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बसपा का सर पर मुकुट लेकर हर रैली में जाने वाले श्री यशपाल गौतम की पुत्री इति गौतम ने हाईस्कूल में 94% प्राप्त किये है। उन्हें बधाई, वो भी तब जब इतनी कठिनाई से गुजरी हो, जिसे शब्दो मे बयाँ नही किया जा सकता।
मेने इस हफ्ते 6 गरीब अम्बेडकरवादी में से 4 की फीस भरवाने में मदद करी। इससे सन्तुष्टि मिली और इति गौतम की उपलब्धि पर इससे कई गुणा ज्यादा सन्तुष्टि मिली क्योंकि पूर्व मे Pay back to Society कार्यक्रम में यशपाल गौतम की हैल्प नही बल्कि समाज से से जिम्मेदारी पूरी करवाई थी।
उनकी संघर्षशील माताजी को बधाई। इसके अलावा समाज के जागरूक बुद्धिजीवी आंबेडकरवादी मिशनरी व्यक्तिओ व मसौता गाजियाबाद स्तिथ Pay back to Society से जुड़े प्रोफेसर्स व अधिकारीओ को भी धन्यवाद जिन्होंने यशपाल गौतम के करोना के समय निधन के बाद परिवार की मदद करी।
अब इंहा पर;
1.आप सामाजिक है, बहुजन समाज के लिए संघर्ष कर रहे है, तो किसी आपदा में आपके साथ मनोबलयुक्त, आंबेडकरवादी एससी समाज के बुद्दिजीवी, मिशनरी व Pay back to Society करने वाले हमेशा आगे रहँगे। समाज मे अवसरवादिता है। लेकिन एक अच्छा प्रतिशत उन बुद्धिजीवी वर्गों का भी है, जो हमेशा समाज के।लिए तैयार रहते है।।
2.वर्ष 2018 में 2 अप्रैल को एससी एसटी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के कारण यशपाल गौतम को सपरिवार घर से भागना पड़ा। फिर 5 मई को मेरे पास एक मित्र की कॉल आई कि यशपाल गौतम जी को भागना पड़ रहा है व उनकी लड़कीं के हाथ हल्का जल गया, शाम को यशपाल की कॉल आई उन्होंने बताया कि आर्थिक दिक्कत है। तब मैंने इस बारे में 6 मई 2018 को Pay back to Society के अंतर्गत आह्वान किया काफी ने उनकी मदद करी। इससे उनके अंदर और ऊर्जा का संचार हुआ।
3.इसके बाद करोना के समय जब उनका निधन हुआ तब अधिकतर सांत्वना दी रहे थे, मुझे चिंता उनके बच्चो की हुई, यह सोचकर कि मिशनरी को ऐसे ही मंझदार में नही छोड़ा जा सकता, चूँकि यशपाल ने बच्चियों के बारे में मुझे पहले आह्वान पर बताया था, इसलिए चिंता बच्चियों के भविष्य की हुई।इसलिए विमल वरूण के माध्यम से बैंक एकाउंट लेकर मेने लेख लिखा, जो तभी वायरल हुआ ओर ऐसा लगा कि समाज भी ऐसा ही सोच रहा था, बस उत्सुकता थी कि कोई पहल करे। इसलिए मेरे द्वारा बैंक डिटेल शेयर करने के बाद समाज के जागरूक बुद्धिजीवी अम्बेडकरवादि महानुभवों ने काफी बेहतरीन योगदान दिया।
3.अब यह दोनो घटना बताने का उद्देश्य यह है कि;
"आप सामाजिक है, समाज के लिए संघर्ष कर रहे है, विषयो से जुड़े हुए है, तो आपके साथ फिर एक पूरा समाज का बुद्धिजीवी आंबेडकरवादी वर्ग खड़ा है। इससे आपको ऊर्जा मिलनी चाहिए कि आप जिस वर्ग के लिए संघर्ष कर रहे है वो वर्ग भी आपके साथ हमेशा खड़ा मिलेगा"
4.बच्ची को शुभकामनाएं। उनके 94% लाने पर मुझे वो दिन याद आ गया, जब जैसे ही यशपाल गौतम के निधन की खबर फेसबुक पर देखी तब एकाएक मेरा ध्यान उनकी बच्चियों पर ही गया।
इसके अलावा, उन सभी महानुभवों, बुद्धिजीवी, आंबेडकरवादी मिशनरी व्यक्तिओ को भी धन्यवाद जिन्होंने तत्प्रता दिखाते हुए, समाज के लिए जमीन पर कार्य कर रहे व्यक्ति के परिवार को यह एहसास करवाया की समाज आपके साथ है।
विकास कुमार जाटव

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