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𝐁𝐚𝐛𝐛𝐮 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐦𝐚 ˢʰᵃˢʰⁱ
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𝐁𝐚𝐛𝐛𝐮 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐦𝐚 ˢʰᵃˢʰⁱ
@Bsrt_9
जिला मीडिया प्रभारी भाजपा युवा मोर्चा श्रावस्ती प्रोo फिट सोलर बहराइच/श्रावस्ती 𝗨𝗣 9554943001, 9473874727, 7355128338
ˢʰʳᵃᵛᵃˢᵗⁱ, ⁱⁿᵈⁱᵃ Katılım Ağustos 2016
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🏹 श्री राम के 18 सबसे शक्तिशाली नाम🌟
राम — आनंद और शांति देने वाले
राघव — रघुवंश के श्रेष्ठ
रघुनाथ — रघुकुल के स्वामी
रामचंद्र — चंद्रमा जैसे शीतल
सीतापति — माता सीता के पति
दशरथनंदन — राजा दशरथ के पुत्र
कोशलेंद्र — कोशल के राजा
मर्यादा पुरुषोत्तम — आदर्श पुरुष
जानकीवल्लभ — जानकी के प्रिय
रामभद्र — कल्याणकारी
श्रीराम — दिव्य और पूजनीय
अयोध्यापति — अयोध्या के स्वामी
धनुर्धर — धनुष धारण करने वाले
रावणारि — रावण के शत्रु
सीताराम — प्रेम और एकता का प्रतीक
भक्तवत्सल — भक्तों से प्रेम करने वाले
दीनबंधु — दुखियों के सहायक
त्रैलोक्यनाथ — तीनों लोकों के स्वामी

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" दो शब्द "
संसार में धार्मिक ग्रन्थों की संख्या अन्य ग्रन्थों से अधिक है, और उनका पठन-पाठन भी सबसे अधिक होता है परन्तु फिर भी सम्पूर्ण विश्व में अशांति का एक छत्र साम्राज्य है। दूसरी तरफ शांति के लिए जितने प्रयास किए जाने चाहिए, भौतिक विज्ञान के आचार्य कर चुके, तथा पूरी तरह से असफल भी हो चुके हैं। जिन विध्वंसक हथियारों के बनाने में वे असीम धन खर्च कर चुके हैं, प्रायः उतना ही धन अब उनको नष्ट करने में लगेगा। क्या घातक हथियार नष्ट किए भी जाएँगे या नहीं, यह प्रश्न बहुत महत्त्वपूर्ण है। इनको नष्ट करने में जितना समय और धन लगने का हिसाब लगाया गया है, उससे तो यह ही तथ्य प्रकट होता है कि ये हथियार जिस कार्य के लिए बनाए गए हैं, उसी में प्रयोग होंगे। घातक हथियारों द्वारा स्थापित, भय मिश्रित-शांति, सर्वनाश का कारण ही सिद्ध होगी।
धर्म के बारे एक व्याख्या मुझे पूर्ण सत्य लगती है, वह है: "धर्म का प्रमाण किसी ग्रंथ पर नहीं, मनुष्य बीरबना की सत्यता पर निर्भर है। ग्रंथ तो मनुष्य की रचना के बर्हिगमन हैं, परिणाम हैं, मनुष्य ही इन ग्रंथों के प्रणता हैं।" इससे एक बात स्पष्ट होती है कि जब तक संसार में मनुष्य शरीर रूपी ग्रंथ को पढ़ने को दिव्य विज्ञान प्रकट नहीं होता, शांति पूर्ण रूप से असम्भव है। हम देख रहे हैं, संसार में बौद्धिक प्रयासों द्वारा शांति स्थापित करने के सभी प्रयास असफल हो चुके हैं। वैज्ञानिकों ने जो हथियार मानव की सुरक्षा और शांति के लिये बनाये थे, उन्हीं से मानव अब अधिक भयभीत हैं। सभी उन्हें अतिशीघ्र नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं परन्तु विश्व में जो परिवर्तन का जो तूफान आरम्भ हो गया है वह उन्हें क्या ऐसा करने देगा? संसार में धर्म और जाति के नाम पर जो नया ध्रुवीकरण प्रारंभ हो गया है, उसकी गति निरन्तर तेज ही होती जावेगी। यह भी संभव है कि यह संकीर्ण ध्रुवीकरण ही विश्व के महाविनाश का मुख्य कारण बन जाय।

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अफवाह सुनते ही टंकी फुल कराने की होड़… और बाद में वही लोग कहते हैं ‘कमी हो गई'
सच्चाई ये है कि अफवाह से ज़्यादा तेज़ कुछ नहीं फैलता — ना कोई कमी थी, ना कोई संकट… बस डर ने भीड़ खड़ी कर दी।
प्रशासन समझा रहा है, फिर भी लोग लाइन में खड़े हैं घंटों…
याद रखो — समझदारी से काम लो, वरना अफवाह ही असली ‘क्राइसिस’ बना देती है!
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सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।
जगज्जननी आदिशक्ति माँ दुर्गा के नवम एवं परम दिव्य स्वरूप माँ सिद्धिदात्री समस्त सिद्धियों की दात्री हैं, जो भक्तों के जीवन को सफलता, शक्ति और दिव्यता से परिपूर्ण करती है।
माँ की असीम कृपा से प्रत्येक साधक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
🚩 जय माता दी 🚩

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कल बहुत सारे हिंदूवादी एकाउंट्स निलंबित हुए जिनके फॉलोवर 10k के लगभग में या उससे अधिक थे।
कारण ग्रुप के माध्यम से बार बार एक जैसे अकाउंट से रिच लेकर स्पैम का शिकार होना।
थोड़ी समझदारी रखें..
एक से अधिक खातों का प्रयोग बंद करें।
ग्रुपबाजी से बचें।
अधिक फॉलोवर के चक्कर में न पड़ें।
अच्छे context लिखें।
स्पैम वीडियो , फोटो, एवं कॉपी पेस्ट विषयों से बचें।
जरूरी मुद्दों को अपनी दिनचर्या बनाएं।
राजनैतिक गुलामी से कोषों दूर रहें।
राधे राधे बोलकर ज्ञान स्वीकार करें🙏🏽
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आज बहुत गुस्से और frustration में ये लिख रही हूँ, क्योंकि जो हाल कल मोदीनगर उत्तर प्रदेश में देखा, वो सच में परेशान करने वाला था।
पिछले 1.5 घंटे से मैं सड़क पर खड़ी थी, गाड़ी से! और मुश्किल से 500 मीटर ही आगे बढ़ पाई, चारों तरफ भयंकर जाम लगा हुआ था, हालत ये थी कि एम्बुलेंस तक फंसी हुई थी, लोग अपनी-अपनी गाड़ियों में परेशान बैठे थे, और किसी को कोई फर्क पड़ता हुआ नहीं दिख रहा था।
सबसे हैरानी की बात ये है कि ये कोई अचानक हुआ जाम नहीं था, नेशनल/स्टेट हाईवे पर लोग खुलेआम डांस कर रहे थे, सड़क पूरी तरह ब्लॉक थी, और ये सब “अनुमति” के साथ हो रहा था। मतलब जानबूझकर एक ऐसे समय पर, जब लोग ऑफिस से घर या घर से ऑफिस जा रहे होते हैं, पूरे ट्रैफिक को रोक दिया गया था।
मैंने 112 पर कॉल किया, जवाब मिला “देखते हैं!" लेकिन ground पर कोई action नहीं। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन सिर्फ हाथ हिलाने तक ही सीमित थी।
ना कोई proper diversion, ना कोई control, बस लोग जैसे-तैसे फंसे हुए थे।
अब जरा विडंबना देखिए...
अगर मैं खुद बिना अनुमति के अपनी गाड़ी सड़क पर 2 मिनट के लिए भी खड़ी कर दूँ, तो तुरंत चालान हो जाएगा।
लेकिन यहाँ पूरे हाईवे को ब्लॉक करने की अनुमति दे दी गई, और कोई जवाबदेही नहीं है।
तो क्या अब यही नियम है?
आम आदमी छोटी सी गलती करे = चालान !
और बड़े स्तर पर सड़क जाम करो = अनुमति?
अगर कहीं रैली या कोई बड़ा आयोजन होता है, तो उसके लिए proper planning होती है, time fix होता है, route तय होता है, traffic diversion होता है।
लेकिन यहाँ क्या हो रहा था?
“खूब डांस करो, खूब मज़े करो…
बाकी लोग जाम में पिसते रहें।”
सबसे बड़ा सवाल यहाँ प्रशासन से है, खासकर DM और SDM साहब से!
जो सबसे पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं, वही लोग ऐसी चीज़ों की अनुमति कैसे दे देते हैं?
क्या उन्हें अंदाजा नहीं होता कि इसका असर आम जनमानस पर क्या पड़ेगा?
या फिर आम आदमी की परेशानी अब कोई मुद्दा ही नहीं रही?
अगर अनुमति दी गई थी, तो क्या कोई ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान नहीं था?
क्या ये प्लान था कि हजारों लोग सड़क पर खड़े रहेंगे, 2-2 घंटे बर्बाद करेंगे, एम्बुलेंस तक जाम में फंसी रहेंगी?
ये पहली बार नहीं है, पिछले हफ्ते भी यही हाल था।
और हर बार वही कहानी, कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं।
सच कहूँ तो अब ये गुस्से से ज्यादा हताश और निराशा वाली बात हो गई है।
क्योंकि लगता है कि आम आदमी सिर्फ adjust करने के लिए ही रह गया है।
सरकार और प्रशासन को ये सोचना पड़ेगा कि ऐसी “अनुमतियों” का असर जमीन पर क्या होता है।
अगर अनुमति देनी है, तो व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए।
वरना ये व्यवस्था नहीं, सिर्फ लापरवाही है।
@dm_ghaziabad
@Uppolice @myogiadityanath @dgpup @uptrafficpolice
@Gzbtrafficpol


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हमारे यहाँ बेटियों को देवी माना जाता है।
@BhajanlalBjp जी को कन्या पूजन करते देख वही परंपरा याद आ गई।
कन्या भोजन करवाना बहुत बड़ा सम्मान होता है।
जब CM खुद यह करता है, तो गर्व होता है।
लगता है हमारी सोच को मान मिला।
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