
आज मैं नोएडा में बिजली बिल/LPG पर ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए गया था। तभी नोएडा पुलिस ने मुझे रोका और पूछने लगे कि क्या कर रहे हो आईडी दिखाओ। मैंने पूछा आप रिपोर्टिंग में हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं? इसी बात पर बहस हुई। इस पर नोएडा पुलिस मुझे थाने ले गई और मेरे खिलाफ पुलिस से कथित बदतमीजी की FIR की। थाने में जिस तरह से पुलिस ने बदतमीजी की उसका जिक्र भी क्या करूँ। फिलहाल मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद मुझे जमानत पर छोड़ दिया गया है। लेकिन कितनी अजीब बात है, रिपोर्टिंग करने पर पुलिस आती है, आपके काम को रोकती है, और ऐसे धमक दिखाती है जैसे हम नागरिक नहीं पुलिस के ग़ुलाम हैं। पुलिस से काउंटर सवाल करना, पूछना, गुस्ताखी है। एक सामान्य सी बात के लिए पूरे दिन थाने में बिठाया। मुकदमा किया। बदतमीजी की और परेशान किया।
आप सबके समर्थन के लिए आभारी हूँ, आपके समर्थन की वजह से मैं बाहर आ सका हूँ।
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