हाल-ए-राजस्थान

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@Teja_Ramdev

किसान,मजदूर,वंचित व बेरोजगारों की आवाज।

राजस्थान, भारत Joined Mart 2021
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@TheTribhuvan दंगल जीत गई तो, आज की इंदिरा के रूप मशहूर होना तय है!बम्पर वोटिंग से पूरे देश का ध्यान बंगाल ने खींच लिया है!
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Tribhuvan_Official
Tribhuvan_Official@TheTribhuvan·
क्या इन शिक्षा मंत्री और अब तक शिक्षा मंत्री रहे किसी नेता को यह मालूम है कि हिन्दी वर्णमाला में कितने अक्षर होते हैं? क्या यह शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मालूम है? आरपीएससी में हिन्दी शिक्षकों के साक्षात्कार लेने वालों को मालूम है? ऐसे जैसे कि अंगरेज़ी में 26 अल्फ़ाबेट होते हैं, ठीक वैसे!!!
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राहुल गाँधी जी सियासी नफे-नुकसान के लिहाज से चाहे कुछ भी संदेश दें,लेकिन अगर दीदी ये महादंगल जीत गई तो,देश की जनता उन्हें दूसरी इंदिरा के नाम से ही संबोधित करेगी और राहुल गाँधी जी भी मुस्कराएंगे! ऐतिहासिक मतदान ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है और ज्ञानेश जी भी फिर चर्चा मे आ गए!
ABP News@ABPNews

#WATCH | 'झालमुड़ी' से बंगाल की हवा मुड़ी ? देखिए 'जनहित' चित्रा त्रिपाठी (@chitraaum) के साथ  abplive.com/live-tv   #ChitraTripathiOnABP #politics #WestBengal #Elections #MamtaBanerjee #ElectionsWithABP #PMModi

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रिफाईनरी अग्निकांड से जहाँ बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है,उससे भी ज्यादा चिंताजनक तो,देश के PM की रैली की सुरक्षा में हुई चूक है!इसलिए @BhajanlalBjp सरकार ने कड़ा एक्शन लेना शुरु कर दिया!पेपर घोटालों के बड़े मगरमच्छों की तरह इस कांड के दोषी भी बच नही पाएंगे! अचलाराम निलंबित! @RajCMO
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आज अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अमर्यादित बयान ने देशवासीयों को जहाँ बहुत मायूस किया,गुस्सा दिलाया तो,वहीं प.बंगाल की जनता ने ऐतिहासिक मतदान करके गदगद कर दिया!लोकतंत्र की मजबूती के लिए बढ़ चढ़कर किया गया ये रिकॉर्ड तोड़ मतदान पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है!
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Rajasthan Niti
Rajasthan Niti@RajasthanNiti·
क्या राजस्थान में क्रूड रिफाइनरी को रोकने के लिए दशकों से संस्थागत षड्यंत्र जारी है? बाड़मेर की रेतीली धरती के नीचे दबा तेल भारत के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा है। यह संख्या अपने आप में असाधारण है देश के एक ज़िले की ज़मीन से निकलता है पूरे देश का एक चौथाई तेल। लेकिन इससे भी असाधारण यह है कि इस तेल के उत्पादन के सत्रह साल (2009 से 2026) बाद भी राजस्थान के पास अपनी एक भी रिफाइनरी नहीं है। कहानी शुरू होती है मई 1995 से, जब RJ-ON-90/1 ब्लॉक शेल इंडिया कंपनी को आवंटित हुआ इसके बाद भारत सरकार, शेल इंडिया और ONGC के बीच प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रैक्ट(PSC) साइन हुआ। 1998 से 2003 के बीच शेल इंडिया की हिस्सेदारी केयर्न एनर्जी को हस्तांतरित हुई। 1999 में पहली खोज हुई और जुलाई 1999 से नवंबर 2008 के बीच कुल 25 हाइड्रोकार्बन खोजें हुई जिसमे 21 तेल और 4 गैस खोज शामिल थी। इतनी समृद्ध खोजें, इतनी बड़ी संभावना। लेकिन इसी दौरान देरी की एक समानांतर कहानी भी चल रही थी, प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रैक्ट(PSC) में एक्सप्लोरेशन अवधि सात वर्ष की थी जो 14 मई 2002 को समाप्त होनी थी। भारत सरकार ने जून 2002 में 36 महीने का एक्सटेंशन दिया। फिर जून 2005 में 18 महीने का और एक्सटेंशन दिया गया । फिर दिसंबर 2006 में और छह महीने का अनुरोध आया लेकिन अबकी बार डायरेक्टर हाइड्रोकार्बन ने इसकी अनुशंसा नहीं की, क्योंकि जिस काम के लिए पिछला एक्सटेंशन माँगा गया था वह पहले ही पूरा हो चुका था। लेकिन पेट्रोलियम मिनिस्ट्री (MoPNG) ने मई 2007 में यह एक्सटेंशन भी दे दिया। 15 नवंबर 2006 से 8 मई 2007 के बीच के छह महीने किसी फ़ॉरमल एक्सटेंशन के बिना ऑपरेटर बिना वैलिड कांट्रैक्ट के काम करता रहा और सरकार देखती रही। इसके अलावा मूल 11,108 वर्ग किमी अनुबंध क्षेत्र में से 1,935 वर्ग किमी का क्षेत्र जो न खोज क्षेत्र था और न ही विकास क्षेत्र सिर्फ़ इसलिए 7 नवंबर 2007 तक अनियमित रूप से रोका गया क्योंकि ऑपरेटर ने समय पर नक्शे जमा नहीं किए। सरकारी देरी को पार्ट ऑफ़ प्रोसेस बता कर निहितार्थ व्यावसायिक लाभों पर चुप्पी साध ली और हर उल्लंघन के बाद यही दोहराया गया यह इस पूरी कहानी का सबसे चौंकाने वाला अध्याय सरकारी रिफायनरी द्वारा क्रूड नहीं उठाना है। भारत सरकार (GoI) ने (फरवरी 2008 में) कच्चे तेल की निकासी के लिए कई सरकारी रिफाइनरियों को नामित करने का फैसला किया। PSU रिफाइनरियों, यानी IOCL, HPCL, BPCL और MRPL ने भी (अक्टूबर 2008 में) भारत सरकार को बताया था कि वे इस ब्लॉक से अनुमानित 7.5 से 8.75 MMTPA उत्पादन के मुकाबले 3.5 से 4.2 MMTPA तक तेल ले सकती हैं। MRPL के हिस्से 0.60 एमएमटी HPCL के हिस्से 0.80 एमएमटी और IOCL के हिस्से 3.20 MMTPA क्रूड उठाने की लक्ष्य तय हुआ। HPCL ने अपने हिस्से के 0.80 एमएमटी के एवज़ में शून्य क्रूड उठाया। तीन वर्षों में कुल 4.60 MMT के आवंटन के विरुद्ध केवल मात्र 1.67 MMT यानी 36 प्रतिशत क्रूड उठाया गया और इस 36 प्रतिशत में भी HPCL का योगदान शून्य था। सार्वजनिक PSU रिफाइनरियों के उठाव न करने का परिणाम यह हुआ कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2009 में केयर्न को “मार्केटिंग फ्रीडम” दे दी। वह छूट जो राजस्थान क्रूड की हाई विस्कॉसिटी के कारण PSUs को मिलनी थी, वह रिलायंस और एस्सार को मिलने लगी। 2009-10 से 2011-12 के बीच कुल क्रूड उत्पादन का 51.11 से 87.57 प्रतिशत तक निजी रिफाइनरियों को गया। पाँच वर्षों में अनुमानित 250 मिलियन बैरल में से 80 प्रतिशत से अधिक क्रूड निजी कंपनियों को गया। उत्पादन के चार साल बाद 2013 में HPCL को 7 मिलियन टन क्षमता की रिफाइनरी की ज़िम्मेदारी पर “विचार” शुरू हुआ। 2018 में राजस्थान सरकार और HPCL के बीच MOU हुआ। फिर भूमि अधिग्रहण के विवाद, वित्तीय मॉडल पर खींचतान, राज्य-केंद्र हिस्सेदारी की बहस, कोविड का हवाला, लागत वृद्धि का तर्क, डिज़ाइन बदलाव का कारण हर साल एक नई देरी, हर देरी के साथ एक नई वजह गढ़ती चली गई। पूरी कहानी में जो सबसे स्पष्ट है, वह है निजी कंपनियों को लाभ का प्रवाह।इस नुकसान की भरपाई का कोई क़ानूनी रास्ता नहीं खोजा गया जो गया सो गया और जो तय करना था वह जानबूझकर अधूरा रखा गया। इस पूरे समीकरण में राजस्थान को क्या मिला? रॉयल्टी और प्रॉफिट पेट्रोलियम का वह हिस्सा जो अंतरिम मूल्य पर आधारित था जिसे भारत सरकार ने कभी अनुमोदित नहीं किया। कोई रिफाइनरी नहीं, कोई उद्योग नहीं, कोई बड़े पैमाने पर रोज़गार नहीं, कोई वैल्यू एडिशन नहीं। एक प्रतिष्ठित ऊर्जा विशेषज्ञ के अनुसार वह यह मानने से इनकार नहीं करते कि PSU का निजी क्षेत्र के साथ मिलकर क्रूड न उठाने की साज़िश में शामिल होना संभव है
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@RajasthanNiti @8PMnoCM 25 साल तो गहलोत-वसुंधरा ने उल्टा सुल्टा प्लान बनाने में ही खपा दिए, जनता मौका मिलते ही इन्हें सत्ता बदलने से नहीं चूकी और ये रिफाइनरी को घन चक्करी बनाते रहे! भजनलाल जी उद्घाटन समारोह की तैयारी में जुटे तो, आग बीच में आ गई!
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Sushil Asopa
Sushil Asopa@SushilAsopa·
समय आ गया है जब इस बात पर विचार हो कि, भारत में :- • प्रधानमंत्री का कार्यकाल 10 साल से अधिक न हो • केंद्र, प्रदेश मंत्रियों का कार्यकाल 15 साल से अधिक न हो • मुख्यमंत्री का कार्यकाल 10 साल से अधिक न हो अगर आप लोग इतने समय में भी कुछ नहीं कर सकते तो आप नाकारा और निकम्मे ही हो।
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Sushil Asopa
Sushil Asopa@SushilAsopa·
टोकरे में 543 आम थे। महिलाओं ने कहा कि 181 हमें दो। मोदीजी ने कहा पहले टोकरे में 815 आम आएंगे तब दूंगा। 😣😣 @RahulGandhi @narendramodi @priyankagandhi @SachinPilot
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Vivek Shrivastava
Vivek Shrivastava@Viveksbarmeri·
HRRL रिफाइनरी हादसे की जाँच एक बड़ा विषय है लेकिन राजस्थान पुलिस का एक आदेश मजाक का बड़ा विषय है...रिफाइनरी में जनसभा के D क्षेत्र की जिम्मेदारी वन्दिता राणा IPS की थी...और उनके सहयोगी थे दीपक शर्मा अतिरिक्त Sr RPS...वहीं मंच के प्रवेश द्वार की व्यवस्था दुर्गाप्रसाद दाधीच RPS की थी और इनको कम से कम 50 से ज्यादा जवानों का पुलिस जाब्ता दिया गया था! करीब डेढ़ दशक से ज्यादा जनसभा अलग अलग राज्यों में कवर करने के अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि लोकल SHO को कभी भी रैली में किसी निर्धारित पॉइंट की जिम्मेदारी नहीं दी जाती है उसका काम केवल व्यवस्था प्रबंधन करना होता है। अब D में PM मंच पर चढ़कर शाम 7 बजे एक युवक ने Reel बनाई और उस मामले में राजस्थान पुलिस के मुखिया जी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पचपदरा SHO अचलाराम ढाका को सस्पेंड कर दिया। दुर्भाग्य से यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कार्यक्रम में हो रहा है...क्यों जगहंसाई करवाई जा रही है अगर कार्रवाई करनी है तो जिम्मेदार पर कीजिए। #Rajasthan
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Abhimanyu Poonia
Abhimanyu Poonia@AbhimanyuP00NIA·
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव, जनप्रिय नेता आदरणीय श्री @SachinPilot जी जालौर में श्री जेतेश्वर धाम मन्दिर एवं राज राजेश्वरी श्री चामुण्डा माताजी मन्दिर में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल रहेंगे। आप सभी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महोत्सव की शोभा बढ़ाएं।
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@myogiadityanath राम मन्दिर लहर में भी राम राज्य में 2024 मे दूसरे पायदान पर आने की 2024 मे विपक्ष ने भी नहीं सोची थी! 2027 मे वोट देते समय ये बात किसी का भी घुमा सकती है, इसी से शायद, यादव जी अभी से कुटिल मुस्कान दिखा रहे हैं!
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Yogi Adityanath
Yogi Adityanath@myogiadityanath·
TMC की गुंडागर्दी और अराजकता से मुक्ति एवं मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए डबल इंजन की भाजपा सरकार आवश्यक है...
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@myogiadityanath बंगाल में tmc की अजेयता का असल कारण दीदी का शेरनी रोल या sc-st-m का फुली सपोर्ट होना नहीं है,बल्कि दीदी का उस वर्ग से आना है, जिस वर्ग को बीजेपी का बेस समझा जाता है! जिस वर्ग का cm होता है, वह बाकी सब वाद भूल जाता है और अपने cm को ही देखता है! Up मे भी बेस ही रोडा बनता दिख रहा है
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मा.@ashokgehlot51 अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर पायलट के साथ वाले कार्यक्रमों की तस्वीरें,इस तरह शेयर करते हैं कि,जनता मे संदेश जाए कि,36 का आंकडा बरकरार है,जबकि @SachinPilot एकजुटता का संदेश देने की जी-तोड़ कोशिश करते हैं! कार्यकर्ता यही देखकर हर बार हिसाब चूकता करते आए हैं
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@Lawyer_Kalpana @cmohry बेरोजगारी और महंगाई इस कदर है कि, युवा लोग भी मुँह छुपा कर भीख मांग कर खाने को लाचार हैं!
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कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳
तत्काल संज्ञान मे लें @cmohry ये लोग हरियाणा में घूम रहे हैं, बच्चों को लुभाते और बहकाते दिख रहे हैं। सतर्क रहो, बच्चों पर नजर रखो, किसी अजनबी से बात न करने दो, जागरूकता ही सुरक्षा है।
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@Lawyer_Kalpana गरीब बालक की पढ़ने खेलने की उम्र है, इसे तो राजनीति से दूर रखो, नेताओं से सीखो जो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजते हैं, सड़कों पर आने तक नहीं देते!
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कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳
बंगाल का छोटा सा बच्चा भी दीदी को भगाने की तैयारी में जुट गया है। अब ममता की किसी भी जाल में हिंदू नहीं फंसेंगे। ४ मई को पूरे पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा। हिंदू हैं हम... जय श्री राम। यह दृश्य दिखाता है कि सनातन की ज्वाला अब गांव-गांव, बच्चे-बच्चे तक पहुंच चुकी है। हिंदू जागरण अब रोकना असंभव है। 🚩
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@Lawyer_Kalpana 2021 मे देश के pm ने घोषणा कर दी थी कि,दीदी तो गई,लेकिन 2 मई 2021 को परिणाम आया तो,दीदी नाच रही थी और मोदी जी सामान समेट कर दिल्ली आ रहे थे! इस बार तो pm साहब घोषणा करने से ही बच रहे हैं, क्योंकि जानते हैं कि, दीदी का बेस वहीं हैं, जो हिंदी पट्टी में बीजेपी का बेस है, m तो +हैं
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