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मैं शाम की उस चाय ☕जैसी हूँ, जिसमें सुकून भी है और थोड़ी सी तलब भी।
मेरी आँखों 👀में कुछ अधूरी कहानियाँ हैं, जो हर मुस्कान के पीछे छुपी रहती हैं।
मैं हर किसी को समझ नहीं आती, क्योंकि मैं सिर्फ़ चेहरा नहीं, एक एहसास हूँ।
ना चाँद हूँ, ना कोई सितारा, बस अपनी ही रौशनी में जीने वाली एक लड़की हूँ।💫
और जो कभी मेरी ख़ामोशी पढ़ ले, शायद वही मुझे सच में जान पाए,😌
नहीं तो सभी के लिए मैं बस एक अनकही कहानी हूं...।।🫠🖤✨
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