Madan Mohan Soni@madanmohansoni
उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की लाश सड़क किनारे पड़ी हुई मिली है। इस खबर को चलने के बाद आगरा के जीएसटी अधिकारियों पर जांच बैठी थी, पीड़ित रवि मोहन और असगर अली ने पूरी जानकारी प्रेस कांफ्रेंस कर के दी थी, 24 घंटे पहले ही ट्रांसपोर्टर असगर अली और जूता कारोबारी रवि मोहन ने आगरा के जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिकायत की थी। दोनों पीड़ितों ने दावा किया था कि जिन जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, वे अब उन पर दबाव बना रहे हैं कि शिकायत वापस ले लें, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही दोनों पीड़ितों में से एक असगर अली की लाश आज सड़क किनारे मिली। असगर अली के पुत्र सजमल ने इसे हत्या करना बताया है और आरोप लगाया है कि यह घटना प्रशासन की तरफ से हुई है। सजमल ने बताया कि उनका परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उनके पिता असगर अली जीएसटी अधिकारी रेशु त्रिपाठी द्वारा अपनी गाड़ी रोके जाने पर पेपर चेक कराने गए थे, लेकिन अधिकारी गाड़ी लेकर चली गई और असगर अली भी उनके साथ गए। आज सुबह करीब 5 बजे उन्हें उनके पिता की लाश मिलने की सूचना मिली।
सजमल के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनके पिता असगर अली को अलग-अलग नंबरों से जीएसटी अधिकारियों की तरफ से धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे। उनमें कहा जा रहा था कि शिकायत वापस ले लो, नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा, उनका बिजनेस बंद कर दिया जाएगा और उनके बच्चों को भी मार दिया जाएगा।