Critical Analytical Shiv

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India 가입일 Eylül 2024
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Najib Farhodi
Najib Farhodi@Najib_Farhodi·
Iranians' 'mysterious' gift to Donald J. Trump.
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Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)
Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)@AnumaVidisha·
⚠️🕌 ईरान ने खाड़ी देशों के 6 बड़े इस्पात कारखानों — Saudi Hadeed, Emirates Steel Arkan, Qatar Steel, Foulath Bahrain, United Steel Kuwait और Yehuda Steel Israel — को खाली करने का आदेश दे दिया है. यह चेतावनी बिना वजह नहीं है. जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता चल रही थी, ठीक उसी वक्त अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर अचानक हमला बोला, जिसके कारण ईरान के स्कूल, अस्पताल और सांस्कृतिक धरोहरें सब तबाह हुईं. इसके बावजूद सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने सैनिक अड्डे दिए, यूएई और क़तर ने अमेरिकी फौजी मौजूदगी को अपनी ज़मीन पर बनाए रखा, और इन्हीं देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ संयुक्त निंदा भी जारी की. ईरान ने पहले ही साफ कह दिया था — जो देश इस युद्ध में अमेरिका और इज़राइल का साथ देंगे, वो तटस्थ नहीं माने जाएंगे. आज भी वक्त है — खाड़ी के देश चाहें तो इस जंग से अलग रह सकते हैं. #StopMiddleEastWar #PeaceOverConflict
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Bill Bramhall
Bill Bramhall@BillBramhall·
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mike luckovich
mike luckovich@mluckovichajc·
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Ranvijay Singh
Ranvijay Singh@ranvijaylive·
रात के 12.15 हो रहे थे. अम‍ित पत्‍नी को लेकर सरकारी अस्‍पताल पहुंचे, उसकी ड‍िलीवरी होनी थी. सरकारी अस्‍पताल में डॉक्‍टर और स्‍टाफ सो रहे थे. अम‍ित ने उन्‍हें जगाया. बहुत इंतजार के बाद उनकी पत्‍नी को ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले जाया गया. स्‍टाफ ने पत्‍नी को टेबल पर ल‍िटाया और खुद सोने चले गए. इस बीच पर‍िजन बाहर इंतजार कर रहे थे, उन्‍हें लग रहा था अंदर डॉक्‍टर देख रहे हैं. जब तकलीफ बढ़ने लगी तो अम‍ित की पत्‍नी ने चीखना शुरू क‍िया. बाहर बैठे पर‍िजन अंदर पहुंचे तो देखा वो अकेले टेबल पर लेटी है. इसके बाद अम‍ित ने फ‍िर से स्‍टाफ को जगाया, तब जाकर ड‍िलीवरी हो पाई. जानते हैं ये कहां का मामला है? ये यूपी के राजधानी लखनऊ में सरकारी अस्‍पताल का मामला है. सीएचसी प्रभारी डॉ. हेमंत का कहना है- अगर पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी.
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Uday Bhanu Chib
Uday Bhanu Chib@UdayBhanuIYC·
इलेक्टोरल बॉन्ड के बाद अब PM-CARES का 'महा-घोटाला'! महाराष्ट्र में एक जापानी कंपनी को फैक्ट्री शुरू करने की परमिशन मिलती है और तुरंत बाद करोड़ों रुपए PM-CARES में पहुँच जाते हैं! और आखिर क्यों सरकार इस फंड को RTI के दायरे से बाहर रखकर पारदर्शिता से भाग रही है? क्या सच छिपाने के लिए ही इसे 'प्राइवेट ट्रस्ट' का चोला ओढ़ाया गया है?
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Awesh Tiwari
Awesh Tiwari@awesh29·
यह कितने दुख की बात है पीएम मोदी ने संकट की इस घड़ी में ढोल नगाड़े के साथ ट्विटर पर बताया कि ट्रंप जी ने मुझे फोन किया था और बात करी। लेकिन मोदी जी यह बात गोल कर गए कि इस बातचीत में ट्रंप गैंग से बाहर निकाल दिया गया मस्क भी मौजूद था। अगर था तो क्यों था? एलन मस्क का मौजूदा समस्या से क्या लेना देना है? यही प्रवृत्ति चिंताजनक है। अगर मस्क कॉन्फ्रेंस कॉल के मौजूद था तो कोई बड़ी बात अवश्य रही होगी l छिपाना ठीक नहीं था।
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Cartoonist Alok
Cartoonist Alok@caricatured·
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PANKAJ CHATURVEDI 🇮🇳
जेवर के अधूरे एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर नवाब रँगीले ने दमकती धूप में भक्तों से मोबाईल की लाइट जलवा दी - आज यहाँ उपस्थित हर व्यक्ति इसका उदघाटन कर रहा है ----- लेकिन यह यहीं बोल रहे कि जैसे मैं मुफ़्त में जहाज में घूमता हूँ , आप भी अब घूमेंगे -- चलो छोड़ी यही बोल देते कि आपसे यूजर्स चार्ज नहीं लिया जाएगा -- इमोशनल फूल बनाने में माहिर
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Wasiuddin Siddiqui
Wasiuddin Siddiqui@WasiuddinSiddi1·
क्यों अमेरिका ईरान युद्ध को खत्म नहीं कर सकता: ईरान मांग करता है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट से बाहर निकले ! इसके नतीजे में अमेरिका पेट्रोडॉलर का दर्जा खो देगा ! इसके नतीजे में अमेरिका रिज़र्व करेंसी का दर्जा खो देगा ! इसके नतीजे में अमेरिका अब अपना कर्ज़ चुकाने के क़ाबिल नहीं रहेगा ! ये सभी बातें तब होंगी जब ईरान कोई समझौता नहीं करेगा ! अमेरिका मिडिल ईस्ट में किसी सीमा की रक्षा नहीं कर रहा है, वह अपनी क्रेडिट लिमिट की रक्षा कर रहा है ! पेट्रोडॉलर सबसे बड़ा “चीट कोड” था, अमेरिका मुफ्त में कागज़ (डॉलर) छापता है, और बाकी दुनिया इसके बदले में असली संसाधन जैसे तेल देती है ! अगर ईरान इस चक्र को तोड़ देता है, तो बाहर मौजूद ट्रिलियन डॉलर सिर्फ ग़ायब नहीं होंगे, बल्कि तेज़ महंगाई के रूप में वापस आएंगे ! जिस पल दुनिया को ऊर्जा ख़रीदने के लिए डॉलर की ज़रूरत नहीं रहेगी, उस पल अमेरिका सुपरपावर नहीं रहेगा और सिर्फ एक कर्ज़दार देश बन जाएगा जो अपने बिल भी नहीं चुका सकता ! यह इतिहास की सबसे बड़ी रणनीतिक ग़लती साबित हो सकती है ! अब यह पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक महान मंदी में धकेल दे सकती है, जो सीधे ग़रीब देशों में अकाल की तरफ ले जाएगी ! यह मानना ​​मुश्किल है कि यह ग़लती थी, यह जानबूझकर किया गया लगता है... ये सीमाहीन यहूदी परजीवी बस अगले मेज़बान की तरफ बढ़ जाएंगे और अमेरिका को एक सड़ते हुए शव की तरह छोड़ देंगे ! इस बात पर कम लोग घ्यान दे रहे हैं कि युद्ध का लक्ष्य अब होर्मुज को फिर से खोलना हो गया है, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इसराहेल के अचानक हमले से पहले खुला हुआ था !
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Shakeel Akhtar
Shakeel Akhtar@shakeelNBT·
अब एक नई शुरुआत और कर दी! शहर का नाम वही रहेगा स्टेशन का नाम बदल देंगे। झांसी का आपको मालूम होगा! जंक्शन है।‌ नाम बदल दिया। अब झांसी के नाम से कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। शहर है। भारी कन्फ्यूजन! मगर कर दिया। और अब ग्वालियर स्टेशन का नाम बदलना चाह रहे थे। कोई पूछे कि क्या बुराई है ग्वालियर नाम में! और अगर है तो शहर का नाम भी बदल दो। लेकिन नहीं शहर का वही रहेगा स्टेशन का बदलेंगे। क्या रखेंगे? भाजपा के वहां से जो लोकसभा सदस्य भरत सिंह कुशवाहा हैं उनकी मांग है कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर। लेकिन भाजपा के दूसरे बड़े नेता‌ ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। उनकी मांग है तो माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा जाए ग्वालियर रेलवे स्टेशन सहित पूरी रेलवे के विकास में उनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। बात सही है। ग्वालियर में रेलवे स्टेशन सहित सारा विकास का काम माधवराव ने ही कराया है। और आश्चर्यजनक रूप से देश के प्रधानमंत्री रहे ग्वालियर में जन्मे यहां से चुनाव लड़े वाजपेयी के नाम पर ग्वालियर में कुछ भी करवाने का कोई श्रेय नहीं है। इस बीच एक तीसरा विचार भी सामने आया है। जो वहां के आम नागरिकों का है जिसका कहना है की स्टेशन का नाम यही रहना चाहिए। जनता उलझी है। जज्बाती मुद्दा है और इसके सामने सारे असली मुद्दे गौण हो गए हैं।
Shakeel Akhtar@shakeelNBT

प्रधानमंत्री मोदी कह रहे हैं की नेता नोएडा आने से डरते थे! कौन से नेता? कांग्रेस ने तो नोएडा बनाया ही है। संजय गांधी की पहल थी। और लास्ट कांग्रेस के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह कई बार आए। और जिक्र आ गया नए शहर बनाने का तो सिर्फ नोएडा ही नहीं कांग्रेस ने कई शहर बनाए। नाम नहीं बदला। चंडीगढ़, गांधीनगर, भुवनेश्वर कई। बस बातें नहीं बना पाई।

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NPC Planet
NPC Planet@npc_planet·
As many of you know, my monetization was disabled under the “misleading family content” policy. Well, I’m here with some good news — it’s finally been restored. I’ve been waiting for this for a long time, and it feels great to finally have monetization back. Grateful that my reapplication was reviewed and approved @TeamYouTube @YouTubeCreators @YouTube
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Dr. Mukesh Kumar
Dr. Mukesh Kumar@mukeshbudharwi·
ये मज़ेदार है। एप्स्टीन फाइल्स से परेशान ट्रम्प ने ईरान पर हमला करने का फ़ैसला किया। उम्मीद थी कि इससे अमरीकियों का ध्यान बँट जाएगा। अब शायद वे एप्स्टीन फ़ाइल्स को रिलीज़ करने के बारे में सोच रहे होंगे ताकि अमरीकियों का ध्यान जंग से हट जाए। आसमान से गिरे खजूर में अटके।
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Dr. Kanchana Yadav
Dr. Kanchana Yadav@Kanchanyadav000·
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले एक लंबा ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके मित्र Donald Trump से उनकी फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत पश्चिम एशिया के मुद्दों और तमाम ग्लोबल समस्यायों को लेकर थी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने यह नहीं बताया कि इस बातचीत में उनके अलावा एक तीसरा व्यक्ति भी शामिल था, जिसका नाम Elon Musk है। एलन मस्क एक व्यवसायी हैं ऐसे में सवाल उठता है कि वे देशों के नेताओं के बीच होने वाली इस तरह की बातचीत में क्यों शामिल थे? एक व्यवसायी को तो स्वाभाविक रूप से व्यापारिक हित ही दिखाई देंगे। सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तथ्य को देश से छुपाया क्यों? यह समझना कठिन है कि वे देश के हित में काम कर रहे हैं या विदेशी व्यापारियों के हित और प्रभाव में। आधा-अधूरा सच देश के सामने रखकर क्या वे स्वयं को देश से बड़ा समझने की गलती कर रहे हैं?
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Hemant Kumar
Hemant Kumar@SpeakingHemant·
क्या भारत मे निर्बाध 'बोलने कीआज़ादी है अनुछेद19 मे? नही खुद #नेहरू,#पटेल,और #अम्बेडकर ने #आर्टिकल19 मे रीजनबल रिट्रिक्शन को जोड़ा, भारत मे अमरीका जैसा 'एब्स्लोयुट #फ्रीडमऑफस्पीच' है ही नही. तो @MukeshMohannn को #भारत #सम्विधान #आर्टिकल19 के लिये #अम्बेडकर को दोष देना चाहिये.
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