ANKIT TIWARI OFFICIAL
392 posts


सेवा में, माननीय अध्यक्ष महोदय, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ, उत्तर प्रदेश। विषय: राजस्व लेखपाल मुख्य परीक्षा (विज्ञापन संख्या-02/2025 के संदर्भ में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित विसंगतियों, दावों एवं आशंकाओं की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय समीक्षा/जांच कराने के संबंध में सादर प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि सभी यूपी राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा के मुख्य परीक्षा में सम्मिलित अत्यंत अनुशासित एवं ईमानदार अभ्यर्थी इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान दिनांक 21 मई 2026 को आयोजित हुई लेखपाल मुख्य परीक्षा के उपरांत सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों पर उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति तथा परीक्षा की शुचिता को लेकर व्यक्त की जा रही विभिन्न आशंकाओं की ओर अत्यंत आदरपूर्वक आकर्षित करना चाहते हैं। प्रतियोगी परीक्षा के संपन्न होने के बाद से ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे X/ट्विटर, टेलीग्राम, व्हाट्सएप) पर स्क्रीनशॉट और वीडियो के कथित रूप से प्रसारित होने के दावे किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, विभिन्न सूत्रों द्वारा कुछ परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियों और अनुचित साधनों के अनधिकृत उपयोग की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। वर्तमान में व्याप्त इस अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति ने विगत कई वर्षों से दिन-रात पूर्ण निष्ठा के साथ मेहनत कर रहे लाखों योग्य व परिश्रमी अभ्यर्थियों को गहरे मानसिक तनाव और भारी निराशा में धकेल दिया है। हम भली-भांति समझते हैं कि कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक अफवाहें भी फैलाई जाती हैं, परंतु यदि इन खबरों व दावों में रत्ती भर भी सत्यता अंश है, तो यह प्रदेश के कर्मठ युवाओं के भविष्य और स्वयं आयोग की स्थापित शुचिता, निष्पक्षता, साख व पारदर्शिता के सिद्धांतों के सर्वथा विपरीत है। अतः अभ्यर्थियों के व्यापक हित, प्रदेश के युवाओं के भरोसे और परीक्षा की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने हेतु हम निम्नलिखित न्यायसंगत एवं वैधानिक मांगें आपके समक्ष सहानुभूतिपूर्वक विचारार्थ प्रस्तुत करते हैं: हमारी प्रमुख मांगें: उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच (STF Inquiry): परीक्षा प्रक्रिया के संदर्भ में सोशल मीडिया पर प्रसारित इन कथित विसंगतियों, स्क्रीनशॉट और दावों की सत्यता की परख करने हेतु इसकी जांच किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय तकनीकी एजेंसी अथवा STF को सौंपी जाए, ताकि पूरी निष्पक्षता के साथ वास्तविक स्थिति और सत्य सामने आ सके। साइबर एवं फॉरेंसिक टाइमस्टैम्प जांच: सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए कथित प्रश्नपत्रों और चैट के टाइमस्टैम्प (Timestamp) की गहन साइबर व फॉरेंसिक जांच कराई जाए, जिससे यह पूरी तरह प्रमाणित हो सके कि ये सामग्रियां परीक्षा अवधि के दौरान की हैं अथवा परीक्षा संपन्न होने के पश्चात भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित की गई हैं। संदिग्ध परीक्षा केंद्रों की समीक्षा: जिन परीक्षा केंद्रों के संबंध में अभ्यर्थियों अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से कोई विसंगति या संदिग्ध गतिविधि की शिकायत प्राप्त हुई हो, वहां की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की सूक्ष्मता से जांच की जाए। यदि कहीं भी कोई संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषी तत्वों व अनुचित लाभ लेने का प्रयास करने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समयबद्ध एवं पारदर्शी आख्या (Report): लाखों अभ्यर्थियों के मन से असमंजस और अविश्वास के वातावरण को दूर करने हेतु इस संपूर्ण समीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाए तथा एक निश्चित समय-सीमा (जैसे 15 या 30 दिन) के भीतर इसकी आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जाए। वैधानिक निर्णय एवं पुनः परीक्षा का विकल्प: यदि उच्च स्तरीय जांच में प्राथमिक स्तर पर भी किसी भी प्रकार का व्यापक नियम-उलंघन, गोपनीयता भंग होना अथवा शुचिता प्रभावित होना प्रमाणित होता है, तो समस्त योग्य अभ्यर्थियों के साथ पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने हेतु इस परीक्षा को वैधानिक रूप से निरस्त (Cancel) किया जाए, तथा बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक भार (शुल्क) के पूर्णतः सुरक्षित, पारदर्शी और अभेद्य तरीके से पुनः परीक्षा (Re-exam) आयोजित की जाए। महोदय, UPSSSC हमेशा से प्रदेश के युवाओं के भविष्य, उनकी प्रतिभा और पारदर्शी चयन प्रक्रियाओं के प्रति पूर्णतः संवेदनशील, कटिबद्ध व न्यायप्रिय रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि आप लाखों युवाओं के त्याग, तपस्या और ईमानदारी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे तथा इस अत्यंत संवेदनशील मामले में त्वरित, निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय लेकर युवाओं का व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ करेंगे। समस्त लेखपाल मुख्य परीक्षा के प्रभावित, अनुशासित एवं न्यायप्रिय अभ्यर्थियों की तरफ से..🙏 #Lekhpal_Exam_Investigation









