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उ०प्र० विद्युत नियामक आयोग (UPERC) की विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 तथा टैरिफ आदेश, वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के अनुसार, दिनांक 01.04.2025 से 31.03.2026 की बिलिंग अवधि के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने तीन बार स्वीकृत भार का उल्लंघन किया है। उन उपभोक्ताओं के द्वारा प्रयोग की गई तीन अधिकतम मांग (Maximum Demand) रीडिंगों में से न्यूनतम अधिकतम मांग के आधार पर उपभोक्ता के स्वीकृत भार (Sanctioned Load) का पुनर्निर्धारण (Regularisation) किया गया है। भार वृद्धि के उपरान्त उपभोक्ताओं को सूचना दिया जाना प्रावधानित है जबकि पहले भार वृद्धि के पूर्व सूचना दिये जाने का प्रावधान था। इसके लिए एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ताओं को सूचना भेजी जा रही है।
वर्तमान टैरिफ प्रावधानों के अनुसार, स्वीकृत भार से अधिक भार प्रयोग करने पर Excess Demand Charges (अधिक मांग प्रभार) देय हैं। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह 100% तथा घरेलू श्रेणी के अतिरिक्त अन्य उपभोक्ताओं के लिए 200% की दर से देय हैं।
जब उपभोक्ता का स्वीकृत भार नियमानुसार पुनर्निर्धारित (Regularise) हो जाता है, तब स्वीकृत भार के भीतर भार प्रयोग पर Demand penalty (अधिक मांग प्रभार) नहीं लगेगी।
स्वीकृत भार सही होगा तो विद्युत नेटवर्क( लाईन एवं ट्रांसफार्मर) को डिस्काम भार के अनुरूप विकसित कर पायेंगे। इससे विद्युत नेटवर्क में कम फाल्ट होंगे एवं ट्रांसफार्मर कम क्षतिग्रस्त होंगे। उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।
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