
Morality
3K posts



अंग्रेजों की नजर में “1857 की क्रांति” मुसलमानों ने की थी। इसलिए मुसलमानों को शत्रुता के भाव से देखा गया। उन्हें विशेष रूप से प्रताड़ित किया गया। बड़े पैमाने पर उनकी जमीनें और संपत्ति जब्त की गई।
✓सोर्स:- NCERT History Book, Class 8th
{कमेंट बॉक्स में स्क्रीन शॉट देखें}
••••••••••••
क्रांति में और बाद में आजादी की लड़ाई में हमारे उलेमाओं की बहुत बड़ी कोशिशें और कुर्बानियां थी।
✓अंग्रेज़ों ने जिसे “क्रांति का प्रकाश स्तंभ” कहा वे मौलवी अहमदुल्लाह शाह थे। इन्होंने लखनऊ और शाहजहांपुर में कई बार अंग्रेजों को पराजित किया। 50,000 चांदी के टुकड़े जीतने के लिए पोवायन के राजा जगन्नाथ सिंह ने गद्दारी की और मौलवी को अपने यहां बुलाकर शहीद कर दिया। उसके भाई बलदेव सिंह ने मौलवी का सर काटकर अंग्रेजों के यहां पेश करके इनाम जीता और मौलवी का सर कोतवाली में टांग दिया गया।
बाबरी मस्जिद के बदले बनने वाली मस्जिद इन्हीं के नाम पर होगी।
✓ जंग के लिए जिसके जिहाद के फतवे ने सबसे ज्यादा असर किया उस मौलाना फ़ज़ले हक खैराबादी को काला पानी की सजा काटने अंडमान निकोबार भेजा गया।
✓मौलवी लियाकत अली कादरी ने इलाहाबाद में क्रांतिकारियों का नेतृत्व किया। 10 दिन के लिए खुद ही इलाहाबाद के बादशाह बन गए। 5000₹ का इनाम जीतने के लिए मुंबई से गद्दारों ने उन्हें गिरफ्तार करवा दिया। फिर उन्हें भी काला पानी की क्रुर सजा सुनाई गई।
✓मौलवी पीर अली खान पटना में क्रांतिकारी विचारों की किताबें बेचते थे बाद में क्रांति का नेतृत्व किया। एक अंग्रेज अफसर को मार दिया बाद में उन्हें पटना में सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ाया गया।
••••••••••••
✓ “मादरे वतन हिंदुस्तान जिंदाबाद” का पहली बार नारा देने वाले मौलवी अज़ीमुल्लाह खान थे। ये वही नारा है जिसका हिंदी रूपांतरण “भारत माता की जय” के रूप में किया गया।
✓“इंकलाब जिंदाबाद” यानि “क्रांति की जय हो” का नारा देने वाले भी मौलाना हसरत मोहानी थे।
✓मुजाहिदीन ए आज़ादी यानि क्रांतिकारियों में जान डालने वाला देशभक्ति गीत “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” वाला प्रसिद्ध गीत भी एक उर्दू शायद बिस्मिल अज़ीमाबादी ने लिखा था।
००००००००
1857 में जब मुसलमानों का अनाप शनाप नुकसान हो गया। लगभग सारे मुजाहिद्दीन ए आज़ादी शहीद हो गए तो नए क्रांतिकारी या मुजाहिद्दीन ए आज़ादी पैदा करने के लिए 1866 में दारुल उलूम देवबंद की नींव रखी गई थी।
1857 के बाद उलेमाओं की तरफ से “तहरीक ए रेशमी रूमाल” के रूप में सबसे बड़ा आंदोलन चलाया गया था। इसमें प्रमुख किरदार अदा करने वाले शेख उल हिन्द मौलाना मेहमूद हसन, शेख उल इस्लाम मौलाना हुसैन अहमद मदनी, मौलाना उबैदुल्ला सिंधी जैसी नामी शख्सियतें थी।
इनका सबसे बड़ा काम अफगानिस्तान में एक स्थाई अंतरिम भारतीय सरकार {1915} का निर्माण करवाना था। जिसमें 👇
✓ राष्ट्रपति महेंद्र प्रताप सिंह को बनाया
✓ प्रधानमंत्री मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली बने
✓ ग्रह मंत्री मौलाना उबैदुल्ला सिंधी बने थे
✓ युद्ध मंत्री मौलाना बशीर बने थे।
इस आंदोलन में रेशमी रूमाल पर संदेश लिखकर एक दूसरे को भेजे जाते थे। इनके कई दूत अरब, तुर्की, मध्य एशिया गए ताकि उनसे सहयोग प्राप्त करके भारत में अंग्रेजों के खिलाफ एक बार फिर से 1857 की क्रांति जैसी जंग छेड़ी जाए।
ये जंग लंबे वक्त तक छेड़ी जानी थी लेकिन मौलाना उबैदुल्ला सिंधी का एक रेशमी रूमाल पर लिखा खत अंग्रेजों के हाथ लग गया जो अरब गए शेख उल हिन्द मौलाना मेहमूद हसन को भेजा गया था।
इसके बाद शेख उल हिन्द मौलाना मेहमूद हसन की गिरफ्तारी अरब में हुई और उन्हें 3 साल के लिए माल्टा जेल भेज दिया। इस समय कई शिष्य भी उनके साथ थे जिसमें सबसे बड़ा नाम शेख उल इस्लाम मौलाना हुसैन अहमद मदनी का था जिनकी तस्वीर आप नीचे देख रहे हो।
3 साल बाद जून 1920 में ये रिहा हुए और इंडिया आकर गांधीजी के अहिंसात्मक आंदोलनों का समर्थन किया और दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखवाने में प्रमुख किरदार निभाया।

हिन्दी

@miragechazer101 @Rustum_0 1941 census👇
Muslims population in Indian Punjab (today Punjab+Haryana+Himachal Pradesh)= 54,74,625 (55 lakhs)
Hindus population in Pak Punjab= 23,07,435 (23 lakhs)
Sikhs population in Pak Punjab= 13,65,288 (14 lakhs)
Hindus+Sikhs population in Pak Punjab= 37 lakhs
Indonesia

@A1Morality @Rustum_0 The total Muslim population of Haryana was around 30%.
Similar to what was Hindu Sikh population in Pak Punjab.
English

I can give examples of multiple cities, not just one, where a ~50% Muslim population before 1947 declined to around ~1% today.
Ludhiana (62%) — 5%
Jalandhar (61%) — 2%
Gurdaspur (52%) — 1%
Ferozepur (46%) — 1%
Gurgaon (43%) — 5%
Ambala (42%) — 1%
Kartarpur (41%) — 1%
#many_more
Kalinga Arya@KalingaArya
Is there any example in India where a city with ~50% Muslim population before 1947 became 1% today?
English

@miragechazer101 @Rustum_0 In rural part of district also Muslim population were very high. See this 1941 census. In Haryana alone 3,000 villages were Muslim majority in the 1941 census

English

@A1Morality @Rustum_0 This is misinfo.
Traditionally Muslim population lived more in urban part so have more population in city.
While in whole district they have lesser population.
Reg, anyone who voted for partition got what they deserved
English

@A1Morality @Rustum_0 I did the calculation for Panipat based on today's area from the 1941 Census, and the total percentage of Muslims is only 16.5%.
English

@haryanvitai जठेड़ी गांव में सिर्फ 48 घर हैं सिर्फ 300 लोगों की आबादी का छोटा सा गांव है यानी हर घर में 6 लोग रहते हैं तो कोई बडी बात नही है कि एक ही जाति के लोग रहते हैं ऐसे गांव बहुत मिल जाएंगे।

हिन्दी

@haryanvitai अग्निवीर कारण नही है इनके एक एक बालक हैं बस इनमें से कितने पर तो पेपर नही निकलता, बहुतों की हाइट ही नही है। कांग्रेस की सरकार में ऊमर पूरी होते ही दुबारा 10वी करके ऊमर कम करवा लेते थे और कांग्रेस की सरकार में जो भर्ती होते थे वो अपने बालकों और रिश्तेदारों को भी भर्ती करवा देते थे
हिन्दी

@TrueStoryUP प्रियंका मिश्रा नाम है लड़की का और गोरखपुर की रहनी वाली थी, 600 किलोमीटर दूर झांसी में शादी की थी।




हिन्दी

UP के झाँसी में 14 दिन पहले हुई शादी के बाद ससुराल में नवविवाहिता ज्योति मिश्रा की मौत हो गई। ज्योति के परिवार को छत से गिरकर मौत की बात बताई गई। मायके वाले गोरखपुर से यहां पहुंचे तो शव पर चोट के निशान मिले। हत्या की आशंका जताई गई। पुलिस मौक़े पर आई.. शव को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम को भेजा गया। पति, सास व ससुर कस्टडी में है।

हिन्दी

@Highonchoorma 27. नंबर पर आरती शर्मा हिमाचल प्रदेश से हैं।
तो हिमाचल प्रदेश से भी एक का सिलेक्शन हो गया।
हिन्दी

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का जो दौर था वो 1975 से लेकर 2011 तक था जो कि 36 साल तक रहा अब इसकी जगह IPL ने ले ली हैं। अब साल भर में 3 महीने तक तो IPL ही चलता रहेगा।
Rest In Peace International Cricket😢
Mufaddal Vohra@mufaddal_vohra
🚨 94 IPL MATCHES FROM 2028. 🚨 - The BCCI likely to have a 94 match IPL season from 2028 with each team playing 18 league matches. (India Today).
हिन्दी



































