आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) हर वर्ष 04 जून को “व्यवस्था परिवर्तन दिवस” के रूप में मनाएगी।
इसी ऐतिहासिक अवसर पर मिशन 2027 के तहत “सत्ता परिवर्तन यात्रा” का शुभारंभ 04 जून 2026 को नगीना लोकसभा क्षेत्र, जनपद बिजनौर से होगा।
#UPMaangeChandraShekharAzad#SattaParivartanYatra
महान त्याग, समर्पण एवं संघर्ष की प्रतिमूर्ति बाबासाहेब की जीवनसाथी माता रमाबाई आम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!हमारी मुस्कान के खातिर आपने बहुत तकलीफ का सामना किया है माँ। हम आपके संघर्षों को कभी नहीं भूला सकते।
महान त्याग, समर्पण एवं संघर्ष की प्रतिमूर्ति बाबासाहेब की जीवनसाथी माता रमाबाई आम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!हमारी मुस्कान के खातिर आपने बहुत तकलीफ का सामना किया है माँ। हम आपके संघर्षों को कभी नहीं भूला सकते।
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली कटौती एवं जनजीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव के संबंध में माननीय ऊर्जा मंत्री @aksharmaBharat जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@UPPCLLKO
ग्रामीण मानकों के अनुसार स्थापित गैस एजेंसियों वाले क्षेत्रों के नगरीय/कस्बाई क्षेत्रों में परिवर्तित हो जाने के बावजूद पुरानी व्यवस्था लागू रहने से उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं के संबंध में माननीय केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री @HardeepSPuri जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@PetroleumMin
भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है, जहाँ सरकार का पहला दायित्व संकट के समय जनता को राहत देना और उनके जीवन की रक्षा करना होना चाहिए। लेकिन यह चिंताजनक है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक और जीवन रक्षक दवाओं की कीमतें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में संकट काल में “लोक का कल्याण” दिखाई नहीं पड़ता, बल्कि हर संकट का बोझ आम जनता पर डाल दिया जाता है।
पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और महंगे इलाज से परेशान गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े, किसान और मध्यम वर्गीय परिवार अब दवाओं की बढ़ती कीमतों की मार झेलने को मजबूर होंगे। कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक दवाओं का महंगा होना बेहद अमानवीय फैसला साबित होगा।
पीएम @narendramodi जी, ऐसा लगता है कि आपकी सरकार में जनता सिर्फ टैक्स देने और हर संकट का बोझ उठाने के लिए ही बची है, जबकि राहत केवल बड़े उद्योगपतियों और मुनाफाखोर कंपनियों को मिलती है। अगर जीवन रक्षक दवाइयाँ भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएँ, तो फिर सरकार और बाजार में फर्क ही क्या रह जाएगा?
@mygovindia@JPNadda
राज सिंह का यह बयान ‘अगर सीबीआई नहीं आती, तो मेरा एनकाउंटर हो जाता’ मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की एनकाउंटर नीति की भयावह सच्चाई को उजागर करता है। जब किसी व्यक्ति का बिना जांच के एनकाउंटर कर दिया जाता है, तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे कानून-व्यवस्था तंत्र की विश्वसनीयता का है।
आज उत्तर प्रदेश में कानून नहीं, बल्कि “पहले गोली, बाद में जांच” की मानसिकता को बढ़ावा दिया गया है। बुलडोजर और एनकाउंटर को न्याय का विकल्प बनाकर संविधान और न्यायपालिका दोनों को कमजोर किया गया है।
इसीलिए उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आने पर पिछले 8 वर्षों में हुए सभी एनकाउंटरों और बुलडोजर की कार्रवाइयों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के लिए एक स्वतंत्र ‘विशेष आयोग’ का गठन किया जाएगा।
#ASP_K_Mission2027
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना गरीब और असहाय बुजुर्गों के सहारे के लिए बनाई गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की सरकार द्वारा 14 मार्च 2026 को जारी संशोधित शासनादेश ने इसे अपमान, उत्पीड़न और अधिकार छीनने का माध्यम बना दिया है।
इस शासनादेश में वृद्धावस्था पेंशन (एक हजार रुपये) के लिए आधार कार्ड को जन्म और आयु प्रमाण के रूप में अमान्य कर दिया गया है। अब बुजुर्गों से परिवार रजिस्टर की प्रति या शैक्षिक प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं।
लाखों बुजुर्ग महीनों से समाज कल्याण विभाग और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई बुजुर्ग चलने-फिरने तक में असमर्थ हैं, फिर भी उन्हें अपमानित और परेशान किया जा रहा है। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि बुजुर्गों की गरिमा पर हमला है।
@UPGovt तुरंत इस तुगलकी आदेश को वापस ले, आधार कार्ड को आयु प्रमाण के रूप में मान्यता दे और सभी रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन बिना देरी जारी करे। पेंशन कोई एहसान नहीं, बुजुर्गों का अधिकार है।
राजस्थान के गुर्जर आरक्षण आन्दोलन में समाज के भविष्य के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले 73 वीर गुर्जर शहीदों की शहादत को सादर नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
#गुर्जर_आंदोलन_बलिदान_दिवस
10 विधानसभा मार्ग, लखनऊ स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर महासभा एवं अस्थि कलश स्थल को यथास्थिति बनाए रखने तथा संरक्षित किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
देश की आज़ादी के लिए मात्र 19 वर्ष की अल्प आयु में अपना सब कुछ न्योछावर कर हँस्ते-हँस्ते फांसी के फंदे को गले लगाने वाले अमर शहीद करतार सिंह सराभा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं!
कानपुर जिले के सिविल लाइंस स्थित नाइट क्लब में एक सिख युवक के साथ हुई बर्बरता बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
दस्तार खींचकर पीटना, बाल पकड़कर घसीटना, नाक की हड्डी तोड़ देना और थप्पड़ मारना सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि इंसानियत और धार्मिक सम्मान पर हमला है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जब पुलिस ऑफिस से चंद कदम दूर अपराधी खुलेआम हैवानियत करें, धमकियां दें और कानून का भय बिल्कुल खत्म दिखाई दे, तब प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जनता भरोसा कैसे करे? क्या यही “कानून का राज” है, जिसके दावे लगातार किए जाते हैं?
@UPGovt दोषियों पर सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई हो, पीड़ित युवक को न्याय मिले और ऐसी घटनाओं पर सरकार एवं प्रशासन स्पष्ट संदेश दे कि धार्मिक पहचान और मान-सम्मान पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का “दुरुपयोग” हो रहा है, यह बात आए दिन कोई न कोई कहता दिखाई देता है। अभी @richaanirudh जी भी यही कह रही हैं।
दरअसल, यह शोषित-वंचित समाज को मिले कानूनी सुरक्षा कवच को बदनाम कर उसे कमजोर करने की साजिश है।
हमारा सवाल है रिचा अनिरुद्ध जी से कि ऐसा कौन सा कानून है, जिसके दुरुपयोग की शिकायतें नहीं हुई हैं?
सबसे बड़ा दुरुपयोग तो जाति, ऊँच-नीच और सामाजिक वर्चस्व का हुआ है, जिसने करोड़ों शोषित-वंचितों को हजारों साल अपमान, हिंसा और भेदभाव में जीने पर मजबूर किया। उस “दुरुपयोग” पर इतनी बेचैनी क्यों नहीं दिखाई देती?
दुरुपयोग तो राज्य की शक्ति का भी होता है, झूठे मुकदमे भी लगते हैं, निर्दोष लोग भी फँसते हैं। फिर क्या सारे कानून खत्म कर दिए जाएँ? क्या राज्य की व्यवस्था खत्म कर अराजकता को स्वीकार कर लिया जाए?
और वैसे भी, अगर किसी कानून का दुरुपयोग होता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा करने और न्याय पाने का अधिकार हर व्यक्ति को है।
सच यह है कि समस्या कानून नहीं, बल्कि वह मानसिकता है, जिसने दलितों, आदिवासियों और वंचितों का बराबरी से जीना आज भी स्वीकार नहीं किया। इसलिए बार-बार SC/ST Act को निशाना बनाया जाता है, ताकि समाज में नफरत और भ्रम फैलाकर इसे कमजोर किया जा सके।
जय भीम! SC/ST Act जिंदाबाद!
विमानन क्षेत्र में क्रू सदस्यों हेतु 48 घंटे विश्राम नियम के समान अनुपालन तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री @RamMNK जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@MoCA_GoI
संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास महाराज जी की विचारधारा के प्रति अपना पुरा जीवन समर्पित करने वाले एवं मान्यवर साहेब कांशीराम जी के सहयोगी रहे, कौम के शहीद संत रामानंद महाराज जी के शहीदी दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
तीनों खबरें साफ बता रही हैं कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के “निर्बाध बिजली आपूर्ति” वाले निर्देश हर साल की औपचारिकता बन चुके हैं, क्योंकि हर गर्मी में वही बिजली संकट, वही कटौती, वही ट्रिपिंग और वही प्रशासनिक दावे दोहराए जाते हैं।
थर्मल पावर इकाइयों का बंद होना, ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ता भार, कर्मचारियों की भारी कमी और कमजोर बिजली प्रबंधन ने पूरे संकट को और भयावह बना दिया है। जनता से भारी बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली तो हो रही है, लेकिन बदले में अंधेरा और परेशानियां मिल रही हैं।
जब हालात हर साल वही हैं, तो इस बार के निर्देश भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।
और हाँ, अब बस मानसून आने दीजिए… फिर जलभराव रोकने और तैयारी के निर्देशों वाली खबरें भी आने लगेंगी, जबकि हर साल मुख्यमंत्री जी का अपना जिला गोरखपुर ही जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर बना रहता है।
विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरों के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों को लेकर सामने आ रही शिकायतें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
भाजपाइयों, कोई तो परीक्षा ठीक से करवा लीजिए।
नाकामियों की भी हद है — कभी पेपर लीक, कभी भर्ती घोटाले, कभी परीक्षा रद्द, कभी कॉपी बदलने के आरोप, कभी “वीआईपी रोल नंबर” की चर्चा और अब परिणामों तक पर सवाल उठ रहे हैं।
युवाओं का भविष्य मजाक बनाकर रख दिया गया है।
#हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गांव टिडियासर के हणुताराम मेघवाल के साथ बैंक से के सी सी होम लोन करवाकर 11 लाख की ठगी करने के मामले में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) राजस्थान द्वारा नोहर के उपखंड एवं डिप्टी कार्यालय के समक्ष पिछले13 दिन से लगातार धरना चल रहा है!
पारिवारिक सदस्य भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
13 दिन बीत जाने के बाद भी हनुमानगढ़ का प्रशासन द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं करना घोर लापरवाही को दर्शाता है।
समय रहते उचित कार्यवाही नहीं होने पर #26_मई को प्रातः 10.00 बजे नोहर में पीड़ित परिवार को दिलाने के लिए भीम आर्मी द्वारा बड़ा आंदोलन किया जा रहा है ।
सभी साथी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे।