Dev Sharma

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Dev Sharma

Dev Sharma

@DevShar777

Bachelor of Technology From RTU Kota 🎓 Electrical Engineering..!! Civil Services Aspirant 📚📖🎯 ideal And Ideology Sir @AbhishekScharan जी (RAS Topper)❤️☺️

Kota, India Katılım Ekim 2022
774 Takip Edilen659 Takipçiler
Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
@AuraDeshraj_Jat @iamharmeetK एक काम हो सकता है अब तो , तभी तुम्हारी ज्वाइनिंग वापिस हो सकती है
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DeshRaj Choudhary
DeshRaj Choudhary@AuraDeshraj_Jat·
@iamharmeetK हमारा साथ दीजिए, हम भाग नहीं रहे! आदरणीय @iamharmeetK जी, हम हर जांच के लिए तैयार हैं। अगर हम गलत हैं, तो हमें जो सजा देनी है दीजिए, पर बिना कसूर हमें मत मारिए। यह हजारों बेटियों के स्वाभिमान और जीवन का सवाल है। न्याय की कसौटी पर हमें परखिए तो सही! #SI_2021 #JusticeForDaughters
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Harmeet Kaur K 🇮🇳
Harmeet Kaur K 🇮🇳@iamharmeetK·
Heartbreaking 💔 But Rajasthan education minister MADAN DILAWAR on pre-med exam cancellation - "There is no big deal in this".
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DeshRaj Choudhary
DeshRaj Choudhary@AuraDeshraj_Jat·
@iamharmeetK माननीय @iamharmeetK जी, हम को मार डाला, हम हर तरीके की जांच के लिए तैयार थे। किसी ने हमारी पुकार नहीं सुनी।एक औरत के लिए कितना मुश्किल होता हैं खुद के पैरों पर खड़ा होना,अपनी रोज़ी रोटी कमाना। हमने तो सिर्फ हमारा सम्मान चाहा था, फिर भी सबने मिल कर हमको मार दिया।
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किम जोंग
किम जोंग@kim_jong07·
असली हरामी कोचिंग माफ़िया है, सभी भाई इस पर विशेष ध्यान दें। #si_भर्ती_2021_रद्द_करो
किम जोंग tweet media
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किम जोंग
किम जोंग@kim_jong07·
भूराराम 🕊️ ने एक बार बोला था “ठरको फूँफा रो” अब रो फूँफा को। #si_भर्ती_2021_रद्द_करो
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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
अजीज मित्र, बड़े भाई @rahul1993dhaka जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 💐❤️ भगवान श्री केशव आपको जीवन में उत्तरोत्तर प्रगति, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे 🙏🏻 @sushilakajla2
Sushila kajla@sushilakajla2

जन्मतिथि 🎈 🎂 मुबारक हो मेरे जीवनसाथी! आप मेरी सुबह की पहली किरण, शाम की आखिरी शांति और रात की सबसे सुंदर कहानी हो। साथ चलते-चलते हमने जो सफर तय किया है, वो सिर्फ़ दूरी नहीं, बल्कि दिलों की गहराई मापता है। आपके साथ हर पल सुकून है। आज आपकी जन्मतिथि पर दुआ है कि आपकी हर ख्वाहिश पूरी हो, हर सपना हकीकत बने, आप हमेशा मुस्कुराते रहें और हमारा ये सफर और भी खूबसूरत होता जाए। आप न सिर्फ़ मेरे हमसफ़र हो, बल्कि मेरी दुनिया हो। जितना प्यार आपको दे सकती हूँ, उससे कहीं ज़्यादा प्यार आप मुझमें भर देते हो। Happy Birthday My Love 💕 @rahul1993dhaka

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कुनाल भटनागर
कहा था कि मामला पूछताछ तक सीमित नहीं रहेगा। बात निकली है तो दूर तलक जाएगी l
कुनाल भटनागर@Kunal_Alwar

शिव सिंह राठौड़ को SOG ने पूछताछ के लिए बुलाया है। मामला पूछताछ तक सीमित ना रह कर थोड़ा आगे भी बढ़ सकता है।

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Hansraj Meena
Hansraj Meena@h_rajmeena·
फर्जी यूनियन का फर्जी सरदार अब X पर ट्रेंड नहीं करायेगा क्या? सत्तू दलाल अब छुपकर कहाँ बैठा है? @DevShar777 @rao_satyendra #RPSC
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किम जोंग
किम जोंग@kim_jong07·
भैराराम जी इस मामले को उठाओ, विनोद रेवाड़ ने बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। भूगोल का पेपर गली-गली बिका है, आप तो बेरोजगारों के हमदर्दी हो, ट्रेंड चलाओ #si_भर्ती_2021_रद्द_करो
किम जोंग tweet media
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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
भूगोल व्याख्याता भर्ती परीक्षा का पेपर शेर सिंह मीणा ने सुरेश ढाका से लिया था। कर्मों का हिसाब होगा, व्याख्याता जी नहीं बच पाएंगे अगर सब सही रहा तो 👏 @AmitYaddav @Garima37747 @langdaAam__ @HansrajGurjarR @maanankit98
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Amit Yadav 🇮🇳
Amit Yadav 🇮🇳@AmitYaddav·
सुरेश ढाका जब गिरफ्तार होगा! तो सोचो क्या होगा?
Amit Yadav 🇮🇳 tweet media
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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
जोरदार 👏💐🔥
MP Saharan@manphoolsaran7

देखिए मैडम मैं आपको जानता नहीं आपका ट्विटर पर भी अकाउंट पहली बार सामने आया है लेकिन आपने हनुमान बेनीवाल जी के काफिले का वीडियो लगाकर लिखा है तो आप भी जवाब पढ़ लीजिए - स्थानीय नेता शब्द इस्तेमाल करने से पहले आपको ये समझ लेना चाहिए कि @hanumanbeniwal कोई मोहल्ले के पार्षद नहीं, बल्कि एक क्षेत्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनके समर्थन में राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर का युवा स्वतः जुड़ता है। ये भीड़ किराए की नहीं, विचारों से जुड़ी हुई है। जहाँ तक काफिले की बात है, लोकतंत्र में जनता अपने नेता के साथ चलती है, उसे भौकाल कहना लाखों समर्थकों के आत्मसम्मान का अपमान है। जो नेता किसानों, युवाओं और गरीबों की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ता है, उसके पीछे लोग अपनी इच्छा से चलते हैं, किसी आदेश से नहीं। और संसाधनों की चिंता आपको सिर्फ विपक्ष के काफिलों में ही दिखती है क्या ? सत्ता पक्ष के हेलीकॉप्टर, करोड़ों के रोड शो और सरकारी तामझाम पर कभी इतनी पीड़ा नहीं दिखी। पत्रकारिता सवाल पूछने का अधिकार देती है, लेकिन पूर्वाग्रह फैलाने का नहीं।

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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
@kim_jong07 @rao_satyendra बहुत हो गया किम जोंग तुम्हारा 🤫 तुम रद्दी गैंग वाले मेरे सत्तू भाई के परिवार की नौकरी खा गए, मानता हूं कि अधिकतर चयनित ट्रेनी SI फर्जी थे लेकिन हमारा हक नहीं मारना था तुम्हे ☹️
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किम जोंग
किम जोंग@kim_jong07·
@rao_satyendra सुतियापा छोड़ दे Gnfmre जब पेपर 35 दिन पहले लीक हो गया था ओपन डोमेन में चला गया तो क्या गारंटी 2500 तक गया है या 25000 तक। तेरे भाई भुजाई को दुबारा परीक्षा देनी पड़ेगी
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Satyendra Rao
Satyendra Rao@rao_satyendra·
जिसके पांव की बिवाई फटती हैं दर्द का एहसास उससे ही होता हैं। न्याय यही था, दोषियों को गिरफ्तार करते है और 2500 लोगों की जांच करते जो वेटिंग लिस्ट और मेरिट में थे। दोषियों को बहार करते और निर्दोष चयनित और वेटिंग वालों को नौकरी पर रखते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने न्याय की बजाय आसान रास्ता को चुना, और सच्चाई शोर गुल में कही दफन हो गईं।
Dinesh Bohra@dineshbohrabmr

सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पूरा प्रकरण केवल एक भर्ती निरस्त होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक विफलता, राजनीतिक देरी, व्यवस्था में समन्वय के अभाव और युवाओं के टूटते विश्वास का बड़ा उदाहरण बन गया है। इसमें कुछ युवाओं को न्याय मिला है, तो कुछ को अपने साथ अन्याय महसूस हो रहा है। राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा आखिरकार निरस्त कर दी गई। इस फैसले के बाद स्वाभाविक रूप से समाज और अभ्यर्थियों के बीच दो स्पष्ट पक्ष सामने आए हैं। पहला पक्ष उन हजारों बेरोजगार युवाओं का है, जो लंबे समय से इस भर्ती में पेपर लीक और धांधली के आरोपों को उठाते रहे। उनके लिए यह निर्णय न्याय की जीत और व्यवस्था में विश्वास की पुनर्स्थापना जैसा है। उनका मानना है कि जब भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता ही संदिग्ध हो जाए, तब उसे जारी रखना ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता। दूसरी ओर एक ऐसा पक्ष भी है, जिसकी संख्या भले कम हो, लेकिन उसकी पीड़ा भी कम नहीं है। ये वे अभ्यर्थी हैं जो स्वयं को पारदर्शी और ईमानदार तरीके से चयनित मानते हैं। उनका सवाल है कि यदि कुछ लोगों ने गलत तरीके अपनाए, तो पूरे चयन को क्यों रद्द किया गया? उनका तर्क है कि “गेहूं के साथ घुन क्यों पीसा जाए?” और इसी कारण उन्हें यह फैसला अपने साथ अन्याय प्रतीत होता है। यदि इस पूरे प्रकरण की तह में जाएं तो सबसे पहला दायित्व तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार पर आता है, जिसके कार्यकाल में यह भर्ती आयोजित हुई और पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। जब सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसओजी जैसी संस्थाएं यह स्वीकार कर चुकी हैं कि भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, तब यह स्पष्ट है कि उस समय की सरकार व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी रखने में विफल रही। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि उस दौर की सरकार इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी जिम्मेदार पक्षों में से एक है। इसके बाद वर्तमान सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भूमिका भी सवालों के घेरे में रही। भर्ती को निरस्त करने में ढाई वर्ष से अधिक का समय लग गया। इस दौरान मुख्यमंत्री, किरोड़ीलाल मीणा, एसओजी अधिकारियों, न्यायालयों और मंत्रिमंडलीय समिति के बीच जिस स्तर का समन्वय होना चाहिए था, उसका अभाव लगातार दिखाई दिया। निर्णय लगातार टलता रहा, मामले को लंबा खींचा जाता रहा और इसी देरी ने अभ्यर्थियों की पीड़ा को कई गुना बढ़ा दिया। जब नई सरकार बनी थी, तब यह धारणा थी कि इस भर्ती पर शीघ्र निर्णय होगा और यदि अनियमितताएं सिद्ध होती हैं तो भर्ती जल्द निरस्त कर दी जाएगी। यदि उसी समय स्पष्ट और निर्णायक फैसला ले लिया जाता, तो आज जिन अभ्यर्थियों को वर्षों बाद बाहर होना पड़ा, उनकी पीड़ा शायद इतनी गहरी नहीं होती। समय बीतने के साथ कई चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी की उम्मीदों, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य की योजनाओं को इस भर्ती से जोड़ लिया था। ऐसे में देर से लिया गया निर्णय उनके लिए मानसिक और भावनात्मक आघात बन गया। हालांकि न्यायालय की उस टिप्पणी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जिसमें कहा गया कि यदि पानी के गिलास में जहर की दो बूंदें मिल जाएं, तो उन्हें अलग करना संभव नहीं होता; ऐसे में पूरा गिलास फेंकना ही एकमात्र विकल्प बचता है। इसी सिद्धांत को आधार बनाकर अदालत ने माना कि जब पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाए, तब केवल कुछ लोगों को अलग कर निष्पक्षता सुनिश्चित करना व्यावहारिक नहीं रह जाता। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि ऐसी परिस्थितियां पैदा ही क्यों हुईं, जहां लाखों युवाओं का भविष्य वर्षों तक अनिश्चितता में झूलता रहा।

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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
अब माफी से कुछ नहीं होगा, SI भर्ती तो तुमने रद्द करवा दी, अब तुम भूगोल व्याख्याता भर्ती में चयनित हमारे भाइयों के पीछे पड़े हो, आखिर चाहते क्या हो तुम लोग ☹️☹️..??
लँगड़ा आम 🥭@langdaAam__

@DevShar777 @rao_satyendra सत्तू ब्रो सॉरी 🫤

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Dev Sharma
Dev Sharma@DevShar777·
@langdaAam__ तुम्हे कभी हम माफ नहीं करेंगे 🥴
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कुनाल भटनागर
क्या व्याख्याता पेपर लीक मामले में RPSC का एक और सदस्य SOG के रडार पर ? स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कल SOG ने कृषि विज्ञान व्याख्याता भर्ती परीक्षा में बाबूलाल से जुड़े पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी डामोर के लिए शेर सिंह ने भूगोल विषय के पेपर की व्यवस्था करवाई थी। अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यही खड़ा हो रहा है कि — RPSC में आखिर भूगोल विषय का पेपर तैयार कराने और उसकी जिम्मेदारी किस सदस्य या अधिकारी के पास थी ? जानकार सूत्रों के अनुसार SOG अब इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या बाबूलाल की तरह ही किसी अंदरूनी स्तर पर पेपर पहले से आउट या “सेट” किया गया था ? क्योंकि बिना अंदरूनी मिलीभगत के परीक्षा से पहले विषयवार सॉल्व पेपर और चयन की पूरी सेटिंग संभव होना अपने आप में बड़ा सवाल है। सूत्रों की मानें तो SOG की जांच अब केवल दलालों और अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पेपर निर्माण और गोपनीय प्रक्रिया से जुड़े लोगों तक भी पहुंच रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आने और पूछताछ के बाद नई गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि जांच में यह साबित होता है कि पेपर निर्माण प्रक्रिया से जुड़े स्तर पर ही गोपनीयता भंग हुई, तो यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि पूरे भर्ती तंत्र की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा सवाल होगा।
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