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ʀᴀʜ-ᴇ-ᴡᴀꜰᴀ
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ʀᴀʜ-ᴇ-ᴡᴀꜰᴀ
@707_ek
𝐒𝐢𝐭𝐦 𝐲𝐞𝐡 𝐡𝐚𝐢 𝐤𝐢 𝐡𝐮𝐦𝐚𝐫𝐢 𝐬𝐡𝐚𝐟𝐨𝐧 𝐦𝐞𝐢𝐧 𝐬𝐡𝐚𝐦𝐢𝐥 𝐡𝐚𝐢𝐧 𝐂𝐡𝐚𝐫𝐠𝐡 𝐛𝐡𝐮𝐣𝐭𝐞 𝐡𝐢 𝐤𝐡𝐚𝐢𝐦𝐚 𝐛𝐚𝐝𝐥𝐧𝐞 𝐰𝐚𝐥𝐞 𝐥𝐨𝐠..✍
ᴛʜɪᴋᴀɴᴀ🎭ʜᴀʏᴀᴛ-ᴇ-Qᴀʙʀ Katılım Nisan 2023
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@707_ek @AIJAJ_B02 "कत्ल जिस्म का नहीं था... मेरी ख़ामोशी ने मेरी रूह को दफ़्न कर दिया। ✨"
वो ख़ंजर लिए खड़ा था... और मैं मुस्कुरा रही थी, क्योंकि दर्द से ज़्यादा उसकी बेबसी दिख रही थी। 🖤🥀"
Doha, Qatar 🇶🇦 हिन्दी
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मैंने गर्दिश-ए-ज़माना से घबरा के पी गया,
क़िस्मत की सितम-ज़रीफ़ी से घबरा के पी गया।
इतना गहरा दरिया कोई पार कैसे करे,
ज़िंदगी के सवालात से घबरा के पी गया।
डगमगाते थे क़दम, राहें थीं तारीक-सी,
मंज़िल की सरगुज़श्त से घबरा के पी गया।
मैं ख़ाकी हूँ, नहीं हूँ कोई महरम-ए-राज़,
इस दौर की हिकायात से घबरा के पी गया।
दुनिया है मौज-ए-हवादिस का बेकराँ समंदर,
उस तूफ़ान की फ़िरासत से घबरा के पी गया।
ख़ार हैं राह-ए-वफ़ा में, ये बात है दुरुस्त,
फूलों की बेवफ़ाइयों से घबरा के पी गया।
"ऐजाज़" वो कहते रहे, पी के दुख भुला लो,
उन दोस्तों की हमदर्दी से घबरा के पी गया।
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