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ًबेख्याली𐦂
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@Be_khyali Mere jajbaat likh diye ..meri kahani hi likh di apne ...ye ek ek sabad sach hain . .
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प्रिय मनपंसद,
नया साल हमलोगों के लिए बेहद दुर्भाग्य एवं मजबूरी के साथ आया। हमारी नोंक झोंक कब अलगाव में बदल गई और हम एक दूसरे से अलग रहने लगे। मैने हमेशा अपने दिल में तुम्हे सबसे उच्च स्थान दिया है। प्रेम इतना की मैने हमेशा अपना बच्चा जैसा चाहा है। मेरा सदैव कोशिश रही है कि मैं तुम्हे सुरक्षा दूं, तुम्हारी चाहतों को अपने सीने से लगा के घूमूं। मेरी हर कोशिश शायद आज कम पड़ गई। मेरी मोहब्बत को तुमने मोड़ दिया और एक उल्टी दिशा दे दी। जीवन में एक चीज सीखा हूं कि कोई कितना भी लड़ ले जब तक कोई तीसरा दो लोगो के बीच नहीं आ जाता तब तक वो दो लोग अलग नहीं होते। शायद हमारा अलग होना ब्रह्मांड ने चुना हो, शायद उनके कहानियों में हमारी आस्था एक साथ रहने की नहीं रही हो। मै अपने भीतर एक क्रूर व्यक्ति को देख पा रहा हूं जो जाने अनजाने तुम्हे तकलीफ और दर्द दिया है। तुम्हारा होना और न होना शायद मैने कभी समझा ही नहीं। तुम्हारी प्यार की गम्भीरता कभी माना ही नहीं। मुझे लगा तुम अंत तक मेरे साथ के लिए बनी हो। कोई भी हमें अलग नहीं कर सकता परन्तु मैं भूल गया कि इंसान का स्वभाव ही है बदलाव। शायद वो क्षण आ गया जहां हमारी कहानी किसी अंधेरे मोड़ के बाद ओझल हो जानी थी। काश एक आखिरी बार मिल लेता, हर गीले शिकवे समाप्त हो जाते। काश तुमने जाने का नहीं सोचा होता। काश, मै तुम्हे रोक पाता। एक हारा हुआ इंसान, एक असफल इंसान न तो प्यार कर सकता है और न ही घर में इज्जत कमा सकता है। आज मैं बेहद अकेला महसूस कर रहा हूं। खुद को कमरे में बंद किए सिसकियों को सुन रहा हूं। इस उम्मीद के साथ जाग रहा हूं कि वो आ जाए। वो वापस न लौटे। खैर!!! मै शायद उसे डिजर्व नहीं करता। अच्छा है, एक अयोग्य व्यक्ति को उसने औकात दिखा दी। अब दुबारा किसी से प्रेम करने की हिम्मत नहीं करेगा।
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@Be_khyali लोग जाना चुनते हैं क्यूंकि वह उनका सहूलियत होता है। हमारे जैसे भावुक एवं पछतावों से भरे हुए लोगों का कोई नहीं होता। प्रेम जैसा वात्सल्य भाव जिसमें हम अपना सर्वस्व लुटाने को तैयार होते हैं, अन्त में वह हमें महज़ पीड़ा के सिवा कुछ नहीं देकर जाता। प्रेम नियति से निर्मित है। ॐ
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@Be_khyali अब तुम मुझे समझो इससे पहले मुझे खुद से ये कहना होगा,
हर बार गये थे तुम इस बार मुझे जाना होगा।
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एक वक्त के बाद आप इंतजार करना बंद कर देते हैं। उम्मीदों का चिराग अपने आप बुझने देते हैं। वक्त इतना बेरहम है कि आपको हर हाल में जीना सीखा देता है। जो पहले इंतजार करता था, वो आंखे मृत हो चुकी होती हैं। अब आप जोर नहीं लगाते, आप बल नहीं देते, आप अपनी हद को समझने लगते हैं। अब धुंधला हो जाना ही सुख है। उस का न दिखना ही राहत है। जीवन में और भी मसले हैं, उन्हें सुलझाना अब प्राथमिकता है।
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@imahirkhan आपके लिए शुभकामनाएँ और धन्यवाद मित्र पढ़ने के लिए। 🙌❤️
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@MonkHouseholder अनहोनी पर हमारा कोई जोर नहीं। हम समझते हैं आप व्यवहारिक जीवन में यकीन करते हैं, आप भी बिल्कुल सही हैं। धन्यवाद 🙌❤️
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@Be_khyali भाई अग सिर्फ डेंगू हो गया तो सारी शायरी ग़ज़ल प्रेम प्यार के कीड़े भी मर जाएंगे आपके इतनी बड़ी बड़ी बातें मत करो🤤

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आख़िरी ख़त तुम्हारे नाम...
प्रियतमा,
यदि जीवन में तुम कभी न मिली, तो मैं जीवन भर तुम्हारे शहर में रहना पसंद करूंगा, जहां तुमने अपना बचपन बिताया है। तुम्हारे बिताए उन जगहों पर शाम बिताऊंगा, तुम्हारे जिए बचपने में अपनी जिंदगी के धुन लिखूंगा। अपनी प्रेम भावनाओं को तुम्हारी यादों में सिंचूंगा। तुम्हें याद है, हम उन जगहों के बारे में बात करते थे जहां हम साथ जाना चाहते थे। प्रेम विवश होता है, परंतु आज़ाद होता है। प्रेम बेबस होता है, परंतु अनंत विस्तृत होता है। मैं वो आज़ादी हूं, वो अनंत हूं। मैं खुले छत पर सोकर तुम्हारी राह आसमान में तकूंगा, हवाओं के स्पर्श को तुम्हारा स्पर्श समझूंगा, गिरे हुए फूल को तुम्हारे एहसास की तरह संभालूंगा। मेरा प्रेम फिल्मी और दिलकश लग सकता है, परंतु जो है, यही है।
मेरे भीतर तुम्हारे लिए एक जीवित संघर्ष है, जिसे मैं बयां नहीं कर सकता। जब मुझे लगता है कि मैंने इस बारे में बहुत बार बात कर ली है, तो मैं बस पीछे हट जाता हूं और तुम्हें वो सबकुछ करने को छोड़ देता हूं जो तुम कर रही हो। मैं अपनी तकलीफों को पीकर तुम्हें प्रसन्न देखना पसंद करता हूं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है दूर होने में, तुम्हारी मुफ्त की आत्मघाती सहानुभूति खत्म हो गई है। तुम्हारा अस्तित्व मेरे मस्तिष्क में है, जीवन में नहीं। तुम मेरे विचार हो, तुम मेरी परिधि हो, तुम जीवन का सार हो, परंतु सबकुछ नहीं हो। तुम्हें जाना होगा। विचारों को मुझे मारना होगा, वो घर मुझे छोड़ना होगा जहां मैंने तुम्हें देवी तुल्य मूर्ति बनाकर रखा हुआ है। तुम मेरी ईश्वर हो, लेकिन सबकुछ नहीं हो।
तुम्हें अब धीरे-धीरे लिखना बंद कर दूंगा। तुम्हारे लिए लिखे खत का ये आखिरी सिलसिला है।
बेख़्याली...
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@The_Tripurari मेरे पास बस यही शब्द हैं ‘धन्यवाद’,
मगर इसमें छिपी भावना अनंत है। तहे दिल से आपको स्नेह और शुभाशीष ❤️🙌
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@teekhasach_ आपके प्रति हृदय से कृतज्ञता अर्पित करता हूँ। धन्यवाद ❤️🙌
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@Be_khyali प्रेम अब मेरे लिए कमज़ोरी नहीं, सीख बन चुका है।
मैं अब अपने भीतर एक नया जीवन गढ़ूंगा तुम्हारे बिना,
तुम्हारी छाया तक बिना।
अब मैं खुद को इतना मज़बूत बनाऊंगा कि तुम्हारी याद भी मुझे हिला न सके।
ये मेरा आख़िरी ख़त है तुम्हारे लिए नहीं, अपनी मुक्ति के लिए।
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@Be_khyali पढ़कर ऐसा लगा जैसे किसी ने अपनी रूह को शब्दों में उतार दिया हो। यह प्रेम का अंत नहीं, उसकी सबसे गहरी अभिव्यक्ति है। कुछ रिश्ते ख़त्म नहीं होते, बस रूप बदल लेते हैं।
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