Aktar Ali Aalif
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Aktar Ali Aalif
@Ali78Akhtar
दौर ए हाज़िर में सादा दिल होना आदमी को बड़ी अजीयत है poet
अहमदाबाद से गोरखपुर Katılım Kasım 2025
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मैंने ख़ुद को इतना सादा कर लिया
पहले कम था अब ज़्यादा कर लिया
#Aktar_Ali_Aalif
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#ग़ज़ल
सब तुम्हारे ही आस बैठें है
जो मेरे आस पास बैठें है
एक दुनियां थी तेरे होने से
यार अब बे असास बैठें है
खो दिया हमने इश्क़ में खुद को
इसलिए हम उदास बैठें है
है तमन्ना जो तुमको पाने की
तब किए इल्तिमास बैठें है
#अख़्तर_गोरखपुरी
@Ali78Akhtar
#विश्व_कविता_दिवस
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जिस्त से जंग कहां हारी है
कोशिशें अब भी मेरी जारी है
उसको मैं कैसे भूल सकता हूं
पल तेरे साथ जो गुजारी है
आज ये कल वो फ़िर कोई और के
ये तो फितरत मियां तुम्हारी है
जॉन बेहद अज़ीज़ हैं मुझको
नक्ल बस इसलिए उतारी है
#Aktar_Ali_Aalif
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रात ने जब तेरे आँचल से उजाला माँगा,
चाँद ने भी तेरे गेसू से सहारा माँगा।
तेरी आहट से पिघलती है ये ठहरी हुई शब,
दिल ने हर साँस में बस नाम तुम्हारा माँगा।
जुल्फ़े बिखरी तो कोई वक़्त रुका ही ना था,
इश्क़ ने उस घड़ी को फ़िर से दुबारा माँगा।
कि सहर आई भी तो शरमा के वापस लौटी,
जब शब-ए-वस्ल ने तुझको ही हमारा माँगा।
#अशोक_मसरूफ़
PIC credit---Pinterest

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जिस्त नए काम सौंप देती है
दाम वाजिब लगाना है मुझको
#Aktar_Ali_Aalif
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हमारे चाहने वाले हैं लेकिन
कोई तुमसा अभी पाया नहीं है
#Aktar_Ali_Aalif
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@mohd_ali_sahil @Arif61916342 @gurubanaarasi @Hashmijamal7 @JawaharLalPra13 @Medilipjoshi शुक्रिया सर 🙏
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यारों मैं कुछ भी नहीं हूँ मगर
मेरा होना भी कुछ नहीं है क्या
#Aktar_Ali_Aalif
@Arif61916342
@gurubanaarasi
@Hashmijamal7
@JawaharLalPra13
@Medilipjoshi
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ज़रूरत से ज़्यादा बोलना भी
बहुत नुक्सान कर देता है साईं
#Aktar_Ali_Aalif
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ग़ज़ल
बचाया है मेरी इज़्ज़त को रब ने
वगरना क्या कमी छोड़ी थी सब ने
मेरी आंखों में भी आएं थे आसूं
रुलाया था मुझे तेरे सबब ने
मैं लेकर क्या करूं इस सादगी का
डुबोया है मुझे मेरे अदब ने
मैं अच्छा हूँ ये सब तो जानते हैं
मगर छोड़ा नहीं मेरे ही ढब ने
Aktar Ali
@Arif61916342
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