आलोक आचार्य 🚩

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@AkRavi9

आचार्य(M.A.) !!हिन्दू तन-मन,हिन्दू जीवन~रग-रग हिन्दू मेरा परिचय!! नोट:- 100% फॉलोइंग (राष्ट्रवादी)

प्रयागराज, हिन्दुस्तान Katılım Ağustos 2017
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@LutyensMediaIN शिवसेनाUBT ने बात किया था न राहुल गांधी से फिर तुमलोग क्यों साफ हो गए? @rautsanjay61 मूर्खतापूर्ण बकवास करते हैं। @ShivsenaUBTComm को सतर्क होना चाहिए राउत उद्धव से ज्यादा शरद पवार, राहुल गांधी के प्रवक्ता लगते हैं। @priyankac19
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Lutyens Media
Lutyens Media@LutyensMediaIN·
ममता बनर्जी ने चुनाव के पहले राहुल गांधी के साथ बैठक कर ली होती तो आज परिणाम दूसरे होते - संजय राऊत
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असम में @BJP4India की जीत स्वाभाविक थी उसके लिए पूर्वोत्तर के चाणक्य रूप में उभरे @himantabiswa नायक हैं उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं...💐💐 तमिलनाडु में #विजय #टीवीके का प्रदर्शन चमत्कारी है ये बदलाव भी द्रविड़ राजनीति में बदलाव है जो जरूरी है। कम्युनिस्ट विचारधारा अवसान की ओर।
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Akriti Tripathi
Akriti Tripathi@TripathiTi4072·
नाम - #ममता #बनर्जी उपलब्धि - देश की सबसे गरीब और ईमानदार मुख्यमंत्री. आप बोलोगे तीन बार की CM गरीब कैसे हुईं?लेकिन ये सच है, डिटेल में जान भी लीजियेगा कुल सम्पति - 15 लाख 37 हज़ार नकद रूपये - 76 हज़ार रूपये बैंक बैलेंस - 12 लाख रूपये मात्र गहने और ज्वेलरी - 10 ग्राम सोना, जिसकी कीमत 1-50 लाख रूपये के करीब है. गाड़ी और घर कितने - नहीं हैँ एक भी सैलरी नहीं लेतीं , विधायक की और Cm की.. कोई पेंशन, भत्ता भी नहीं लेतीं. फिर इनका खर्चा कैसे चलता है. इनके द्वारा लिखित किताबों, रचित गीत और संगीत की आने वाली रॉयल्टी से. यही कारण है कि बीजेपी इनके खिलाफ भरस्टाचार और बेईमानी के सबूत नहीं ढूंढ पाई आजतक. Ed, सीबीआई और इलेक्शन कमीशन लगाने के बाद भी बीजेपी की हालत पतली है.. मोदीजी की तरह 10 लाख का सूट नहीं, सफ़ेद साड़ी और हवाई चप्पल पहनती हैँ. इसलिए तो इस चुनाव में नारा बुलंद हुआ है. हवाई चप्पल, सफ़ेद साड़ी, एक नारी पूरी बीजेपी पर भारी...❤️‍🔥✊🏻💪🏻
Akriti Tripathi tweet media
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Priti Gautam
Priti Gautam@priti134·
एक अकेली ब्राह्मण स्त्री को हराने के लिए पूरे देश के जातिवादी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा चुके है। ये होती है ब्रह्माण पॉवर। लेकिन शास्त्र कहते है ब्राह्मण को मात्र ब्राह्मण ही हरा सकता है। दूसरा कोई नही।
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@priti134 मेरी यही कामना है कि ऐसा ही हो, देश में ममता दीदी जैसी मजबूत जुझारू नेत्री आवश्यक है, वही एक ऐसी नेता है जिससे जातिवादी भीजपा डरती है क्योंकि ममता जी का व्यक्तिगत जीवन साफ है। विपक्ष की अंतिम मजबूत आवाज हैं जो बुलंद रहनी चाहिए।
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@dineshdangi84 आशा करते हैं ममता दीदी सत्ता में लौटें, सिर्फ इसलिए क्योंकि बीजेपी को सबक मिलना चाहिए। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में ममता जैसी मजबूत जुझारू नेत्री आवश्यक है। लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी है। पूरे देश में एक दल की सत्ता मनमानेपन को बढ़ावा देती है। @Dhruv_tr108 @ews_army
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@IPSinghSp कुमार विश्वास,प्रशांत भूषण,किरण बेदी,एक एक्स आर्मी मैन थे और योगेंद्र यादव ये लोग शुरुवाती टीम थे इन सबको दरकिनार कर कमजोर राजनीतिक /सामाजिक बैकग्राउंड वाले और धनकुबेरों को टिकट दिया तो ये तो होना ही था। केजरीवाल ने पैसे और अपनी अहमियत को तवज्जो दी जो गलत था। @erhimanshumi29
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I.P. Singh
I.P. Singh@IPSinghSp·
आम आदमी पार्टी से यही बड़ी भूल हुई कि आंदोलन से जुड़े हुए बड़े लोगों को राज्यसभा भेजे होते तो वे लोग कभी #आप को नहीं छोड़ते। ये हल्के नालायक लोग डर और पैसे की लालच में पार्टी छोड़ दिये। राघव चड्ढा संदीप पाठक राजेंद्र गुप्ता विक्रम साहनी स्वाती मालीवाल हरभजन सिंह अशोक मित्तल अगले 5 वर्षो में इन्हें लोग भूल जायेंगे।
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Sukesh Ranjan
Sukesh Ranjan@RanjanSukesh·
बंगाल में कल पहले चरण का चुनाव है। सवाल ये नहीं है कि 15 साल की एंटी इंकम्बेंसी के बाद भी ममता बैनर्जी अपना किला बचा पायेंगी या कमल खिलेगा? सवाल ये है कि जो 14 लाख लोग वोट नहीं दे पायेंगे उसमें से अगर 14 हजार लोग भी जायज वोटर हैं तो उन्हें मत देने से वंचित कैसे रखा जा सकता है?
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Exx Cricketer
Exx Cricketer@old_cricketer·
ये सत्य है कि अम्बेडकर जयंती पर मैंने हमेशा ही सार्वजनिक अवकाश अपने होश संभालते देखा। अक्षय तृतीया ब्राह्मणों में हमेशा एक मजे का बड़ा पर्व होता था जिस दिन बिना किसी पुरोहित से पूछे कुछ भी नया काम शुरू कर सकते थे। वैवाहिक कार्यक्रम की लगन तो होती ही है इस दिन। सामूहिक यज्ञोपवीत के कार्यक्रम मैंने हर साल अक्षय तृतीया पर देखे। परशुराम की पूजा भी होती थी। परशुराम जयंती का अवकाश मुलायम सरकार ने यूपी में शुरू किया था जिसे बसपा ने चलने दिया। विश्वकर्मा जयंती का अवकाश भी सपा ने शुरू किया था जो अब नहीं है। पर इस अवकाश को योगी सरकार ने 2017 में अन्य कई अवकाशों के साथ खत्म किया चाहते तो रहने भी दे सकते थे, पर खत्म किया। तब मुझे इसमें कुछ आपत्ति लगी भी नहीं थी। अब दस साल बाद लगता है कि ये उस चीज के पहले कदमों में से एक था जो अब भाजपा कर रही है। ये वाटर टेस्टिंग था।
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सामान्यवर्ग अगर आक्रोशित है तो ये कुछ राजनीतिक दलों के पालतू लोग बजाय तर्क करने के विशुद्ध कुतर्क करते हैं और फिर अपनी परवरिश का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सीधे शब्दों में जवाब देने के बजाय अपनी घटिया असभ्यता को प्रदर्शित करते हैं।हर वर्ग को अपने मुद्दों पर मुखर होना ही चाहिए।
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Shivang Kaushik
Shivang Kaushik@Shivangkaushik3·
@AkRavi9 @DrBS07 Akhilesh ka gale tak to le hi lete hoge na.... Orgasm bhi tabhi aata hoga
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Dr. Bhupendra Singh M.D.
भगवान परशुराम को राजनीतिक उपकरण बनाने में तुम्हें शर्म नहीं आई और इधर ज्ञान दे रहे हो. मुझसे नहीं पूछो अपने दिल से पूछो की तुमने उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया है कि नहीं. तुम अपने आईने में खुद नंगे हो लेकिन जवाब में गाली लिखकर अपनी नंगई ढक लेने का असफल प्रयास करो. यह प्रयास वैसा ही रहेगा जैसे घाघरा उठाकर मुह छुपाना.
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News Pinch
News Pinch@TheNewspinch·
'स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुझे आजादी दूंगा' - योगी आदित्यनाथ, सीएम यूपी
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@H1NDU_RASHTRA @DrBS07 @Biharwale_dip04 आज महाराणा प्रताप और सरदार पटेल से भगवान श्रीहरि के अवतार परशुरामजी की तुलना कर रहे हो, दिमाग कुछ ज्यादा भ्रष्ट हो गया है,दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपनी नफरती सोच को ठीक करो। तुमसे कोई सलाह नहीं मांग रहा है सामान्यवर्ग प्रबुद्ध है अपने लक्ष्यों के प्रति दृढ़ है। @ashishvyas__
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Dr. Bhupendra Singh M.D.
UGC रेग्युलेशन के काटे का हाल रेबीज के मरीज़ जैसा हो जाता है. उसे प्यास भी बुझाना है और पानी देखकर भागना भी है. अभी ये लोग सोच रहे हैं कि ये मोदी शाह को सबक सिखाने में लगे हैं जबकि असली खेल 2027 के लिए रचा गया है. इस विवाद के पीछे समाजवादी पार्टी के सभी पुराने किराये के पात्र नजर आयेंगे बशर्ते आपमे दृष्टि हो. इन लोगों को अभी यह नहीं मालूम है कि यह विभाजन का खेल सवर्ण बनाम ओबीसी के लिए रचा ही नहीं गया है अपितु इसका अंतिम उद्देश्य ब्राह्मण बनाम ठाकुर करना है. जब व्यक्ति अपने पहचान को असलियत से समेटता है तो उसके गिरने की कोई सीमा नहीं रहती. वास्तविकता यह है कि हमारी केवल दो पहचान है, प्राथमिक रूप से व्यक्ति और सामाजिक रूप से हिन्दू. व्यक्ति पहचान पर कोई बहस की गुंजाईश नहीं है, सामाजिक पहचान वह होता है जिससे समाज मे आपका व्यवहार परिलक्षित होता है. यह हमें हमारे संस्कार से प्राप्त होता है और संस्कार का मूल समान नैतिक संहिता है. हमारे नैतिकता का निर्धारण हमारा धर्म कराता है. इसलिए दो ही वास्तविक पहचान हैं पहला व्यक्ति और दूसरा हिन्दू. जब कोई अपने पहचान को इन दो वास्तविक पहचानों से अलग करके उसे प्रगाढ़ करने में लगता है तो वह गिरावट कहा तक जाएगा कह नहीं सकते. सत्य की एक सीमा होती है पर झूठ की नहीं. अभी जो लोग सवर्ण बने हैं, वह इस झूठ को ढोते ढोते थक जाएंगे और फिर नया झूठ पकड़ेंगे. वह होगा जातिगत पहचान. यह तय मानिये कि UGC के काटे तमाम लोग पिछड़ों और दलितों को गाली देना बंद करके जल्द ही सवर्णों मे अपने समूह को छोड़कर बाकी को नीचा दिखाना शुरू कर दें तो कोई आश्चर्य नहीं क्यूंकि ये जाल बुना ही इस तरह से गया है. तमाम बेवक़ूफ़ लोग कल से शोर मचा रहे हैं कि योगी जी ने आखिर परशुराम जयंती की छुट्टी क्यों रद्द कर दी जबकि सत्यता यह है कि महाराणा प्रताप जयंती, सरदार पटेल जयंती जैसे 15 जयंती को सरकार ने रद्द कर दिया. लेकिन वही लोग सिलेक्टिव शोर मचा रहे हैं जिन्हें UGC ने काटा है. कुछ लोगों का समाजवादी से प्यार देखकर मुझे KFC वादी मुर्गे की याद आ रही है. जिनकी बुद्धि अब नष्ट हो चुकी है, उनसे तो कोई आशा नहीं है, लेकिन जिनका कॉमन सेन्स थोड़ा बहुत बचा है, वह अपनी गति रोक लें तो ठीक होगा. और जिनको लगता है कि वह मोदी जी को गाली देकर योगी जी के लिए कुछ भी सकारत्मक कर सकते हैं तो वह एक बार उत्तर प्रदेश के लोकसभा और विधानसभा में मतों के प्रतिशत को चेक कर लें, यदि आप कुछ अच्छा नहीं कर सकते तो इतना बुरा भी करने की जरूरत नहीं है. थोड़ा ठहराव लाइए, मन शांत करिए, चिंतन मे गहराई लाइए, कभी कभी बहुत असमंजस की स्थिति हो तो बकबक करने के बदले थोड़ा शांत हो जाइए.
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बाहरी बिहारी
सम्राट चौधरी जी अगली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करे तो कोई जानकार अधिकारी से क्या बोलना है वो लिखवा कर प्रैक्टिस कर ले : >33 % महिला रिजर्वेशन की बात हो रही है 50% का नहीं >बिहार में महिला विधायक 11.9 % है,59% नहीं, >Assurance होता है insurance नहीं...
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Piyush Tiwari
Piyush Tiwari@PiyushTiwariNew·
परशुराम जयंती पर सभी ब्राह्मणों को @zingabad पर @SavalRohit सर का कुमार विश्वास के साथ का ये पॉडकास्ट जरूर देखना चाहिए !! @DrKumarVishwas साक्षी महाराज के धागे कायदे से खोल रहे है .. बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने इन दिनों कई अनर्गल बयान दिए थे कुमार विश्वास का कहना है की मेरा दुर्भाग्य है की मुझे साक्षी महाराज पर टिप्पणी करनी पड रही है अगर ब्राह्मण जातिवादी होता तो “आज सबसे ज़्यादा परशुराम जी के मंदिर और मूर्तिया देश में होती’
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ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम:प्रचोदयात्।। श्री विष्णु हरि के छठवें अवतार शस्त्र और शास्त्र के समन्वय,पराक्रम और संकल्प के प्रतीक भगवान परशुराम जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ🪔🙏🏹⛳ @G4j_India @AzadSenaChief @gautamp30434095 @Niteshfearless @MohitBharatYBP
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