Priyakar Bajpai retweetledi

हाल ही में अभिनव सिंह जी को कर्णी सेना से बाहर किया जाना और चंद्रशेखर की रैली को लेकर उठा विवाद कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम अक्सर “सवर्ण एकता” की बात करते हैं, लेकिन जब वास्तविक मुद्दों पर मजबूती से खड़े होने का समय आता है, तब अपने ही लोग पीछे हटते नजर आते हैं। यह सच में आत्ममंथन का विषय है।
एक ओर, हमारे द्वारा आयोजित वैधानिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम—खासकर UGC से जुड़े मुद्दों पर—बार-बार अनुमति मिलने के बावजूद रद्द कर दिए जाते हैं। दूसरी ओर, कुछ संगठनों को बिना किसी बाधा के रैली और कार्यक्रम करने की खुली छूट मिल जाती है।
यह दोहरा मापदंड क्यों?
क्या कानून और प्रशासन सभी के लिए समान नहीं होना चाहिए?
क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार केवल कुछ चुनिंदा समूहों तक सीमित है?
इन सवालों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। #Justice #Equality #Democracy
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