Deepak verma
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NEET पेपर लीक ने 22 लाख छात्रों की मेहनत और माता-पिता की उम्मीदों को दांव पर लगा दिया।
लखीमपुर खीरी से NEET अभ्यर्थी रितिक मिश्रा व देश में अन्य बच्चे, जो सरकारी मेडिकल सीट पाने की उम्मीद कर रहे थे, परीक्षा लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली। यह सिर्फ छात्रों की मौत नहीं, बल्कि भाजपा सरकार में व्यवस्था की संवेदनहीनता का परिणाम है।
CBSE 12वीं में OSM सिस्टम की गड़बड़ी ने हजारों बच्चों को उम्मीद से बेहद कम अंक दे दिए, अब छात्र कॉलेज प्रवेश की पात्रता तक खो बैठे हैं।
लाखों 9वीं के छात्रों पर नई भाषा थोप दी गई है - न शिक्षक तैयार, न किताबें उपलब्ध, न स्कूलों में स्पष्ट व्यवस्था।
हर बार छात्र परेशान, माता-पिता चिंतित, और देश के शिक्षा मंत्री सिर्फ मौन हैं।
भाजपा सरकार में शिक्षा मंत्रालय अब सुधार का नहीं, अव्यवस्था, तनाव और विफलताओं का मंत्रालय बन चुका है।
जब बच्चों का भविष्य दांव पर हो, तब चुप्पी भी अपराध बन जाती है।
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चुनाव आयोग यह बताए कि वोटर लिस्ट में हजारों फर्जी नाम जोड़ने की ये त्रुटि आखिर किसके फायदे के लिए की गई?
जब एक ही व्यक्ति के नाम पर कई वोट बन रहे हों, मृतकों और बाहरी लोगों के नाम सूची में शामिल बताए जा रहे हों, तब यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं लगती - यह लोकतंत्र की निष्पक्षता, संविधान और जनता के वोट के अधिकार पर गंभीर सवाल है।
भाजपा सरकार में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है। जनता जानना चाहती है कि इस गड़बड़ी से किस राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
संविधान की आत्मा निष्पक्ष चुनाव है, लेकिन चुनाव आयोग से निष्पक्षता की क्या उम्मीद रखें

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आज मैनपुरी के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में प्रतिभाग कर विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, विद्युत, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।




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मैनपुरी के कौवाटोला कुरावली क्षेत्र की एक बेटी प्रार्थिनी ने अपने पिता वारिस अली की हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी है।
जमीन विवाद, दबंगई और धमकियों के बाद उनके पिता की निर्मम हत्या कर दी गई।
यह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। प्रशासन तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।

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महाकुंभ के नाम पर प्रयागराज में 50 हज़ार करोड़ से भी अधिक पैसा हड़पा गया लेकिन लोग आज भी बूँद-बूँद के लिए तरस रहे हैं।
भाजपा राज में ‘जल जीवन मिशन’ का अर्थ है : ‘जल’ की व्यवस्था में ही सारा ‘जीवन’ व्यर्थ होना।
भ्रष्टाचार की पाइप लाइन लखनऊ से दिल्ली तक बिछ गई लेकिन पानी लोगों के घर तक नहीं पहुँचा।
पानी की टंकिया यूँ ही नहीं गिर रही हैं और ‘स्वतंत्र’ लोग यूँ ही बंधक नहीं बनाए जा रहे हैं।
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उप्र में असहनीय ‘महा विद्युत आपदा’ की वजह से लगातार बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए भयभीत भाजपाई विधायक-सांसद दिखावटी चिट्ठी के रूप में जिस ‘काग़ज़ी कवच’ से ख़ुद को बचाना चाह रहे हैं, वो चिट्ठी दरअसल अपनी सरकार को लिखा कोई ‘जन हित का पत्र’ नहीं है बल्कि भाजपा रूपी डूबते जहाज़ को छोड़कर विपक्ष से आगामी चुनावों में टिकट पाने के लिए ‘आवेदन पत्र’ है।
हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है, जो जनता को दुख-दर्द और दिक़्क़तों के सिवा कुछ नहीं देते हैं। इस जानलेवा गर्मी में परिवारों में बड़े बुज़ुर्गों, बीमारों, बच्चों और खाने-पानी की व्यवस्था में झुलसती महिलाओं की क्या दुर्दशा हो रही है, ये केवल परिवारवाले ही समझ सकते हैं।
कभी आपदा में अवसर ढूँढनेवालों ने, अवसर की जगह जिस ‘अफ़सर’ को ढूँढा था वो अफ़सर अब स्वयं आपदा साबित हो रहा है। समस्या का समाधान पूछने पर दोनों हाथ खड़ा करके नारा लगाकर बच निकलनेवालों के रहते समस्या नहीं सुलझेगी। भाजपा के डबल इंजन की इस आपसी टकराहट का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते?
किसी के लिए ये बड़ा मौका है कि वो पूरी तरह से नाकाम हो चुके किसी ‘दूत-मंत्री’ को हटा दे मतलब बहुत समय से चुभ रहे इस काँटे को निकाल दे अर्थात इस बार आपदा में वो किसी को बाहर का रास्ता दिखाने का अवसर ढूँढ ले। ऐसे में माननीय पर किसी के ख़िलाफ़ दुर्भावनावश काम करने का आरोप भी कोई नहीं लगा पाएगा। उसके बाद मुख्य जी को अपना मंत्रिमंडल विस्तार करने और उन बेचारे सहानुभूति के पात्रों में से किसी एक ‘घाटहीन’ को समायोजित करने का मौका भी मिल जाएगा, जो सत्तासुख के लालच में अपनी अंतरात्मा से झूठ बोलकर भी केवल हाथ मलते रह गये हैं और अपनी राजनीति के ख़त्म होने पर पछतावे के आँसू भी नहीं बहा पा रहे हैं।
उप्र की भाजपा सरकार भी जानती है कि अब वो कभी वापस नहीं आएगी, इसीलिए वो जनता की मुश्किलों और माँगों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करके बस अपने ख़ज़ाने भरने में लगी है।
जन-जन कहे आज का, भार बन गयी भाजपा!
#भयभीत_भाजपा
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ಆಡು ಮುಟ್ಟದ ಸೊಪ್ಪಿಲ್ಲ, ಬಿಜೆಪಿ ಬೆಲೆ ಏರಿಸದ ವಸ್ತುವಿಲ್ಲ.
ಕೇಂದ್ರ ಬಿಜೆಪಿ ಸರ್ಕಾರ ಅಧಿಕಾರದಲ್ಲಿರುವುದೇ ಜನಸಾಮಾನ್ಯರನ್ನು ಲೂಟಿ ಮಾಡಲು. ಸಿಮೆಂಟ್ ನಿಂದ ಕಬ್ಬಿಣದವರೆಗೆ, ಪಾದರಕ್ಷೆಗಳಿಂದ ಪಿವಿಸಿ ಪೈಪ್ ವರೆಗೆ, ಬ್ರೆಡ್ ನಿಂದ ಸ್ಪೀಡ್ ಪೋಸ್ಟ್ ವರೆಗೆ ಎಲ್ಲದರ ಬೆಲೆ ಏರಿಕೆಯಾಗಿದೆ. ಬಡವರು ಬಳಸುವ ಉಪ್ಪು, ಹಾಲು, ಮೊಸರಿಗೂ ಜಿಎಸ್ ಟಿ ಹಾಕಿ ಸುಲಿಗೆ ಮಾಡುತ್ತಿರುವ ಕೇಂದ್ರ ಸರ್ಕಾರ, ಜನರ ಜೇಬಲ್ಲಿ ಏನು ಉಳಿದಿದೆ ಎಂದು ಚಿನ್ನ ಖರೀದಿ ಮಾಡಬೇಡಿ ಎಂದು ಹೇಳಿದೆಯೋ ದೇವರೆ ಬಲ್ಲ.
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मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पूर्व सदस्य श्री अशोक धवन जी ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर श्री सचिन अग्रवाल जी, श्री देवेंद्र मोहन पाठक जी, श्री शैलेंद्र स्तोगी जी एवं श्री राजा रुपानी जी भी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ कैंट विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री सुरेश चन्द्र तिवारी जी ने शिष्टाचार भेंट की।
@sureshtewariBJP

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