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Nitish Singh™
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Nitish Singh™
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A Very Proud Hindu Indian Nationalist🚩 ।। यतो धर्म: ततो जय: ।। Nature Lover॥ Technophile॥ Historophile ॥ Criket Lover @msdhoni॥Polyglot॥
Bihar/Delhi Katılım Mayıs 2021
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पंचमुखी हनुमान के पांच मुख का वर्णन 🚩
पंचमुखी हनुमान के पांच मुख पांच दिशाओं में हैं। हर रूप एक मुख वाला, त्रिनेत्रधारी यानी तीन आंखों और दो भुजाओं वाला है।
यह पांच मुख इस प्रकार से है।
1 :- नरसिंह रूप ,पंचमुखी हनुमान का दक्षिण दिशा का मुख भगवान नृसिंह का है। इस रूप की भक्ति से सारी चिंता, परेशानी और डर दूर हो जाता है।
२- गरुड रूप , पंचमुखी हनुमान का पश्चिमी मुख गरूड का है। जिसके दर्शन और भक्ति संकट और बाधाओं का नाश करती है।
३- अश्व रूप ,पंचमुखी हनुमान का पांचवा मुख आकाश की ओर दृष्टि वाला होता है। यह रूप अश्व यानी घोड़े के समान होता है। श्रीहनुमान का यह करुणामय रूप होता है। जो हर मुसीबत से रक्षा करने वाला माना जाता है।
४- वानर रूप पंचमुखी हनुमान का पूर्व दिशा में वानर मुख है। जो बहुत तेजस्वी है। इसकी उपासना या दर्शन से विरोधी या शत्रु पराजित हो जाता है।
५- वराह रूप पंचमुखी हनुमान का उत्तर दिशा का मुख वराह रूप होता है। जिसकी सेवा-साधना अपार धन, दौलत, ऐश्वर्य, यश, लंबी आयु, स्वास्थ्य देती है।
पंचमुख हनुमान की साधना से जाने-अनजाने हुए सभी बुरे कर्म और विचारों के दोषों से छुटकारा मिलता है।

हिन्दी
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𝗧𝗼𝗱𝗮𝘆 𝘄𝗲 𝘄𝗶𝗹𝗹 𝘁𝗮𝗹𝗸 𝗮𝗯𝗼𝘂𝘁 𝘁𝗵𝗲 "𝗽𝘂𝗷𝗮 𝗴𝗵𝗮𝗿" 𝗶𝗻 𝘆𝗼𝘂𝗿 𝗵𝗼𝘂𝘀𝗲 𝗳𝗼𝗿 𝘁𝗵𝗲 𝘂𝗿 𝗯𝗲𝘁𝘁𝗲𝗿𝗺𝗲𝗻𝘁.....
अपने गृह निवास में पूजन कक्ष स्थापना से पूर्व ध्यान रखें ये कुछ विशेष प्रमाणिक नियम —>
#thread
🛕 पूजन कक्ष 🛕
1 - घर में पूजन कक्ष सदैव उत्तर पूर्व, या घर के ईशान दिशा में होना चाहिए, जहां प्रवेश करने वाली सूर्य की रोशनी में कोई बाधा न हो। यह दिशा भगवान के मंदिर को स्थापित करने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। यदि उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा कक्ष बनाना सम्भव न हो तो इसे पूर्व दिशा अथवा उत्तर दिशा में भी बनाया जा सकता है।











