दिनभर की भागदौड़ के बाद अंत में जाकर बृहत पूजा का समय मिल पाता है ।
विगत पांच साल से स्वयं ही प्रतिदिन संपूर्ण श्री दुर्गा सप्तशती का परायण करते हैं ।
माता की कृपा इतनी है कि भले ही कुछ स्पेशल या बढ़िया जिंदगी में न मिला हो लेकिन कभी भी कुछ नकारात्मक भी नहीं होता ।
जो भी छोटी मोटी बाधाएं आती है, स्वतः ही वह हमारे रास्ते से बगल हो जाती है।
शत्रु और नकारात्मक लोग परेशान करने के बारे में विचार करते ही नष्ट हो जाते हैं।
बस इतना ही चाहिए माता रानी से ।
इसलिए चाहे कितना भी लेट हो जाए, कहीं भी व्यस्त रहें लेकिन नवरात्रि पर पाठ का परायण प्रतिदिन अवश्य ही करते हैं।
आज का प्रथम पाठ अब करने जा रहे हैं ।
#Dhurandhar2
शुरुआत पहले यहां से करते हैं कि अब तक कौन सी ऐसी फिल्म अगर इतनी बुरी बनी जितनी बताई जा रही हो और 3 भी नहीं, 4 घंटे की भी हो फिर भी लोग उसे पूरा देख के आएं हो?
मतलब फिल्म ने बांधे रखा।
धुरंधर 2 के पहले चैप्टर ने जो कनेक्ट किया वो फिर अंत तक बना रहा,
अतीफ वाले सीन में थोड़ा टाइमलाइन की गड़बड़ी है पर फिल्म है इसलिए चलता है
गड़बड़ी इसलिए भी लगती है कि जब दाऊद टीवी पे राम मंदिर के फैसले का खबर टीवी पर दिखता है तो 2019 का समय रहता है और 1 वीक के अंदर हमला की तैयारी होती है और अतीफ मारा जाता है जबकि रियल घटना 2023 में हुई थी।
दूसरी गड़बड़ी ये लगती है कि जिस इलियासी से प्रेरित कैरेक्टर का अर्जुन रामपाल का है वो 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा जा चुका होता है पर यहां एक बेनिफिट इसलिए दे सकते हैं क्योंकि यहां आदित्य धर बहुत स्मार्टली खेला है और कैरेक्टर का नाम अलग रखा है।
और जितने भी कैरेक्टर जिनके वास्तविक नाम लिए गए हैं उनका नाम वैसे का वैसा रखा गया है जैसे कि जहूर मिस्त्री जिसका ना नाम फिल्म में अलग है और ना वास्तविक जिंदगी में और तो और उसके मरने का तरीका और साल भी वही है।
इसी तरह SP असलम की मौत का रेफरेंस एकदम वैसा है जैसा रियल घटना में हुआ, उजैर बलोच की रियल कहानी में में थोड़ा सा ट्विस्ट दिया गया क्योंकि फिल्म है भाई वरना उजैर ही ल्यारी का राजा बनता है रहमान के बाद और उजैर के समय ल्यारी में सर काट के फुटबाल खेलते थे सब।
आदित्य धर ने ये पूरी फिल्म 1 बार में लिखी होगी तो बहुत मुश्किल से इसमें कुछ सीन ही ऐसे होंगे जो अलग से डाले गए हों, वरना ये पूरी कहानी एक साथ बनाई गई है।
कुल मिला के दोनों पार्ट फिल्म की दृष्टि से बहुत अच्छे हैं जसकीरत वाला शुरू वाला चैप्टर तो मुझे सबसे जबर्दस्त लगा।
आदित्य धर ने इस फिल्म से मनोरंजन में कोई कमी नहीं छोड़ी है, खासकर जो बीच बीच में गाने का एलिमेंट ऐड किया है वो और जान डाल देते हैं..
फिल्म में प्रोपेगंडा देखने वाले भी पूरा देखे बिना नहीं रोक पाएंगे खुद को
भारतीय सिनेमा में शायद ही कोई फिल्म 4 घंटे की बनेगी और जो एक बार भी आपको बोर न करे..
कम से कम ये फिल्म इतनी तो सच्चाई के करीब है कि एक जासूस उड़ता फिरता नहीं है... और रॉ और ISI मिलकर किसी रॉ के एजेंट के खिलाफ लड़ रहे हैं..
फिल्म बहुत अच्छी है एंजॉय करिए.. जब ओटीटी पे आए तो दोनों पार्ट एक साथ देखने का अलग ही मजा होगा।
7 साल का असफल लंबा समय बिताने के बाद रणवीर सिंह ने अपनी पूरी जान झोंक दी है इस फिल्म में और वो दिखता भी है।
पहले भाग में इतनी फाड़ू एक्टिंग के बाद भी रहमान डकैत को कोई मिस नहीं करेगा।
संजय दत्त का एक अपना अलग ही औरा है।
अर्जुन रामपाल से ज्यादा बेहतर और कोई इस रोल में नहीं होता।
राकेश बेदी जी ने जो फन एलिमेंट रखा है अपने साथ वो एक शातिर दिमाग है।
फिल्में इमोशन्स पे चलती हैं अगर जनता के इमोशंस को कनेक्ट कर लिया तो फिल्म चलेगी और ये फिल्म वो कनेक्ट बनाए रखती है।
जैसे बाहुबली पुष्पा केजीएफ जैसी फिल्मों के साथ हुआ।
आदित्य धर जी को बधाई।।
और अपने देश के उन अनजान वीरों को धन्यवाद जिन्हें हम कभी जान नहीं पाते और न पाएंगे पर वो देश की खातिर कहीं न कहीं अपनी जान की बाजी लगाए हुए हैं।
THANK YOU UNKNOWN MEN 🫡
नाम: पवन वर्मा
काम : गैस सिलेंडरों की अवैध रूप से ब्लैक मार्केटिंग कर उन्हें निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर बेचना
ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ चल रहे अभियान में पकड़ा गया।
एजेंसी का लाइसेंस तो जाएगा ही पर अब इसका सही से इलाज हो
📍गोरखपुर
तमाम अकाउंट सस्पेंड होने का basic कारण था spam filter करने के लिये जो तरीका था उसमें Bug आ गया।
यानी जो लोग spam करके पैसे कमा रहे थे या उस जैसा कुछ भी प्रॉब्लम था उन सब नॉर्मल अकाउंट्स को भी suspend कर दिया गया था।
ये क़रीब आधे दिन यानी 12 घंटे तक X का spam filter system तमाम अकाउंट्स को स्पैम समझकर सस्पेंड करता गया।
लगभग सारे अकाउंट वापस आ रहे हैं। Bug भी fix कर दिया गया है। अब group बनाकर कमेंटबाजी या ट्रिक लगाकर see more जैसे पोस्ट करने से बचिये नहीं तो सालों की मेहनत मिट्टी हो जाएगी।
आप सब को आगे बढ़ना ही है तो बिना ईगो के तमाम लोगों को धीरे धीरे फॉलो करते जाइये।