
Rinkoo Seth Bheem Army -AGRA
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Rinkoo Seth Bheem Army -AGRA
@BhimArmyupagra
जिलाध्यक्ष भीम आर्मी आगरा












त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है और ग्राम प्रधान जनता के सबसे निकट चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में जब पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है और उत्तर प्रदेश सरकार समय पर चुनाव कराने में असमर्थ है, तो यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है ,जो न केवल संवैधानिक दायित्वों के पालन पर प्रश्न उठाती है, बल्कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath के नेतृत्व वाली एनडीए की ‘डबल इंजन’ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था कानून में मौजूद है, लेकिन इसका उपयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाना चाहिए। हालाँकि, भाजपा की डबल इंजन सरकार की मंशा शुरू से ही प्रशासक नियुक्त करने की रही है, जिससे अपने समर्थित व्यक्तियों को प्रशासक के रूप में नियुक्त कर लोकतंत्र के तीसरे स्तर पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इस संबंध में, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक आरक्षण को अनुच्छेद 243D(6) के अनुसार शीघ्र सुनिश्चित किए जाने हेतु, मेरे द्वारा 6 फ़रवरी को माननीय पंचायती राज मंत्री @oprajbhar जी को पत्र भी लिखा गया था, क्योंकि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा था। ऐसे में @UPGovt से हमारी मांग है कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और जनता का जनादेश सम्मानित हो। @myogiadityanath






मथुरा जनपद के थाना हाईवे क्षेत्र के गांव नरहोली में दो जाटव भाइयों की बारात चढ़ने के दौरान जातंकवादियों द्वारा जातिसूचक गालियाँ देना, हमला करना और पथराव करना बेहद शर्मनाक, कायराना और संविधान पर सीधा हमला है। आज भी दलित समाज यदि सम्मान के साथ बारात निकालना चाहता है, तो जातंकवादी उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश में दलितों के संवैधानिक अधिकारों को खुलेआम कुचलने की कोशिश की जा रही है। लेकिन उससे भी अधिक निंदनीय और खतरनाक बात यह है कि घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवारों को ही निशाना बनाया। शादी के पंडाल में घुसकर बारातियों, महिलाओं और परिवार के लोगों को पीटना, तथा पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं को लाठी मारना न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में दलित उत्पीड़न का जीवंत उदाहरण है। भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की मथुरा टीम घटना के तुरंत बाद से ही पीड़ित परिवारों के साथ डटकर खड़ी है। @UPGovt से हमारी मांगें हैं :- • हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी हो। • सभी आरोपियों पर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। • पीड़ित परिवारों को सरकारी सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए। • शादी के पंडाल में घुसकर मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। • महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। @CMOfficeUP @myogiadityanath


















