ʀᴀʜ-ᴇ-ᴡᴀꜰᴀ

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@707_ek

𝐒𝐢𝐭𝐦 𝐲𝐞𝐡 𝐡𝐚𝐢 𝐤𝐢 𝐡𝐮𝐦𝐚𝐫𝐢 𝐬𝐡𝐚𝐟𝐨𝐧 𝐦𝐞𝐢𝐧 𝐬𝐡𝐚𝐦𝐢𝐥 𝐡𝐚𝐢𝐧 𝐂𝐡𝐚𝐫𝐠𝐡 𝐛𝐡𝐮𝐣𝐭𝐞 𝐡𝐢 𝐤𝐡𝐚𝐢𝐦𝐚 𝐛𝐚𝐝𝐥𝐧𝐞 𝐰𝐚𝐥𝐞 𝐥𝐨𝐠..✍

ᴛʜɪᴋᴀɴᴀ🎭ʜᴀʏᴀᴛ-ᴇ-Qᴀʙʀ Katılım Nisan 2023
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मेरी रग-रग में धूल रक़्साँ है मुझ में #मौजूद है खंडर तन्हा। 𝑅𝒶𝒽-𝑒-𝓌𝒻𝒶
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Minal Sultan
Minal Sultan@Sky_Offee·
अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है... जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की... ~ परवीन शाकिर
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Minal Sultan@Sky_Offee·
तुम हो जब मेरे लिए हैं दो-जहाँ मेरे लिए... ये ज़मीं मेरे लिए ये आसमाँ मेरे लिए... ~ बिस्मिल सईदी
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रख तो रखा था खंज़र सिनें पर मिरे निगहाँ मिला कर मुझ से मैंरी ख्वाहिश न पूछ सका। 𝑅𝒶𝒽-𝐸 𝓌𝒶𝒻𝒶
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कैसे बयां करूँ दिल की हसरतें तुझे झूमका पहनाऊँ और सिनें से लगाऊं तुझे। 𝑅𝒶𝒽-𝐸 𝓌𝒶𝒻𝒶
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🤍 𝐇𝐀𝐅𝐈𝐙𝐀 𝐒𝐀𝐍𝐀 𝐇𝐀𝐘𝐀𝐓꧂ 🤍🕊️
@707_ek @AIJAJ_B02 "कत्ल जिस्म का नहीं था... मेरी ख़ामोशी ने मेरी रूह को दफ़्न कर दिया। ✨" वो ख़ंजर लिए खड़ा था... और मैं मुस्कुरा रही थी, क्योंकि दर्द से ज़्यादा उसकी बेबसी दिख रही थी। 🖤🥀"
Doha, Qatar 🇶🇦 हिन्दी
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Minal Sultan@Sky_Offee·
जब कहा था मोहब्बत गुनाह तो नहीं... फिर गुनाह के बराबर सज़ा क्यों मिली... ~ ख़लील-उर-रहमान क़मर
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Minal Sultan@Sky_Offee·
दीवानों की बस्तियों में अब अपना घर नहीं आता... आता था जो कभी मिलने वो रहगुज़र नहीं आता... ~ Minal Sultan
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𝐀𝐢𝐣𝐚𝐣 𝐀𝐡𝐦𝐚𝐝
मैंने गर्दिश-ए-ज़माना से घबरा के पी गया, क़िस्मत की सितम-ज़रीफ़ी से घबरा के पी गया। इतना गहरा दरिया कोई पार कैसे करे, ज़िंदगी के सवालात से घबरा के पी गया। डगमगाते थे क़दम, राहें थीं तारीक-सी, मंज़िल की सरगुज़श्त से घबरा के पी गया। मैं ख़ाकी हूँ, नहीं हूँ कोई महरम-ए-राज़, इस दौर की हिकायात से घबरा के पी गया। दुनिया है मौज-ए-हवादिस का बेकराँ समंदर, उस तूफ़ान की फ़िरासत से घबरा के पी गया। ख़ार हैं राह-ए-वफ़ा में, ये बात है दुरुस्त, फूलों की बेवफ़ाइयों से घबरा के पी गया। "ऐजाज़" वो कहते रहे, पी के दुख भुला लो, उन दोस्तों की हमदर्दी से घबरा के पी गया।
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