

मोदी की गारंटी के नाम पर जुमलेबाजी करके इन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं को ठगा है। जब विपक्ष में थे तब संविदा कर्मचारियों के सभी रैली और धरना प्रदर्शनों में जाकर भाजपा के नेताओं ने संविदा कर्मचारियों से झूठी हमदर्दी दिखाकर, उनसे नियमितीकरण के वादे किये थे। यहाँ तक कि विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी बोलकर घोषणापत्र में चुनाव जितने पर संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण लिए 100 दिन में कमेटी बनाने का वादा किया था, पर उस कमेटी काक्या हुआ किसी को कुछ पता नहीं? भाजपा के जिन नेताओं ने संविदा कर्मचारियों के रैली और धरना प्रदर्शनों जाकर उनसे वादे किये थे वो लोग चुनाव जितने के बाद आज सरकार में टॉप के मंत्री बन चुके हैं। वेतन-भत्ते और सरकारी सुविधाओं की सेवा ले रहे हैं, पर उन्हें वोट देकर जिताने वाले संविदा कर्मचारी किस हाल में जी रहे हैं, उनका हाल-चाल पूछने के लिए भी समय नहीं है। मेरे पास उन नेताओं के बयान के वीडियो और अखबार आज भी मौजूद हैं। नेता लोग नियमितीकरण के झूठे वादे करके वोट लेते हैं और चुनाव जितने के बाद संविदा, अनियमित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को उनके हाल पर छोड़कर सत्ता का सुख भोगने लग जाते हैं। पहले कांग्रेस ने ऐसा किया और अब बीजेपी भी वही कर रही है। जब विपक्ष में रहते हैं तब दोनों राजनितिक पार्टी संविदा और अनियमित कर्मचारियों के हमदर्द बनने का नाटक करते हैं। @vishnudsai @ArunSao3 @vijaysharmacg @ChhattisgarhCMO @ShyamBihariBjp @bhupeshbaghel @DeepakBaijINC @TS_SinghDeo @DrCharandas @INCChhattisgarh @BJP4CGState @brijmohan_ag @vijaybaghelcg @ShrivasGouri
























