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पौधे मर सकते हैं, इस बात का दुख है। किसी की नाजों से पली बिटिया मर गई मोहतरमा के घर में, उसका अंश मात्र अफ़सोस या दुख नहीं।
बहू के मर जाने के बाद अगर ये महिला इतनी घटिया बातें बोल सकती है, तो पता नहीं उसके जीते जी उसे क्या क्या नहीं सुनाया होगा ! मानसिक रूप से कितना प्रताड़ित किया होगा।
कहीं किसी से सुना था कभी कि “बहू चाँद पर रॉकेट भी उतार दे, तो भी जब तक ससुराल वालों को टेबल पर चाय नाश्ता दाल भात पकाकर ना खिला दे… उनका दंभ और लड़के वाले हैं जी वाली हनक नहीं जाएगी”
x.com/ranvijaylive/s…
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Itni hopeless governance dunia me kahi nahi dekhi na india me past me thi. Har gali nukkad me flyover/highway bana diye fir bhi sab road peak hour me jam rehta. Mahamanav petrol usage kam karne bolte toh roads par jam kam hone ki jagah badh hi jata
Kapil Mishra@KapilMishra_IND
CII बैठक में दिल्ली के उद्योगपतियों से अपील ज्यादा से ज्यादा Car Pooling का इस्तेमाल करें हफ्ते में कम से कम 2 दिन Work from Home रखें इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, इन हालातों के मद्देनजर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की अपील को मुख्यमंत्री @gupta_rekha जी की सरकार कटिबद्ध होकर अक्षरशः पालन कर रही है
Indonesia
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जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध में होने से) समस्या हो गई थी।
इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहास पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है?
हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आने पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है।
धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम्मे धर्मेंद्र प्रधान को विदा कीजिए।
यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।
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