का हर व्यक्ति चाहता है भारत हिंदू राष्ट्र बने ,देश का मुसलमान भी चाहता होगा की भारत हिंदू राष्ट्र बने क्योंकि वो भी हिंदुओं के राज्य में ही सुरक्षित हैं देख तो रहे होंगे क्या हालत है पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तथा बांग्लादेश का ।
Swami Anand Swaroop tweet media
हिन्दी
23
49
171
1.4K
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
@IshaC59815 Each and every city of India has Swami Vivekananda, Netaji Subhash Chandra Bose statue.
English
0
0
17
114
Isha
Isha@IshaC59815·
I wholeheartedly respect Chhatrapati Shivaji Maharaj and for his contribution towards Hinduism. But why have him in Bengal? There are many Bengali Hindu kings and queens. This just slowly sidelines local Bengali Hindu culture and history.
Incognito@Incognito_qfs

Good Morning from West Bengal

English
61
11
99
13.7K
Vedant Bangad
Vedant Bangad@vedant_bangad·
almost every town in maharashtra has chowk/chauraha named after both chhatrapati shivaji maharaj and maharana pratap. people unnecessarily make online fuss about it.
English
12
51
546
6.9K
🗿
🗿@cactushuyaarrrr·
dekh re l0du This is the statue of Maharana Pratap ji located in Mumbai, Maharashtra. The area is called Maharana Pratap Chowk.
🗿 tweet media🗿 tweet media
Idc🎳.@dudeitsokay

@notoktobeok install statue of maharana pratap in mumbai then we'll see national icons

हिन्दी
43
439
4.5K
124.8K
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
@Abstruseshit @cactushuyaarrrr There is an entire Maharana Pratap Garden with a beautiful Maharana Pratap Statue in Pune located at CV Joshi Road, Sadashiv Peth, Pune, Maharashtra.
Mudit tweet mediaMudit tweet media
English
4
3
17
1.1K
Mudit đã retweet
Bong Political Doctor 🧡
Bong Political Doctor 🧡@bong_politics·
BJP is More Bengali than any other Party and they prove it again Maa Durga & Kalighat mandir in Background of Oath ceremony Stage 🚩
Bong Political Doctor 🧡 tweet media
English
22
875
6.5K
36.7K
Mudit
Mudit@MuditUpdates·
बंगाल संघ के प्रचण्ड हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बन रहा है जिसके सामने अन्य प्रान्तों के हिन्दुत्व भी फीके दिखने लगेंगे। बंगाल में सिर्फ हिन्दुत्व होगा, सघन गहन ज्वलन्त आग्नेय हिन्दुत्व।
हिन्दी
3
11
29
458