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Deepak Singh दीपक सिंह
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Deepak Singh दीपक सिंह
@DeepakSinghINC
Ex M.L.C. Uttar Pradesh, C.L.P. Leader UP. Chairman Regulation Committee U.P. Vidhanparishad, Chairman PSC Ministry of Railways Govt.of India
Amethi, Lucknow, UP Katılım Eylül 2011
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संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता। एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा।
मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला प्रयास आज नाकाम रहा।
आज, देश के विपक्ष ने अपनी दृढ़ता और एकजुटता दिखाकर भारत के लोकतंत्र और इसकी अखंडता को अक्षुण्ण रखा है। भारत की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जायेगा। आज से इस देश की आवाज़ को दबाने का काम बंद।
मैं विपक्ष के सभी सांसदों को दिल से धन्यवाद देती हूँ क्योंकि अंतर्मन में हम सब जानते हैं कि अगर ये तीन विधेयक पारित होते तो हमारे देश में लोकतंत्र नहीं बचता। अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करके हमने इस देश को राजनीति से ऊपर रखा है और देश के हित में अपना कर्तव्य निभाया है।
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आजादी के पहले महात्मा गांधी जी और हमारे तमाम महान क्रांतिकारियों का सपना था कि आजाद भारत में जनता सर्वोपरि हो, सत्ता की चाबी हमारे गांवों और वहां बसने वाले आम लोगों के हाथ में हो। इसी सपने को साकार करने के लिए आजादी के बाद पंडित नेहरू जी ने पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की। बाद में श्री राजीव गांधी जी ने इसे पूरे देश में लागू किया। उनके प्रयासों से पंचायतों में महिलाओं को एक तिहाई हिस्सेदारी मिली जिसकी वजह से आज लाखों महिलाएं पंचायत प्रतिनिधि बनकर लोकतंत्र को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
देश के सभी पंचायत प्रतिनिधियों, सदस्यों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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I travelled through Great Nicobar today.
These are the most extraordinary forests I have ever seen in my life. Trees older than memory. Forests that took generations to grow.
The people on this island are equally beautiful - both the adivasi communities and the settlers - but they are being robbed of what is rightfully theirs.
The government calls what it is doing here a “Project.” What I have seen is not a project. It is millions of trees marked for the axe. It is 160 square kilometres of rainforest condemned to die. It is communities that have been ignored while their homes have been snatched away.
This is not development. This is destruction dressed in development’s language.
So I will say it plainly, and I will keep saying it: what is being done in Great Nicobar is one of the biggest scams and gravest crimes against this country’s natural and tribal heritage in our lifetime.
It must be stopped. And it can be stopped - if Indians choose to see what I have seen.
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लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है।
उनकी आवाज़ दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।
लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुँचाए।
आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।
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उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक सशक्त, सरल और कर्मठ व्यक्तित्व, अरुण कुमार सिंह मुन्ना जी का अत्यंत दुःखद निधन हो गया।
उनका जाना न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
आप मेरे पहले PCC अध्यक्ष थे मुझे सौभाग्य मिला वर्ष 2002 में पहली बार उत्तर प्रदेश कांग्रेस में सचिव के रूप में उनके साथ कार्य करने का, उनका स्नेह, मार्गदर्शन और आत्मीयता आज भी मेरे मन में अमिट रूप से बसते हैं, आप मुझे अत्यंत प्रेम करते थे और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे, जब सभी का प्रभार बंट रहा था तो आपने मुझसे कहा अमेठी के अगला बगल किस जिले का प्रभारी बनाना चाहते हो! मैंने कहा अगल बगल नहीं मुझे इटावा जनपद का प्रभारी बनना है, आपने कहा सब अगल बगल जाना चाहते हैं तुम जिले से इतना दूर!
मैंने कहा मुझे श्री मुलायम सिंह यादव जी की जीवन यात्रा का अध्यन भी करना है, और सभी जनपदीय प्रभारियों से ज़्यादा दौरा/काम करूँगा तो मेरी पीठ ठोंक कर हंसे और तब से हम उनसे जुड़े रहे।
मुन्ना जी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं को हमेशा परिवार की तरह माना।
उनकी सरलता, समर्पण और संघर्षशीलता हम सभी के लिए प्रेरणा रहेगी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार व समर्थकों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
भावभीनी श्रद्धांजलि 💐

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आज की यह घटना केवल एक केस की नहीं, बल्कि न्याय और व्यवस्था के बीच खड़े एक मजबूत सिद्धांत की कहानी है।
आज अदालत में एक असाधारण दृश्य देखने को मिला। जब राहुल गांधी जी की नागरिकता से जुड़े मामले पर सुनवाई हो रही थी, तो माननीय जज साहब ने साफ शब्दों में कहा “मैं इस केस की सुनवाई नहीं कर सकता।”
यह केवल एक वाक्य नहीं था, बल्कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और आत्मसम्मान का प्रतीक था।
राहुल गांधी के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों—कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात से लगातार फर्जी मामले उठते रहे हैं।
लेकिन आज का मामला थोड़ा अलग था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में यह याचिका आई, जो पहले भी कई बार दायर होकर खारिज हो चुकी थी।
सरकार की ओर से वकील लगातार FIR दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे। तब जज साहब ने राहुल गांधी जी को नोटिस जारी कर दिया, लेकिन जब जज साहब को Jagannath Verma vs State of Uttar Pradesh के फुल बेंच फैसले का हवाला दिया गया, जिसमें D. Y. Chandrachud की पीठ ने स्पष्ट कहा था कि बिना दूसरे पक्ष को सुने FIR का आदेश नहीं दिया जा सकता।
लेकिन सरकार का पक्ष और भाजपा का वह नेता जो मुक़दमा किया था वह अपनी हरकत पर आ गया, सरकारी पक्ष अपने ग़लत तर्कों पर अड़ा रहा, तब जज साहब ने खुले न्यायालय में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। संदेश साफ था कानून अभी भी जिंदा है, और हर व्यक्ति दबाव में नहीं झुकता।
आखिरकार, उन्होंने स्वयं को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया।
यह कदम कई सवाल छोड़ जाता है, लेकिन एक बात साफ करता है न्यायपालिका में आज भी ऐसे लोग हैं जो सिद्धांतों के साथ खड़े रहते हैं।
यह घटना मुझे उस पुराने संसदीय क्षण की भी याद दिलाती है, जब गोरखपुर के MLC श्रीदेवेंद्र प्रताप सिंह ने एक विवादित बिल पास कराने को लेकर पीठासीन होने से इनकार कर दिया था।
भले ही बिल पास हो गया, लेकिन इतिहास ने यह दर्ज किया कि कुछ लोग सत्ता से ऊपर उठकर अपने विवेक का सम्मान करते हैं।
व्यवस्था चाहे कितनी भी जटिल क्यों न हो, जब-जब कोई व्यक्ति दबाव के आगे झुकने से इनकार करता है वहीं से लोकतंत्र की असली ताकत दिखाई देती है।
#न्यायपालिका #Judiciary #RuleOfLaw #राहुलगांधी #Justice #Democracy #संविधान #TruthWins #IndianPolitics #JudicialIndependence

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मेरे प्रिय छोटे भाई देवांस तिवारी जी के बाबा राम शंकर तिवारी जी का निधन हो गया, आज शोक प्रकट करने उनके गांव सिरसा (नवाबगंज) जिला-गोण्डा आया था, स्वर्गीय राम शंकर तिवारी जी उम्र- 97 वर्ष थी पर आप पूरी तरह फिट थे, कभी दवा नहीं खाते थे।
1970 से आप 35 वर्ष तक प्रधान रहे, अब इनकी विरासत को देवांस के पिता जी संभालते हैं।
ईश्वर आपको अपने चरणों में स्थान दें ।
@DevanshTiwarii



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भारत रत्न, संविधान के शिल्पी, सामाजिक न्याय के महान योद्धा, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।
उनके विचार हमेशा हमें समानता और अधिकारों की राह दिखाते रहेंगे।
#AmbedkarJayantii

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@CPChand10 @BJP4UP आपकी अध्यक्षता मेरे जनपद अमेठी के कई प्रकरण निस्तारित करने और उनके संदर्भ में मुझे भी अपना पक्ष रखने के लिए विधान परिषद की समिति में आमंत्रित करने के लिए आभार।
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विधान भवन लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सदभाव समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त विभाग, सिंचाई, आवास विकास विभाग , पंचायती राज विभाग के लंबित प्रकरणों पर धर्मेंद्र सिंह जी एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों संग चर्चा की तथा आवश्यक दिशानिर्देश दिए
साथी विधान परिषद सदस्य भी उपस्थित रहे
@bjpanoop
@SPSinghMLC
@DeepakSinghINC
@GopalAnjanBjp




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दुनिया में वही सुना जाता है जो अपने हितों पर अड़ा रहता है।
ईरान ने Strait of Hormuz खोलने की बात भी अपनी शर्तों पर की है, और 10 अप्रैल को होने वाली बातचीत में 10 शर्तें सामने रख दी हैं, मोदी जी की तरह ट्रम्प के आदेश का पालन नहीं किया जबकि देश युद्ध लड़ रहा है।
मतलब साफ है झुकना नहीं, शर्तों पर बात करना ही असली कूटनीति है।
इधर उल्टा है PM मोदी जी, वैश्विक दबाव में आते है, तो हम अपने हितों पर खड़े नहीं हो पाते।
बल्कि अमेरिका जैसे देशों के इशारों पर फैसले लेने को मजबूर हो जाते हैं।

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आज M.W.O. द्वारा भादर (अमेठी) में आयोजित “रक्तदान महादान” शिविर का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
शिविर के आयोजक M.W.O. के अध्यक्ष भाई घनश्याम शर्मा जी द्वारा हर वर्ष ऐसे प्रेरणादायक आयोजन किए जाते हैं, जिनके माध्यम से अब तक 5000 से अधिक लोग रक्तदान कर मानवता की सेवा में अपना योगदान दे चुके हैं।
रक्तदान न केवल जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करता है। सभी रक्तदाताओं को हृदय से नमन।
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