Devmani Pandey

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@DevmaniPandey5

Poet, Writer. Lyricist for the film 'Haasil', 'Pinjar', 'Kaha ho tum' etc. Four poetry books. संस्मरण : सिने गीतकार एवं सिने जगत के शब्द शिल्पी)

Mumbai India Katılım Mart 2016
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
youtu.be/rOxuC9QnkSw?si… गीत : देवमणि पांडेय संगीत : सिद्धार्थ कश्यप गायक : मो. इरफ़ान
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काव्यरस@Kavya_Ras·
इस जहाँ मे प्यार महके ज़िंदगी बाक़ी रहे ये दुआ माँगो दिलों मे रोशनी बाक़ी रहे * हुशियारी और चालाकी में डूब गई है ये दुनिया फिरभी सारा ज्ञान छपा है बच्चों की नादानी में ~देवमणि पांडेय✍️ कृतियां:दिल की बातें,खुशबू की लकीरे,अपना तो मिले कोई,कहाँ मंज़िलें कहाँ ठिकाना आदि #जन्मदिन🎂
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काव्यरस@Kavya_Ras·
कभी तो अब्र बनकर झूमकर निकलो कहीं बरसो हरिक मौसम में ये संजीदगी अच्छी नहीं लगती #देवमणि_पांडेय✍️ हरदिल अज़ीज शख्सियत,कवि,मंच संचालक,फ़िल्म गीतकार(फ़िल्म 'पिंजर' के गीत चरखा चलाती माँ को वर्ष 2003 के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत पुरस्कार),संपादक (संस्कृति संगम) #जन्मदिन🎂 @DevmaniPandey5
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Advik Publication Pvt. Ltd@AdvikPublicatio·
प्रसिद्ध गीतकार एवं ग़ज़लकार आदरणीय देवमणि पांडेय जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं ढेरों बधाइयाँ! !! 🎊🎂🌹 📞अन्य जानकारी के लिए : 9560397075 (काॅल या व्हाट्सअप मैसेज़ भी कर सकते हैं।) #Birthday #childhood #Kidsbooks #book #newbook #hindi #Sahitya #advikpublication
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काव्यरस@Kavya_Ras·
इक नूर मेरे ज़हन को पुरनूर कर गया मैं क्या कहूं किताबों-रिसालों से क्या मिला ~देवमणि पाण्डेय @DevmaniPandey5 #Noor #Zahen #Shair
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
बिछड़ते वक़्त लाज़िम है ज़रा सा मुस्करा देना तुम्हारी आंख में इतनी नमी अच्छी नहीं लगती कभी तो अब्र बनकर झूम कर निकलो कहीं बरसो कि हर मौसम में ये संजीदगी अच्छी नहीं लगती #देवमणि_पांडेय
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
ज़ख़्मी हुआ है सच का ही चेहरा कई दफ़ा चेहरे पे झूठ के तो ख़राशें नहीं मिलीं बस नाम ही सुना है मुहब्बत का दोस्तो! अब तक हमारी उससे निगाहें नहीं मिलीं ये क्यूं किसी की याद में तकिए भिगो लिए रोने के वास्ते हमें ये आंखें नहीं मिलीं ======= #देवमणि_पांडेय ======
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
ये दुनिया है यहां कब,कौन,किसका साथ देता है जो अपना है वो अश्कों की हमें सौग़ात देता है ये ख़ुशियां फेर लेती हैं निगाहें दो क़दम चलकर मगर ग़म तो हमारा ज़िदगी भर साथ देता है यही तो इश्क़ है साहिब कि जो पत्थर के सीने में कभी धड़कन, कभी नग़मा, कभी जज़्बात देता है #देवमणि_पांडेय
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साहिल पर जो खड़े हुए थे डूब गए हैरानी में मोती उसके हाथ लगे जो उतरा गहरे पानी में दुख औ ग़म के बीच ज़िंदगी कितनी प्यारी लगती है जैसे कोई फूल खिला हो कांटों की निगरानी में हुशियारी और चालाकी में डूब गई है ये दुनिया फिर भी सारा ज्ञान छुपा है बच्चों की नादानी में देवमणिपांडेय
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
कश्तियां मझधार में हैं नाख़ुदा कोई नहीं अपनी हिम्मत के अलावा आसरा कोई नहीं शोहरतों ने उस बुलंदी पर हमें पहुंचा दिया अब जहां से लौटने का रास्ता कोई नहीं जी रहे हैं किस तरह अब लोग अपनी ज़िदगी जैसे दुनिया में किसी से वास्ता कोई नहीं #देवमणि_पांडेय
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
आदमी पूरा हुआ तो देवता हो जाएगा ये ज़रूरी है कि उसमें कुछ कमी बाक़ी रहे ख़्वाब का सब्ज़ा उगेगा दिल के आँगन में ज़रूर शर्त है आँखों में अपनी कुछ नमी बाक़ी रहे दिल में मेरे पल रही है ये तमन्ना आज भी इक समंदर पी चुकूं और तिश्नगी बाक़ी रहे #देवमणि_पांडेय
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कश्तियां मझधार में हैं नाख़ुदा कोई नहीं अपनी हिम्मत के अलावा आसरा कोई नहीं शुहरतों ने उस बुलंदी पर हमें पहुंचा दिया अब जहां से लौटने का रास्ता कोई नहीं जी रहे हैं किस तरह अब लोग अपनी ज़िंदगी जैसे दुनिया में किसी से वास्ता कोई नहीं - देवमणि पांडेय
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लगता है जी रहे हैं जैसे किसी क़फ़स में इक पल भी ज़िंदगी का अपने नहीं है बस में परवाज़ कैसे देगा ख़्वाबों को अपने इंसां जब टूटती नहीं हैं उससे रिवाज़-ओ-रस्में सब कुछ तो मिल गया है फिर भी सुकूँ नहीं है क्या चीज़ खो गई है पाने की इस हवस में #देवमणि_पांडेय
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सफ़र में सभी हैं ख़बर है ये किसको कहाँ मंज़िलें हैं, ठिकाना किधर है उन्हीं को फ़क़त राह देती है दुनिया जिन्हें ये पता है कि जाना किधर है #देवमणि_पांडेय
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
कहां गई एहसास की ख़ुशबू, फ़ना हुए जज़्बात कहां हमभी वही हैं तुमभी वही हो लेकिन अबवो बात कहां ख़्वाबों की तस्वीरों में अब आओ भर लें रंग नया चांद, समंदर, कश्ती, हमतुम ये जलवे इकसाथ कहां इक चेहरे का अक्स सभी में ढूँढ रहा हूँ बरसों से लाखों चेहरे देखे लेकिन उस चेहरे-सी बात कहां
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इस जहाँ मे प्यार महके ज़िंदगी बाक़ी रहे ये दुआ माँगो दिलों मे रोशनी बाक़ी रहे आदमी पूरा हुआ तो देवता बन जाएगा ये ज़रूरी है कि उसमे कुछ कमी बाक़ी रहे ~देवमणि पांडेय✍️ मशहूर कवि,फिल्म गीतकार कृतियां:दिल की बातें,खुशबू की लकीरे,अपना तो मिले कोई,कहाँ मंज़िलें कहाँ ठिकाना #जन्मदिन🎂
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Manoj Muntashir Shukla
Manoj Muntashir Shukla@manojmuntashir·
मैंने ‘तेरी मिट्टी’ अच्छा ही लिखा था, लेकिन श्री शिव शर्मा का लिखा हुआ ये संस्कृत रूपांतरण, मेरे लिखे हुए से ज़्यादा अच्छा है, मैं स्वीकार करता हूँ! आप भी सुनिए, शेयर कीजिये और संस्कृत भाषा के गौरव को पुनर्जीवित करने में अपने हिस्से का योगदान दीजिये। 🙏 Recreated by :- @sanskrtagitani @ArkoPravo19 #terimitti #sanskrit #Keshri #manojmuntashir #ManojMuntashirShukla
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Devmani Pandey@DevmaniPandey5·
परिंदों की परवाज़ क़ायम रहे कई ख़्वाब शामिल उड़ानों में हैं ज़ुबां वाले भी काश समझें कभी वो दुख दर्द जो बेज़ुबानों में हैं #देवमणि_पांडेय
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