Ajay niranjan

4.9K posts

Ajay niranjan banner
Ajay niranjan

Ajay niranjan

@Ajaykumaruppss

जिला उपाध्यक्ष UPPSS जालौन

India Katılım Mayıs 2021
392 Takip Edilen2.1K Takipçiler
Ajay niranjan retweetledi
Vidyasagar Mishra
Vidyasagar Mishra@vidyasagarmupps·
दिनांक 29 /5/26को श्रीमान उपजिलाधिकारी जालौन के कार्यशैली के खिलाफ(जिसमें शिक्षको को कामचोर कहा)उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद जालौन श्रीमान जिलाधिकारी महोदय को सुबह 9.30बजे ज्ञापन देगा @dmJalaun @BsaJalaun
हिन्दी
1
8
14
210
Ajay niranjan
Ajay niranjan@Ajaykumaruppss·
जय UPPSS @DrDCSHARMAUPPSS
Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے@vipinUPPSS

लेख: वेदना और मौन 4 अप्रैल को #Delhi में जो हुआ, वह केवल एक प्रदर्शन नहीं था; वह उस वर्ग की मौन वेदना थी, जिसने हमेशा समाज को शब्द दिए, विचार दिए, दिशा दी — पर आज स्वयं अपनी बात सुनाए जाने के लिए खड़ा होना पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से, कश्मीर से कन्याकुमारी तक से आए लाखों शिक्षक, लंबी यात्राएँ तय करके, कई रातों की थकान साथ लेकर राजधानी पहुँचे। उद्देश्य केवल इतना था कि शासन तक यह निवेदन पहुँच सके कि उनकी आजीविका, उनका सम्मान और उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। Teachers Federation of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा जी के आह्वान पर एकत्रित यह जनसमूह किसी क्षणिक असंतोष का परिणाम नहीं था; यह वर्षों से संचित उस पीड़ा का स्वर था जिसे शिक्षक अपने दायित्वों के बीच चुपचाप सहते आए हैं। किंतु सबसे अधिक पीड़ादायक यह है कि इतनी बड़ी संख्या में उठी यह आवाज़ आज तक सत्ता के गलियारों से किसी स्पष्ट उत्तर की प्रतीक्षा में है। सुनकर भी जैसे अनसुना कर दिया गया हो। और उससे भी अधिक चिंताजनक यह कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता ने भी इस विषय को वह गंभीरता नहीं दी जिसकी यह अपेक्षा रखता था। जब लाखों लोग एक साथ खड़े हों और उनकी चिंता सार्वजनिक विमर्श का प्रमुख विषय न बन सके, तब प्रश्न केवल उपेक्षा का नहीं, व्यवस्था की संवेदनशीलता का भी बन जाता है। लोकतंत्र की आत्मा संवाद में होती है। यह विश्वास लंबे समय तक हमारे भीतर रहा कि संख्या बल निर्णयों को प्रभावित करता है, कि शांतिपूर्ण उपस्थिति सत्ता को सोचने पर विवश करती है, कि दूर-दराज़ से आया जनसमूह केवल भीड़ नहीं बल्कि सामाजिक संदेश होता है। लेकिन जब 15 से 20 लाख लोग अपने घरों से दूर, थके हुए, जागी हुई रातों के साथ राजधानी पहुँचें और फिर भी उनकी व्यथा मुख्य विमर्श का हिस्सा न बन पाए, तो चिंता स्वाभाविक है। शिक्षक जब सड़क पर उतरता है, तब वह केवल अपने लिए नहीं उतरता। वह उस व्यवस्था के लिए खड़ा होता है जिसमें आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्मित होना है। उसकी माँगें व्यक्तिगत कम और संस्थागत अधिक होती हैं, क्योंकि शिक्षा का आधार यदि असुरक्षित होगा तो राष्ट्र की बौद्धिक संरचना भी अस्थिर होगी। निराशा शायद शिक्षक के स्वभाव में नहीं होती, क्योंकि वही हर कठिन समय में आशा का पाठ पढ़ाता है। पर चिंता अवश्य है — गहरी, गंभीर और विचारणीय। क्योंकि यदि राष्ट्र निर्माण करने वाला वर्ग बार-बार अपनी बात सुनाने के लिए संघर्षरत रहे, तो यह केवल एक वर्ग की समस्या नहीं रह जाती, यह लोकतांत्रिक संवेदनशीलता की परीक्षा बन जाती है। शिक्षक की आवाज़ धीमी हो सकती है, पर उसका अर्थ बहुत दूर तक जाता है। इतिहास साक्षी है — "जब विचार उपेक्षित होते हैं, तब समय स्वयं उन्हें फिर केंद्र में लाता है।" विपिन बिहारी उपाध्याय @DrDCSHARMAUPPSS @TFI4India @UPPSS1921

IS
0
1
8
125
Ajay niranjan retweetledi
Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے
#NoTetBeforeRteAct "TET , ये सिर्फ एक परीक्षा नहीं… ये पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है! जिन हाथों ने पीढ़ियों का भविष्य गढ़ा, आज उन्हीं को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। क्या अब शिक्षक होना ही गुनाह बन गया है…? अनुभव को कुचलकर जो कानून थोपा गया है, वो शिक्षा नहीं — अन्याय की जंजीर है! राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय डॉ दिनेश चंद शर्मा जी के आह्वान पर, TFI के बैनर तले अब हर शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली चलने के लिए तैयार है। क्योंकि ये लड़ाई कहीं और नहीं… दिल्ली से ही लड़ी जा सकती है! और इस बार दिल्ली से उठी ये आवाज़, भारत की सत्ता को हिला कर रख देगी! इसी सिलसिले में सभी गांवों और सभी विद्यालयों में जाकर, माननीय मंत्री जी के साथ श्री विपिन उपाध्याय जी, श्री अजय निरंजन जी, श्री सुशील श्रीवास्तव जी और मैं नाजिर अली ने जनसंपर्क कर सभी साथियों को 4 अप्रैल को दिल्ली चलने के लिए आमंत्रित किया है!" @DrDCSHARMAUPPSS
Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet mediaVipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے tweet media
हिन्दी
3
25
43
830
Ajay niranjan retweetledi
UPPSS(उ०प्र०प्राथमिक शिक्षक संघ)
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS

#JusticeForTeachers देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं । परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये । @PMOIndia @narendramodi @AmitShah @dpradhanbjp @jayantrld @CMOfficeUP @myogiadityanath @rajnathsingh @aajtak @brajeshlive @Aamitabh2 @ABPNews

QHT
79
1.6K
563
15.6K