Satish _Bee
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Satish _Bee
@BeeSatish
I believe a Better Vizag will lead to a Better Andhra !

காதலர்களின் உரையாடல்களிலும் அதனைத் தெறிக்கவிடுகிறார். "ஆடைகளை உதறிவிட்டு ஆற்று நீரில் காலாற நடப்போம்" -என காதலி சொல்ல; "ஆறு முடிந்த பிறகு? " என காதலன் வினவ; "ஆறு முடிந்ததும் ஊர் வந்துவிடும், ஊர் வந்தால் உடைகள் வந்துவிடும், பின்னர் உறவு, சாதி, மதம் என எல்லாம் வந்து ஒட்டிக் கொள்ளும் ; எனவே எதுவும் வேண்டாம்; இப்படியே காட்டுக்குள்ளேயே இருப்போமே " -என்கிற பொருளில் காதலர்களின் உரையாடல்கள் நெஞ்சை அள்ளுகின்றன. இசை இப்படத்திற்கு உயிர்ப்பூட்டுகிறது. நம் கவனத்தைச் சிதறவிடாமல் காட்சிகளை நோக்கி குவிமையப்படுத்துகிறது. முற்போக்கான சிந்தனையுள்ள, இடதுசாரி அரசியலை வலுப்படுத்த விரும்புகிற ஒவ்வொருவரும் இத்திரைப்படத்தைக் கண்டு அதியன் ஆதிரை போன்ற இயக்குநர்களை ஊக்கப்படுத்திட வேண்டும். இதனைப் படைத்திட முன்வந்துள்ள நீலம் தயாரிப்பு நிறுவனத்தின் நிறுவனர் இயக்குநர் பா.ரஞ்சித் அவர்களுக்கும் இதன் இசைஇயக்குநர் உள்ளிட்ட அனைத்து கலைஞர்களுக்கும் எனது மனம் நிறைந்த வாழ்த்துகளும் பாராட்டுகளும். இவண்: தொல். திருமாவளவன்.




आदरणीय प्रधानमंत्री श्री@narendramodi जी, उम्मीद है आप सानंद होंगे । हम भले ही विपक्षी पार्टी में हैं लेकिन आप हमारे प्रधानमंत्री हैं । इस नाते मैं आपका ध्यान आपकी पार्टी के नेता और प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के उस वक्तव्य की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूँ जो उन्होंने आजतक चैनेल पर एक डिबेट के दौरान मेरी माँ के बारे में कही । मैं उन शब्दों को दोहराना नहीं चाहता । मेरी माँ अब इस दुनिया में नहीं है । लेकिन हर माँ की तरह वो हर वक़्त अपने बेटे यानी मेरे साथ हैं । माँ बेटे के रिश्ते से पाक रिश्ता दुनिया में कोई नहीं है । आप भी एक माँ के बेटे हैं । आप माँ बेटे के रिश्ते को मुझ से बेहतर समझते हैं । मैं बस इतना जानना चाहता हूँ कि क्या आपकी पार्टी के प्रवक्ता राजनीतिक शत्रुता में इस हद तक जायेंगे कि मेरी माँ को गाली देंगे ? प्रधानमंत्री जी । आप से हमारे लाख मतभेद हैं लेकिन प्रधानमंत्री के नाते आप हमारे संरक्षक भी हैं और हमारे लिये सम्मानित भी हैं । उस नाते मैं आप से पूछता हूँ क्या किसी माँ के लिये ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाना चाहिये ? आप भूल जाइये वो मेरी माँ हैं । वो किसी की भी माँ हो सकती हैं । क्या किसी भी माँ के लिये ऐसे शब्द बोले जाने चाहिये ? मैं आपका जवाब जानता हूँ । आप ऐसी भाषा को अप्रूव नहीं करेंगे और न ही ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को माफ करेंगे । प्रधानमंत्री जी । मैं हमेशा आप का सम्मान करता रहा और करूंगा । मेरा एक सवाल है । भाजपा तो चाल चरित्र और चेहरे की बात करती है । पार्टी विद ए डिफ़रेंस है । वो उस महान सनातन हिंदू संस्कृति की वाहक होने का दावा करती है जो स्त्री को पवित्रतम दर्जा देती है । यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, तत्र रमंते देवता । जो नारी को शक्ति और दुर्गा का दर्जा देती है । हमारी हिंदू संस्कृति में माँ से ऊँचा स्थान तो भगवान का भी नहीं । भगवान कृष्ण भी माता यशोदा की गोद में अपने को आंनदित महसूस करते हैं, त्रिलोक को भूल जातें हैं। ऐसी पार्टी के प्रवक्ता से उम्मीद की जाती है कि वो स्त्री और माँ के सम्मान में कभी भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे । तो फिर आपकी पार्टी में ऐसे व्यक्ति के लिये जगह कैसे बन गई ? प्रधानमंत्री जी । आप और आपकी पार्टी उस आरएसएस से प्रेरणा लेने का दावा करती है जो सनातन के रक्षक के तौर पर भारत के परम वैभव को लौटाने की बात करती है जिसमें स्त्री और मां का स्थान सर्वोच्च है । जो दावा करती है कि वो निरंतर व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण में लगी है । क्या वहाँ ऐसे व्यक्तियों का निर्माण हो रहा है जो दूसरे की माँ के लिये ऐसे अपशब्दों का प्रयोग करे ? प्रधानमंत्री जी। बड़े अवसाद और दुख से ये पत्र आपको लिख रहा हूँ। राजनीति में मतभेद रहेंगे और होने चाहिये लेकिन अगर विमर्श का स्तर ये होगा तो फिर इस देश का क्या होगा ? मैं आपसे ये क़तई नहीं कह रहा हूँ कि आप कोई कार्रवाई करे, लेकिन ये ज़रूर पूछना चाहता हूँ कि ऐसे किसी व्यक्ति के लिये आपकी पार्टी में जगह क्यों है? आपका सुरेंद्र राजपूत प्रवक्ता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी नोट-इस से संबंधित पत्र आपको डाक से भेज रहा हूँ । कॉपी- श्री @JPNadda जी राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा



















