पूर्व सेक्युलर

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@CHANDAN0G

Katılım Kasım 2022
541 Takip Edilen441 Takipçiler
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
मुंबई बांद्रा रेलवे स्टेशन के आस पास सालों से कब्ज़ा किए कई सौ बांग्लादेशी आज से बेघर
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
एक चैनल पर एक मौलाना कह रहे हैं कि हमारे मस्जिदों में हाथी कमल का फूल स्वास्तिक डमरू इंसानों की मूर्तियां और दूसरे तमाम चीजें तो बनाने की रिवाज रहा है अबे यार मौलाना फिर तुम आधुनिक युग में जो मस्जिदे बनवाते हो उन पर तुम कुरान की आयतें क्यों लिखवाते हो यार ? उन मस्जिदों पर तुम हाथी कमल का फूल डमरू स्वास्तिक जैसे चिन्ह क्यों नहीं बनवाते बे ?
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Vaishali Mishra
Vaishali Mishra@1VaishaliMishra·
थारी मीरवाह में, 10वीं क्लास की हिन्दू स्टूडेंट को उसके घर से असरदार मुसलमानों ने ज़बरदस्ती किडनैप कर लिया और दो दिनों तक बार-बार रेप किया। तीसरे दिन, मुस्लिम अपराधियों ने उसकी बेहोश बॉडी को उसके घर के पास एक प्राइवेट स्कूल के पास फेंक दिया और भाग गए।
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Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)
नॉर्वे की सुपारी पत्रकार @HelleLyngSvends की जब भारतीय डेलीगेशन ने धज्जियां उड़ाई तो वो भाग खड़ी हुई नॉर्वे को भारत पर भरोसा क्यों करना चाहिए ? मत कर भरोसा... भारत मोहताज नहीं है इसका भारत को मानवाधिकार का ज्ञान देते हो ? भारत वो देश है जिसने मजहब के नाम पर अपने टुकड़े स्वीकार कर लिए, दुनिया भर के पीड़ितों को शरण दी, यहूदियों से लेकर पारसियों तक को आसरा दिया और हमें मानवाधिकार का ज्ञान दे रहे हो
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Panchjanya
Panchjanya@epanchjanya·
बंगाल से बड़ी खबर! मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी का बड़ा ऐलान! 2021 में TMC की जीत के बाद हुए चुनावी हिंसा में मारे गए 321 लोगों के परिवार को मिलेगी सरकारी नौकरी। 2021 में TMC ने जीत के बाद पूरे राज्य में चुन चुनकर विरोधियों को निशाना बनाया था जिसके कारण कई हजार परिवार को बंगाल से पलायन कर असम-बिहार में शरण लेनी पड़ी थी।
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
टीएमसी शासन में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज़ों का खेल किस स्तर तक पहुंच चुका है, इसका एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 🚨 ये महिला बांग्लादेश से आई, पड़ोसियों को अपने माता-पिता बताया, फर्जी नागरिकता दस्तावेज़ बनवाए, फिर टीएमसी से टिकट लेकर पंचायत चुनाव भी जीत गया। टीएमसी राज में घुसपैठिए सीधे सत्ता तक पहुंच रहे थे तो आम जनता कितनी सुरक्षित होगी।
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Pappu Ram Mundru Sikar
ये है डूंगरपुर पुलिस जिसने सडक पर चलती बाईक का स्टेयरिंग पकड़ लिया, बाइक निचे गिर गई, चालक ने हेलमेट लगा रखा था वर्ना कुछ भी हो सकता था, बाइक पर पिछे बैठीं लडकी का पेर फैक्चर हो गया, उसका जिम्मेदार कौन? क्या जिम्मेदार लोग इस तरह की दादागिरी करेगें, ये तो आम आदमी का खुन चुसने वाली बात हो गई, इन लोगों से चोर लुटेरे तो पकड़े जाते हैं नही, ओर आम आदमी को परेशान करते हैं।
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THE JAT ASSOCIATION
THE JAT ASSOCIATION@Jatassociation·
अगर भारत सरकार गायों की हत्या रोकती है तो हम हिंदुओं की हत्या करेंगे - बांग्लादेशी मुगलमान | अगर तुमने बांग्लादेश में एक भी हिंदू को काटा तो हम तुम्हारे घुसपैठियों की खाल उतार हवा में लहरा देंगे - जाट एसोसिएशन | 😡
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Giorgia Meloni
Giorgia Meloni@GiorgiaMeloni·
Thank you for the gift
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
Wait For End 🤣🤣🤣 शामली के थानाभवन क्षेत्र में स्कूल की छात्राओं को रोककर अपनी अदा दिखाने वाले शाहनवाज अंसारी की उत्तर प्रदेश पुलिस ने तोड़ी हड्डियाँ #Shamli
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
पीएम ने जो तेल बचाने आदि के संकेत दिए और कोरोना काल की याद दिलाई, वह ईरान से कम और आने वाले सुपर एल-नीनो के प्रभाव का आकलन अधिक दिख रहा है। भारत के संदर्भ में, मानसून औसत से कम रहने से आने वाली फसल प्रभावित होगी। ईरान के कारण खाद की आपूर्ति कम हो रही है, तो फसल और कम होगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण, चाहे यूक्रेन हो या ईरान, खाद्य आपूर्ति के संकट उत्पन्न होंगे। यूरोप से ले कर अन्य महादेशों में भी युद्धजनित संकट न केवल आर्थिक है, बल्कि सामाजिक भी है। इसी मानसून के कारण इंडोनेशिया, मलेशिया से होने वाले खाद्य तेल की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। तेल कम खाने की बात आने वाले समय से जोड़ कर ही कही गई है। हेल्थ तो सेकेंडरी है, पहले खाने को हो तब तो खाएँगे! इसका प्रभाव छः माह से आरंभ हो कर तीन वर्ष तक रह सकता है। 90% संभावना है कि वैज्ञानिक जैसा बता रहे हैं, वैसा ही घटित होगा। हाँ, सरकारों को पहले से पता है कि क्या-क्या होगा, तो भंडारण पर ध्यान दे रही है। गरीब को सर्वाधिक मार पड़ेगी और 80 करोड़ को जो राशन मिल रहा है, उसके मिलने के कारण, जो भंडारण हो सकता था ऐसे समय के लिए, वह कदाचित पूरे देश पर एक बोझ बन जाए। अक्टूबर से चावल, गेहूँ और तेल के मूल्यों में वृद्धि होगी। कालाबाज़ारी चलेगी और विपक्ष सिलिंडर की ही भाँति इस पैनिक क्रिएशन में अपना भरपूर सहयोग देगा। PM को आगामी यूपी चुनाव के कारण एड़ी-चोटी का बल लगाना पड़ जाएगा। विपक्ष इसी अवसर की तलाश में है और प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न कृत्रिम व्यवधानजनित कुव्यवस्था को वो जम कर भुनाएँगे। सरकार को मल्टीपल फ्रंट पर लड़ना होगा। ऐसे में उन्हें वह भी करना पड़ेगा जो अपने ईगो के कारण वो टाल रहे हैं। समाचार समाप्त हुए।
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
प्रधान, सरकारी नाकामी और CBSE स्कूलों की नई SMC धर्मेंद्र प्रधान @dpradhanbjp जाते-जाते एक और कांड कर के जा रहा है। वैसे प्राइवेट स्कूल, जिसमें सरकार एक पैसा नहीं देती, उनमें SMC (स्कूल मैनेजमेंट कमिटी) में 75% अभिवावकों का होना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी, स्कूल के मालिक अब यह तय नहीं करेंगे कि स्कूल कैसे चले। ऊपर से आपको लगेगा कि यह तो अच्छी बात है, स्कूल मनमानी फीस लेते हैं, अब नकेल बँधेगी। हालाँकि ऐसा कुछ नहीं है। फीस नियंत्रित करना है तो ब्रैकेट बना दो, फ्रेमवर्क बना दो कि कितनी फैसिलिटी पर कितनी फीस मान्य है। एसी और स्वीमिंग वाले स्कूल की फीस आपके बगल के आठ कमरों वाले स्कूल के फीस के बराबर नहीं होगी। हाँ, यूनिफॉर्म और किताब के नाम पर बाध्यता बंद होनी चाहिए। और ये कार्य वहाँ करो जहाँ सरकार पैसे देती है। खैर, अब ये जो SMC है, उसमें 75% अभिभावक होंगे, तो स्कूल का पैसा कहाँ खर्च होगा, वही तय करेंगे। कौन से शिक्षक पढ़ाएँगे, वही तय करेंगे। किस शिक्षक की कितनी सैलरी होगी, वही तय करेंगे। इस कमिटी में वस्तुतः स्कूल के मालिक के अलावा सब हैं। 8% स्थानीय प्रशासन के लोग, 8% शिक्षक, 8% में आंगनवाड़ी, आशा बहू एवम् अन्य स्थानीय लोग होंगे। सरकारी बना नहीं सकते, वहाँ से पैसा आता नहीं, तो प्राइवेट का दोहन करो। और तो और, ये कमिटी ही यह तय करेगी कि स्कूल अपनी बाउंड्री बनाने से ले कर लैब बनवाने, स्मार्ट क्लास का काम या अन्य बड़े कार्य किस ठेकेदार को दे। यानी, अब अभिभावक यह बताएँगे कि स्कूल जिस ठेकेदार से कम में काम करा रहा है उसकी जगह वो अभिभावकों के बीच के किसी व्यक्ति को ठेका दें, वह भी PWD रेट पर! सरकार इस पर यही कहेगी कि ‘ये स्कूल और स्कूल के ट्रस्टी की मनमानी रोकने के लिए है’। फिर तो सरकार को हर दुकान, हर कम्पनी में ‘उपभोक्ता की कमिटी’ बना देनी चाहिए कि पारले का बिस्कुट कितने में बिकेगा, मारुति की कार कितने में आनी चाहिए। प्राइवेट का मतलब फिर क्या होता है? सरकार नकारी है, घटिया शिक्षा देती है इसलिए उसका लोड प्राइवेट स्कूल उठाते हैं। वो मनमानी न करें, इसलिए आप एक रेगुलेशन ले कर आते हैं। प्राइवेट स्कूल को @cbseindia29 तब रिकग्नाइज करती है जब उसके पास कुछ मूलभूत सुविधाएँ हों: लैब है, स्मार्ट क्लास है, सीसीटीवी है, ग्राउंड है, शिक्षकों की डिग्री क्या है, कितने बच्चों पर कितने शिक्षक हैं आदि। क्या यह फ्रेमवर्क काफी नहीं है? या अब माता-पिता ही तय करेंगे कि उनके बच्चे को जिस शिक्षक ने डाँटा, अब उसे निकाला जाए? क्या माता-पिता बताएँगे कि स्मार्टबोर्ड का टेंडर फलाने की जगह ढिमका को दिया जाए क्योंकि वो इनके मित्र हैं? जब सरकार वित्तीय सहायता नहीं देती, तो वह उसके आर्थिक विषयों में इतना हस्तक्षेप क्यों करना चाहती? तुमने गाँव के स्कूलों में पंचायत समिति का बवासीर डाल रखा है जो ग्रामीण राजनीति के कारण वहाँ भी नकारापन फैलाती दिखती है। सरकारी शिक्षक जनगणना से ले कर चुनाव ड्यूटी और सामूहिक विवाह तक में ड्यूटी दे रहे होते हैं। दाल-चावल का हिसाब रखना होता है, वह अलग। RTE के माध्यम से, अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए आपने प्राइवेट में भी गरीब बच्चों के लिए व्यवस्था की। सरकारी में क्यों नहीं डालते? क्योंकि आप जानते हो वहाँ रद्दी शिक्षा मिलती है। प्राइवेट आपका लोड कम करता है, और आप वहाँ 75% माता-पिता के हाथों में नियंत्रण देना चाहते हैं। अब ये जो गुलाबी बात कही जा रही है, उसका फॉलआउट ये नहीं जानते। स्कूल बंद होने लगे, तो क्या सरकार स्कूल खोलेगी? जिस माता-पिता को विद्यालय मनमानी वाला लगता है, उनके पास विकल्प है कि वो दूसरे विद्यालय में चले जाएँ। आपको एसी चाहिए बच्चों के लिए तो आपको पैसे भी देने पड़ेंगे। पुनः कहूँगा कि यूनिफॉर्म-पुस्तक का केवल डिजाइन, नाम और सिलेबस स्कूल को देना चाहिए। बच्चों को स्वतंत्रता हो कि वो कहाँ से लें। फीस का ब्रेकेट तय करे सरकार स्कूल की सुविधाओं के आधार पर। इससे इतर यदि निजी स्वामित्व के विद्यालयों में माता-पिता को 75% नियंत्रण दिया गया तो समाजवाद तो आ जाएगा, पर समाजवादी पैरेंट्स के बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय नहीं बचेंगे।
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Adil siddiqui (azmi)
Adil siddiqui (azmi)@adilsiddiqui7·
ज्ञान तो ऐसे दे रहा है मुसलमानो पर जिससे अपनी खुद एक लुगाई संभाली नही गयी । तुम्हारे पुरखों ने अंग्रेजों की पूरी ज़िन्दगी गुलामी की,उनके तलवे चाटते रहे तब जाकर उन्होंने अपनी विरासत को बचाया, और उस विरासत की एक नजाएज़ ईट तुम भी हो। और रही बात मुसलमान की अगर मुसलमान की हैसियत और औकात देखनी है किसी दिन इंडिया गेट पर जाओ तुम्हें मुसलमानो की"और तुम्हें तुम्हारी हैसियत का अंदाजा लग जाएगा,कौन सीने पर गोली खाया और कौन पिछवाड़े पर गोली खाया। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर नफ़रत फैलाने से देश मज़बूत नहीं होता।अगर कोई धर्म डर से अपनाया गया होता, तो सदियों बाद भी लोग अपनी पहचान, अपने उसूल और अपने मज़हब पर इतने मज़बूती से कायम नहीं रहते। #rajabhaiya #viralchallenge #Partapgadh #viralpost #lucknow #azamgarh
Adil siddiqui (azmi) tweet media
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Ach. Ankur Arya Official
Ach. Ankur Arya Official@AchAnkurArya·
इंडिया गेट पर मुठल्ले कटपीस शहीदों के नाम? 😂😅 आजमी ने सिद्ध कर दिया कि मुसलमानों में अकल का दखल वाजिबुल कतल होता है। चूतिया मादरजात मदरसाछाप कौम का बेअक्ल पिल्ला। कौन है ये नया पिस्सू की अधोजटाओं का पिस्सू? 😆😆
Adil siddiqui (azmi)@adilsiddiqui7

ज्ञान तो ऐसे दे रहा है मुसलमानो पर जिससे अपनी खुद एक लुगाई संभाली नही गयी । तुम्हारे पुरखों ने अंग्रेजों की पूरी ज़िन्दगी गुलामी की,उनके तलवे चाटते रहे तब जाकर उन्होंने अपनी विरासत को बचाया, और उस विरासत की एक नजाएज़ ईट तुम भी हो। और रही बात मुसलमान की अगर मुसलमान की हैसियत और औकात देखनी है किसी दिन इंडिया गेट पर जाओ तुम्हें मुसलमानो की"और तुम्हें तुम्हारी हैसियत का अंदाजा लग जाएगा,कौन सीने पर गोली खाया और कौन पिछवाड़े पर गोली खाया। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर नफ़रत फैलाने से देश मज़बूत नहीं होता।अगर कोई धर्म डर से अपनाया गया होता, तो सदियों बाद भी लोग अपनी पहचान, अपने उसूल और अपने मज़हब पर इतने मज़बूती से कायम नहीं रहते। #rajabhaiya #viralchallenge #Partapgadh #viralpost #lucknow #azamgarh

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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
ये क्या चल रहा है भाई! उधर सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी मानस, मनुस्मृति को कूड़े में फेंकने की बात कहता है, जाट-गुर्जर महिलाओं को 3-4 पति रखने वाली बताता है, ब्राह्मणों को वेश्यायों से भी बदतर कहता है, और इधर मालिक बड़े मंगल का क्रम गिन रहे हैं!
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh

समस्त प्रदेशवासियों को तृतीय बड़े मंगल की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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Ach. Ankur Arya Official
Ach. Ankur Arya Official@AchAnkurArya·
मुझे तो हंगर इंडेक्स और फ्री प्रेस इंडेक्स पर इस धरती के होने से ज्यादा विश्वास है। 😂
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
विश्व मधुमक्खी दिवस पर 'शुद्ध मधु' केवल अपने पास के मधुमक्खी पालकों से ही लें, बाक़ी सब सिरप है। ft. @MukeshPathakji @FabaHoney
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ANUPAM MISHRA
ANUPAM MISHRA@scribe9104·
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने प्रारंभिक जांच के बाद अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों का जो शुरुआती ब्यौरा प्रस्तुत किया है, वो चौंकाने वाला है दिलचस्प बात है कि अभिषेक बनर्जी ने एक फ़्लैट शायोनी घोष के साथ मिलकर भी ले रखा था 😉
ANUPAM MISHRA tweet mediaANUPAM MISHRA tweet mediaANUPAM MISHRA tweet mediaANUPAM MISHRA tweet media
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
फ़र्दा-ओ-दी का तफ़रक़ा यक बार मिट गया कल तुम गए कि हम पे क़यामत गुज़र गई ये सब क्या चल रहा है! प्लाइंट ब्लैंक के लिए कंटेंट ही कंटेंट! कॉन्ग्रेस वालों के पिछवाड़े जल कर हीरे में परिवर्तित हो चुके होंगे।
ANI@ANI

#WATCH | "Thank you for the gift", tweets Prime Minister of Italy, Giorgia Meloni She says, "Prime Minister Modi brought as a gift, a very, very good toffee- Melody" (Video Source: Giorgia Meloni/'X')

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Shubham Shukla
Shubham Shukla@Shubhamshuklamp·
शर्मनाक, शर्मनाक, शर्मनाक, शर्मनाक…..ये शर्मनाक नहीं तो क्या है? इस पर सब चुप्पी क्यों साधे हैं? ब्राह्मणवादी पितृसत्ता ने प्राचीन भारत में महिलाओं की प्रगति में किस तरह बाधा डाली?:- BHU MA History 4th Sem के पेपर में ये सवाल पूछा गया….. दुनिया ड्रोन बना रही है, मेडिकल के क्षेत्र में इतिहास रच रही है, अमेरिका-ब्रिटेन के शैक्षणिक संस्थान दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं, चीन में छात्रों की स्किल पर काम किया जा रहा है हमारे भारत के विश्वविद्यालय ब्राह्मणवाद-पितृसत्ता से आगे का सोच ही नहीं पा रहे हैं।
Shubham Shukla tweet media
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