टेकचंद
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टेकचंद
@Arts_Graduate
MIT Graduate/ Pilot/ Aerospace Engineer.


जिमखाना क्लब एलीट है। राहुल गांधी उसका मेम्वर है, धनी लोग मेम्बर है, महंगी जमीन पर है, रेंट कम देते है- यही रियल समस्या है उसकी काउंसिल भंग कर दो। सबकी मेम्बरशिप डिजॉल्व कर दो। फीस बढा दो हजार तरीके हैं। लेकिन सर्वनाशी डायनासौर को बस, तमाम चीजें नष्ट करनी हैं। खुद बना कुछ सके नही 12 साल में शौचालयों के सिवा। सिर्फ ढाहने में ही ताकत दिखाई है। ●● तो अमीरो का क्लब हटाकर वहां शायद चौपाटी बनेगी। भेलपूरी, झालमुरी, पानी पूरी के ठेले लगेंगे। ताम्बूल शॉप की कतारें होंगी। लोग पेड़ो पे थूक सकेंगे, उनके पीछे मूत सकेंगे, इश्क लड़ा सकेंगे। या फिर ईश्क लड़ा रहे लोगो को पीट सकेंगे। ●● हमे नफासत, एलिटिज्म नही पसंद, हमे घोर नफरत है। हम खुद एलीट बन सकते नही, न अपने बच्चो को एलीट बनाने में हमारी रुचि है। तो जो पहले से एलीट है, वे सारे कमीने झोला उठाएं, यूरोप और अमेरिका चले जायें। 🙏



@s_oxymoronicc @Acidtweets_ ऐसी अंग्रेजी सीखने के लिए आपको बोरेक सर की तरह रोजाना डिग्लाट एडिशन वाली बेयर एक्ट पढ़कर जालौन तहसील में प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। नियम से ऐसा करने पर भले ही आपके पास 10 रुपए वाला मिरिंडा पीने के पैसे ना हो लेकिन आपकी अंग्रेजी A ग्रेड हो जाएगी।




Novak Djokovic: “My kids don't have cell phones and won’t until they are mature enough. They complain that everyone at school has one except them. When everyone follows the herd, conformity is expected. But it doesn’t have to be that way. That's where we differ.”

UPSC पेपर के बाद एक बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि सिर्फ कोचिंग नोट्स पढ़कर इस परीक्षा को निकालना लगभग असंभव है. UPSC अब तथ्यों की जानकारी नहीं, बल्कि समझ, विश्लेषण क्षमता, interlinking और balanced thinking को परख रही है. इसलिए तैयारी का फोकस होना चाहिए: • NCERT (6-12) से मजबूत बेसिक समझ • PIB Daily, सरकारी Notifications/Circulars • योजना और कुरुक्षेत्र जैसे मैगज़ीन • The Hindu / Indian Express के Editorials • Budget और Economic Survey की गहरी समझ • India Year Book जैसे authentic sources पेपर साफ संकेत दे रहा है कि UPSC “information overload” नहीं, बल्कि “clarity of concepts + application of knowledge” देख रही है. जो अभ्यर्थी केवल ready-made notes पर निर्भर रहेंगे, उन्हें unpredictable और analytical questions में कठिनाई होगी. इसलिए sources कम रखिए, लेकिन उन्हें गहराई से पढ़िए और समझ विकसित कीजिए. एक महत्वपूर्ण बात और: प्रश्न पत्र कठिन और आसान होना रिजल्ट को ज़्यादा प्रभावित नहीं करता. आसान सवाल होंगे तो कटऑफ ऊपर जाएगा. इस बार प्रश्नपत्र मुश्किल थे, कटऑफ काफ़ी कम जाएगा. मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कीजिए. शुभकामनाएँ.

Ranveer Singh sirf Film me achha hai, real me usse bada mdrcd koi nhi hai Film industry me






