Devaraj أُعيد تغريده

यह वीडियो देख कर शून्य हूँ
ओडिशा के जीतू मुंडा के कंधे पर उनकी बहन का कंकाल है. बहन की मृत्यु हो गई
बैंक से 19,300 रुपए निकालने थे
बैंक वालों ने इतने चक्कर लगवाए, इतने काग़ज़ मांगे कि थक हार कर यह कदम उठाया
इन्हीं बैंकों से धन्ना सेठों के 16 लाख करोड़ माफ होते हैं, लेकिन यही बैंक एक गरीब को इस तरह मजबूर कर देते हैं
घटना स्तब्ध करने वाली ज़रूर है, लेकिन इस देश के गरीब की असहाय होने की और इंसानियत के मार जाने का प्रमाण है
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