DHARMENDRA TIWARI

304.3K posts

DHARMENDRA TIWARI banner
DHARMENDRA TIWARI

DHARMENDRA TIWARI

@DHARMEN012

Allahabad, India Katılım Nisan 2018
1.3K Takip Edilen2.1K Takipçiler
Sabhapati Mishra
Sabhapati Mishra@SabhapatiM30191·
जय माता दी सुप्रभात मित्रों
Sabhapati Mishra tweet media
हिन्दी
7
3
15
42
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Narpati C Pareek 🇮🇳
@AarTee33 @KavyaKriti_ @ParmarA03 @madhuleka @ShwetaJha24 @Lekhni_ @alokrsrivastav @ArchanaVed @arorafbd @arpanvt @ashishb15531661 @DrPujaJha @jaincp61 @VineshGaba @Sksio3 @yourVirat @SrRuhil @dhirendra0612 @tripathiarun123 @vds31175 @MengiKuldip @SatishTangri @kr0271amit @ShivajiBhardw10 @mkanoujia78 घट का परदा खोलकर, सन्मुख दे दीदार । बाल सनेही सांइयाँ, आवा #अन्त का यार ॥ - कबीर #अंत #लेखनी ✍️
हिन्दी
1
5
8
24
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Manglesh Verma
Manglesh Verma@sanatani9584·
आज के प्रातः काल ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः दिनांक 10 अप्रैल 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन कीजिए
Manglesh Verma tweet media
हिन्दी
1
1
2
65
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
आरती सिंह
@KavyaKriti_ @ParmarA03 @pareeknc7 @madhuleka @ShwetaJha24 @Lekhni_ @alokrsrivastav @ArchanaVed @arorafbd @arpanvt @ashishb15531661 @DrPujaJha @jaincp61 @VineshGaba @Sksio3 @yourVirat @SrRuhil @dhirendra0612 @tripathiarun123 @vds31175 @MengiKuldip @SatishTangri @kr0271amit @ShivajiBhardw10 @mkanoujia78 फिर उठना, फिर गिर पड़ना आशा है, वहीं निराशा क्या आदि-#अन्त संसृति का अभिलाषा ही अभिलाषा? अज्ञात देश से आना, अज्ञात देश को जाना, अज्ञात अरे क्या इतनी है हम सब की परिभाषा? ~ भगवती चरण वर्मा #अंत #लेखनी ✍️
आरती सिंह tweet media
हिन्दी
6
13
18
126
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
आरती सिंह
@KavyaKriti_ @ParmarA03 @pareeknc7 @madhuleka @ShwetaJha24 @Lekhni_ @alokrsrivastav @ArchanaVed @arorafbd @arpanvt @ashishb15531661 @DrPujaJha @jaincp61 @VineshGaba @Sksio3 @yourVirat @SrRuhil @dhirendra0612 @tripathiarun123 @vds31175 @MengiKuldip @SatishTangri @kr0271amit @ShivajiBhardw10 @mkanoujia78 @vipranagarkar अभी न होगा मेरा #अन्त अभी-अभी ही तो आया है मेरे वन में मृदुल वसन्त- अभी न होगा मेरा अन्त हरे-हरे ये पात, डालियाँ, कलियाँ कोमल गात ! ~ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' #अंत #लेखनी ✍️ @_sunitapanwar
आरती सिंह tweet media
हिन्दी
4
17
25
126
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Anil Kumar Mishra
Anil Kumar Mishra@archi_anil·
🙏🌸जय श्री जगन्नाथ महाप्रभु 🌸🙏 🙏💗💦⭕‼️⭕💦💗🙏 सृष्टि के पालनहार श्री जगन्नाथ महाप्रभु के चरणों में समर्पित भाव जिनकी एक मुस्कान से जगत में जीवन की लहर दौड़ जाती है❗⭕❗ जगत के नाथ के भव्य एवं अलौकिक दर्शन, जिनकी एक झलक मात्र से आत्मा पवित्र हो जाती है। 🌺✨ हरि बोल🌺✨
Anil Kumar Mishra tweet media
हिन्दी
4
5
6
34
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Satire Anuj
Satire Anuj@itsAnuj·
हमारे यहां ऐसा ही होता है बनी बनाई सड़क उखाड़ कर फिर से बनाई जाती है, पैसे जो कमाने हैं,, ठेकेदार दिनभर नेताओं के आसपास क्यों मंडराते हैं,,, देखिए ये है वार्ड 19, ओम नगर, संतनगर बनी, हुई इंटरलॉकिंग सड़क को उखाड़ा जा रहा है,, फिर से बनाने के लिए,, प्रश्न यह है कि इस सड़क का टेंडर कौन पास कर रहा, आखिर क्यों राज्य सरकार का पैसा बर्बाद किया जा रहा..!! और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है यह कितनी अच्छी कंडीशन में निकल रही है, और सड़क अभी कितने साफ सुधरी दिखाई दे रही है
हिन्दी
4
205
303
3.7K
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
विनीत 'काका' 🚩
#ऋग्वेद #मण्डल:1 #सूक्त:1 #मन्त्र:8 राज॑न्तमध्व॒राणां॑ गो॒पामृ॒तस्य॒ दीदि॑विम्। वर्ध॑मानं॒ स्वे दमे॑॥ भावार्थः- प्रभु देदीप्यमान, यज्ञों के रक्षक, ऋत के प्रकाशक व सदा से बढ़े हुए हैं। हम भी अपने जीवन को इसी प्रकार का बनाने का प्रयत्न करें।
विनीत 'काका' 🚩 tweet media
हिन्दी
5
23
19
225
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
दिवाकर राय
संकर बिमुख भगति चह मोरी । सो नारकी मूढ मति थोरी ।। #जय_सियाराम 🙏 #सुप्रभात 🙏
दिवाकर राय tweet media
NE
26
33
52
176
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
#काव्य_कृति✍️
@ParmarA03 @AarTee33 @pareeknc7 @madhuleka @ShwetaJha24 @Lekhni_ @alokrsrivastav @ArchanaVed @arorafbd @arpanvt @ashishb15531661 @DrPujaJha @jaincp61 @VineshGaba @Sksio3 @yourVirat @SrRuhil @dhirendra0612 @tripathiarun123 @vds31175 @MengiKuldip @SatishTangri @kr0271amit @ShivajiBhardw10 @mkanoujia78 @vipranagarkar @_sunitapanwar छोड मन तू मेरा-मेरा, #अंत में को‌ई नहीं तेरा ! धन कारण भटक्यो- फिर्‌यो, रच्या नित नया ढंग। ढूँढ-ढूँढ़ कर पाप कमाया, चली न कौड़ी संग। होय गया मालक बहुतेरा छोड मन तू मेरा-मेरा, अंत में को‌ई नहीं तेरा ! ~ हनुमान प्रसाद पोद्दार #अंत #लेखनी ✍️
#काव्य_कृति✍️ tweet media
हिन्दी
2
12
19
123
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
k l soni
k l soni@Soni94148·
@Kamalbh19995568 @DHARMEN012 या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता⚜️ 🏵️ नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
हिन्दी
0
1
2
3
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Akash singh
Akash singh@singhakash3444·
भगवान आदिशंकराचार्य के पास मात्र चार शिष्य थे बाद में 6 और हुए 10 शिष्यों से ही काम बन गया, धर्मराज्य की स्थापना हो गई। व्यष्टि से समष्टि में तादाम्यपत्ति करने पर समष्टि की शक्ति प्राप्त होती है। ऐसे यदि 10 व्यक्ति भी हो जाए तो काम बन जायेगा।
हिन्दी
5
108
325
3.6K
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Rakesh 2.0 🇮🇳
Rakesh 2.0 🇮🇳@TheRakesh_IND·
सुप्रीम कोर्ट का सबरीमाला मंदिर मामले में बयान महिलाओं को महीने के तीन दिनों तक ‘अछूत’ नहीं माना जा सकता सुप्रीम कोर्ट हिंदू मंदिरों में घुसकर समानता का नाटक करता है, लेकिन मस्जिदों, चर्चों या मदरसों की परंपराओं को छूने की हिम्मत नहीं करता सीधी बात नो बकवास आनंद रंगनाथन 🔥
हिन्दी
70
2.7K
6.3K
37.6K
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Kamal Bhatt
Kamal Bhatt@Kamalbh19995568·
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः ।
Kamal Bhatt tweet media
MR
56
52
85
284
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Dr,JAI NATH Singh
Dr,JAI NATH Singh@DrJaiNathSingh3·
,*🙇आज 10 अप्रैल 2026 शुक्रवार 🙇* *🙏🌹🏵️जय श्री महाकाल 🏵️🌹🙏* *🌹💐बारह ज्योतिर्लिंग में तृतीय दक्षिणमुखी श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के आज के भस्मारती श्रृंगार दर्शन श्री महाकालेश्वर महाकाल मंदिर परिसर उज्जैन मध्यप्रदेश से💐🌹* *🔱शिव ही सत्य है । शिव ही अनंत है ।।🔱*
Dr,JAI NATH Singh tweet media
हिन्दी
1
2
3
38
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
आरती सिंह
उघरहिं #अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू॥ ~ तुलसीदास #अंत #लेखनी ✍️ भावार्थ : तुलसीदास जी कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति बुरा होने के बावजूद ऊपर से अच्छा दिखने का ढोंग करता है, तो अंत में उसका भेद प्रकट हो ही जाता है। ​जिस प्रकार कालनेमि, रावण और राहु का असली रूप अंत में सबके सामने आ गया था और उनका पतन हुआ।
आरती सिंह tweet media
हिन्दी
3
11
14
131
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
आरती सिंह
बंदौं मधुर लाडिलि-लाल। रूप-रस के दिय अनुपम उदधि अमित बिसाल॥ स्याम घन तन, मुरलि कर बर, अधर मृदु मुसकान। सिर मुकुट-सिखि पिच्छ सोहत, सुभग दृग रसखान॥ ~ हनुमान प्रसाद पोद्दार #लेखनी ✍️
आरती सिंह tweet media
हिन्दी
7
19
28
249
DHARMENDRA TIWARI retweetledi
Priti Gautam
Priti Gautam@priti134·
आप लोग बताएं आज के संविधान से पहले भारत में क्या लागू था मनुस्मृति या अंग्रेजी दंड सहिंता?
Priti Gautam tweet media
हिन्दी
14
36
105
1.3K