Sabitlenmiş Tweet

2 Oct 2023 लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा: एक अद्वितीय संघर्ष और समाज के लिए प्रेरणा
आदिवासी अधिकारों और न्याय की लड़ाई में हमेशा अग्रसर रहने वाले एड. सुनील कुमार आदिवासी जी ने विदिशा वन विभाग द्वारा आदिवासी चैन सिंह की गोली मारकर हत्या के खिलाफ विशाल आक्रोश आंदोलन कर पीड़ित परिवार को 45 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई। इस साहसिक कदम से उन्होंने शिवराज सरकार को चुनौती दी और समाज में न्याय का एक उदाहरण पेश किया।
वर्ष 2018 में सहरिया आदिवासी अधिकारों को लेकर उन्होंने 121 किलोमीटर की न्याय पदयात्रा कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। वहीं, हाल ही में उनकी 450 किलोमीटर लंबी लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा ने छोटे से विचार को विशाल कारवां में तब्दील कर दिया। इस यात्रा में उपस्थित समस्त जनों का उन्होंने हृदय से आभार व्यक्त किया।
पदयात्रा की अनूठी यात्रा और संघर्ष
इस यात्रा के दौरान खट्टे-मीठे पल, सफर के उतार-चढ़ाव और पदयात्रियों के साथ बने जीवनभर के रिश्ते इसे अविस्मरणीय बनाते हैं। हर कदम पर कभी कड़ी धूप तो कभी तेज़ बारिश का सामना करते हुए, पदयात्रियों का हौसला अद्वितीय था। रोज़ाना 40 किलोमीटर का सफर तय कर, अगले दिन फिर वही ऊर्जा और जज़्बे के साथ आगे बढ़ना केवल उन नौजवानों का काम है, जिनके दिलों में देश के लिए कुछ करने की आग हो।
गांवों की सच्चाई और दिल को छूने वाले अनुभव
इस यात्रा के दौरान उन्होंने गांवों, कस्बों और शहरों में ग़रीबी के दयनीय किस्से सुने। कहीं 80 साल के बुजुर्ग मजदूरी करने को मजबूर हैं तो कहीं बच्चों ने अपने माता-पिता को घर से निकाल दिया। ये दिल दहला देने वाले अनुभव इस पदयात्रा की असली तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
सामाजिक एकता का संदेश
इस पदयात्रा ने समाज में फैल रही नफरत को मिटाने और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देने का प्रयास किया। यात्रा के दौरान कई ऐसे क्षण आए, जिन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ने और एकता का संकल्प दिलाया।
अहिंसा के प्रतीक गांधी जी का मार्गदर्शन
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर पदयात्रा का समापन तय था। शिवराज सरकार की पुलिस ने भोपाल में पदयात्रा रोकने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गांधीवादी नेता श्री दिग्विजय सिंह जी ने अपने अहिंसात्मक दृष्टिकोण से इसे सफल बनाया।
संदेश के साथ समर्पण
यह पदयात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि न्याय, समानता और मानवता के लिए संघर्ष का प्रतीक है। यह दिखाती है कि जब एक कदम उठता है, तो काफिला खुद बन जाता है।
“अन्याय के खिलाफ सामाजिक संघर्ष ही सामाजिक परिवर्तन है।”
#लोकतंत्र_बचाओ_पदयात्रा
हिन्दी


































