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supreme court of india || Rajasthan high court jaipur bench || jabalpur high court ||

Jaipur, India Katılım Nisan 2020
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“आईएएस अधिकारी Tina Dabi जी को मेरे गृह जिले का जिला कलेक्टर पदभार संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपसे अपेक्षा है कि आप संविधान की मूल भावना—न्याय, समानता और स्वतंत्रता—को सर्वोपरि रखते हुए जनहित में उत्कृष्ट कार्य करें। B. R. Ambedkar जी के विचार और सिद्धांत प्रशासन को सशक्त और न्यायपूर्ण दिशा देने की प्रेरणा देते हैं। आशा है आपका कार्यकाल समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करेगा।” #TinaDabi #IAS #DistrictCollector #PrideMoment #NewPosting #Congratulations #AdministrativePower #LadyOfficer #WomenInPower #IndianBureaucracy #BabasahebAmbedkar #JaiBhim #Samvidhan #EqualityForAll #SocialJustice #ConstitutionalValues #ViralPost #TrendingNow #Respect #Inspiration #indiavsnewzealand @AdvAashishSingh @Bahujansenaa @BhimArmyChief @chandan_stp @CloudX_2 @ErHansChanda @ashokdadhwal196 @BairwaDeepak93 @DrLaxman_Yadav @kuldeepdhanwai @garvirawat @hemangsethi @manishagandhii @Vijay_luffy943 @VijaySingh_law @vkjatav84 @settingnath @Nikhilchavdagj1 @Nikhil_Indian7
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टोंक जिले @TonkPolice_ साहब को और SHO दतवास को कही mail किये गए लेक़िन कोई कार्यवाही न कि जा रही आम आदमी गरीब आदमी के साथ कुछ भी हो जाए लेक़िन कोई राजस्थान पुलिस टोंक जिले दतवास पुलिस को कोई फर्क न पड़ता है जब पुलिस के मुखिया कोई कार्यवाही न करना न चाहते तो अब आखरी उम्मीद कोर्ट की बचती है और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ हर आदमी कोर्ट तक न जा पाता है न लेक़िन मजबूरन अब जाना पड़ेगा क्योंकि पुलिस कोई कार्यवाही न कर रही है और आरोपी लोग धमकियां जो दे रहे हैं @Bahujansenaa @chandan_stp @deepakdialogues @IgpAjmer @RajCMO
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp
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टोंक जिले में कानून व्यवस्था फेल — दतवास पुलिस पर गंभीर सवाल थाना दतवास, जिला टोंक के ग्राम भगवतपुरा में हुई जानलेवा घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। रात के समय अज्ञात बदमाश आते हैं एक निर्दोष व्यक्ति पर लाठी, सरिया व धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला करते हैं दोनों पैर तोड़ दिए जाते हैं, शरीर पर गंभीर चोटें दी जाती हैं मरणासन्न हालत में छोड़कर आरोपी फरार हो जाते हैं ❗ यह साफ तौर पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मामला है पुलिस की लापरवाही देखिए: घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस 1 घंटे देरी से मौके पर पहुंची पीड़ित को टोंक जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया MLC और मेडिकल रिपोर्ट भी आ चुकी है इसके बावजूद पुलिस ने इस गंभीर अपराध को सिर्फ साधारण धाराओं में दर्ज कर दिया 📄 FIR में लगाई गई धाराएँ: BNS 115(2) BNS 126(2) BNS 3(5) ⚖️ जबकि इस मामले में स्पष्ट रूप से बनती हैं: BNS 109 (हत्या का प्रयास) BNS 118/119 (खतरनाक हथियार से गंभीर चोट) पूरे गाँव में भारी आक्रोश लोग डरे हुए हैं कानून पर विश्वास डगमगा रहा है सवाल उठ रहा है — क्या अपराधियों को बचाया जा रहा है? प्रशासन से सीधी मांग: ✅ FIR में तुरंत BNS 109 जैसी कड़ी धाराएँ जोड़ी जाए ✅ लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो ✅ आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो ✅ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए स्थान: ग्राम भगवतपुरा, थाना दतवास, जिला टोंक #TonkPolice #SPTonk #DatwasThana #JusticeForVictim #BNS109 #RajasthanPolice #PoliceNegligence #LawAndOrder #ViralPost सेवा में, श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, जिला टोंक (राजस्थान) विषय: FIR क्रमांक 0050/2026 दिनांक 17/03/2026, थाना दतवास में गंभीर धाराएँ जोड़ने एवं पुलिस लापरवाही के संबंध में शिकायत महोदय, निवेदन है कि थाना दतवास, जिला टोंक के अंतर्गत ग्राम भगवतपुरा में दिनांक 17/03/2026 को एक अत्यंत गंभीर घटना घटित हुई, जिसमें अज्ञात बदमाशों द्वारा सीताराम मीणा पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने लाठी, सरिया एवं धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा मरणासन्न अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं एवं शरीर पर अनेक गहरी चोटें हैं। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, किंतु पुलिस लगभग 1 घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, जो कि गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसके पश्चात पीड़ित को जिला अस्पताल टोंक में भर्ती कराया गया, जहाँ MLC एवं अन्य चिकित्सीय रिपोर्ट तैयार की गई हैं। परंतु अत्यंत खेद का विषय है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद थाना दतवास द्वारा FIR क्रमांक 0050/2026 में केवल साधारण धाराएँ ही लगाई गई हैं, जो कि न्याय के साथ अन्याय है। वर्तमान में दर्ज धाराएँ: BNS 115(2) BNS 126(2) BNS 3(5) जबकि प्रकरण की प्रकृति के अनुसार निम्न गंभीर धाराएँ बनती हैं: BNS 109 (हत्या का प्रयास) BNS 118/119 (खतरनाक हथियार से गंभीर चोट) अतः आपसे निवेदन है कि: उक्त FIR क्रमांक 0050/2026 में तुरंत BNS 109 एवं अन्य उपयुक्त गंभीर धाराएँ जोड़ी जाएं। घटना में शामिल अज्ञात आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाए। पीड़ित को उचित सुरक्षा एवं चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। आपसे निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें, जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके एवं आमजन का कानून पर विश्वास बना रहे। @TonkPolice_ @TonkPolice_ @RajCMO @RajPoliceHelp @PoliceRajasthan @RajGovOfficial @News18Rajasthan @BhajanlalBjp @DrKirodilalBJP @hanumanbeniwal @KotwalMeena @ManrajM7 @manishagandhii @Bahujansenaa @BhimArmyChief @manishagandhii @vannumeena0 @Vijay_luffy943 @VijaySingh_law @vkjatav84 @Voiceofpavan @garvirawat @priti134 @settingnath @AdvAashishSingh @nidhiambedkar @Nikhil_Indian7 @Nikhilchavdagj1 @vkjatav84 @CloudX_2 @chandan_stp

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इतना बड़ा अपराध होने के बाद भी पुलिस कोई कार्यवाही न कर पा रही है सोचो क़ानून वेवस्ता राजस्थान पुलिस का यह हाल है बड़ी बड़ी बातें खूब करती है राजस्थान पुलिस लेक़िन अपराध और अपराधियों पर कार्यवाही के नाम पर केवल लीपा पोती करती है यह साल सामने आया सबसे बड़ी बात आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं social media पर धमकियां और दे रहे है SHO और SP सह को mail करके कही बार शिकायत दे चुके लेक़िन जू तक न रेकी sp साहब को न SHO साहब को तो यह क्या हाल बना रखा है क़ानून वेवस्ता का @IgpAjmer @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @DcpJaipurEast @DCDMTonk @RajCMO @AdvAashishSingh @KotwalMeena @LakhanmeenaIND @LakhanmeenaIND @ManrajM7 @Bahujansenaa @BairwaDeepak93 @BHEEM_BAUDH @BhimArmyChief @hemangsethi @settingnath @Vijay_luffy943 @vkjatav84 @VijaySingh_law @chandan_stp @CloudX_2 @NCMIndiaa
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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Priti Pandey
Priti Pandey@pande91668·
झांसी में एक महिला ने पति के दोस्त लेखपाल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया महिला का कहना है पति ने भी दोस्त का साथ दिया। झांसी के थाना सीपरी बाजार की यह घटना है, जहां अपनी ही पत्नी को दोस्त के हाथ सौंप दिया । दोस्त ने महिला को कुछ नशीला पदार्थ खिला कर दुष्कर्म किया और सुबह होते ही भाग गया। पीड़िता ने बताया कि साल 2023 में उसके पहले पति की मृत्यु हो गई थी, उसके बाद इस युवक से मुलाकात हुई थी। 5 नवंबर 2024 को इस युवक के साथ विवाह कर ली और ससुराल में रहने लगी। महिला के अनुसार शादी के बाद ही उसके पति का दोस्त उसके घर पर आने जाने लगा। पति के मौजूदगी में ही आता जाता था, इसकी वजह से महिला को कभी शक भी नहीं हुआ क्योंकि दोनों दोस्त थे। एक दिन रात को उसके पति और दोस्त शराब पीकर घर आए दोनों नशे में थे। महिला को कोई नशीला पदार्थ खिला दिया महिला अचेत हो गई होश आने पर उसे पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। जब महिला ने विरोध किया और चीख पुकार की तो उसके ही पति ने जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़िता को घर से निकाल दिया तब पीड़िता झांसी थाने पहुंची और पूरा मामला बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई । भारतीय कानून में दुष्कर्म एक गंभीर अपराध है,पति और उसके दोस्त पर उचित कार्यवाही होनी चाहिए। इस पर आप लोगो की क्या राय है, जरूर बताएं...!!
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Journalist Fatima ✍️
Journalist Fatima ✍️@mahsharfatima86·
बॉलीवुड एक्टर जहान्वी कपूर ने राज सामनी पॉडकास्ट में अपना दर्द बयान किया!! उन्होंने कहा कि उनकी फोटो एडल्ट साइट पर थी, " ये बात स्कूल के दिनों में उनको पता चली,।।। जब उनके फ्रेंड्स साइट देख रहे थे, ,"लोग मुझ पर हंस रहे थे", मेरा मजाक बनाया गया !! ...... किसी ने मेरा डीप फेक फोटो एडल्ट साइट पर डाल दिया था । मैं बहुत परेशान हो गई थी, और डिप्रेशन में चली गई थी उन्होंने कहा लोग मुझे एक बिगड़ी हुई लड़की, पार्टी गर्ल और बोल्ड देखते हैं, वह मेरे बारे में गलत सोचते हैं मैं ऐसी नहीं हूं !!
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HANUMAN BENIWAL
HANUMAN BENIWAL@hanumanbeniwal·
कल भिवाड़ी में तिजारा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे श्री इमरान खान के परिवार में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ | मान - सम्मान देने के लिए इमरान भाई और उनके परिजनों का धन्यवाद |
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Congress
Congress@INCIndia·
हिमंता बिस्वा सरमा रात को सो नहीं पाते हैं, क्योंकि वो जानते हैं कांग्रेस के 'बब्बर शेर' उन्हें जेल में डालने जा रहे हैं। वो हाथ जोड़ेंगे असम की जनता से माफी मांगेंगे, लेकिन अब माफी का कोई मतलब नहीं है, उन पर कानूनी कार्रवाई जरूर होगी। हिमंता बिस्वा सरमा को जितना कूदना-फांदना है, वो अभी कर लें- क्योंकि हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। : नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi 📍 असम
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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मुसद्दीलाल
एक अमेरिकी नागरिक को बचाने के लिए अमेरिका ने हजारों करोड़ का नुक़सान कर लिया, यह होती है एक देश के लिए अपने नागरिक की क़ीमत, अब अपनी सरकार से अपनी क़ीमत का अंदाजा मत लगा लेना वरना शॉक लग जाएगा
मुसद्दीलाल tweet media
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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Chitra Pandit
Chitra Pandit@Chitra_speak·
मैं राजपूत हूँ, मेरा बॉयफ्रेंड मुस्लिम, ये हमारा इतिहास है। तृषा ठाकुर और शाहिल ख़ान को कई दिन से धमकियाँ मिल रही थीं। तृष्णा ने वीडियो में साफ़ साफ़ बोला- मुझे राजपूत होने पर गर्व है, मेरी ज़िंदगी है और मैं बालिक हूँ। मेरा बॉयफ्रेंड है मैं उसके साथ सोती हूँ, खाती हूँ, पीती हूँ। इसमें समाज को क्या दिक्कत। कृपया हिंदू-मुस्लिम ना करे और जो लोग संस्कार की बात कर रहें हैं जाके इतिहास उठा कर देख लोगों हम राजपूतों का, फिर सवाल करना।
Chitra Pandit tweet mediaChitra Pandit tweet media
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world update hindi
world update hindi@middle_East_up·
बड़ी खबर,🚨🇺🇲 अपने इस्तीफे की घोषणा के एक घंटे बाद, अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा: "एक पागल व्यक्ति महान अमेरिकी सेना को विनाश की ओर ले जाने वाला है।" क्या आप चीफ ऑफ स्टाफ की बातों से सहमत हैं?
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DINESH K SEN
DINESH K SEN@dks_230·
माधुरी दीक्षित जब अमेरिका से भारत में शिफ्ट हुई तो बच्चों का एडमिशन कराया अमेरिका में रहते बच्चों को मां के अतीत के बारे में जरा भी पता न था बच्चे जब मुंबई के स्कूल गए..कुछ छात्र आकर ऑटोग्राफ मांगने लगे..बच्चे अचंभित..उन्होंने घर आकर पूछा मम्मी, क्या आप स्टार हो?...load text
DINESH K SEN tweet mediaDINESH K SEN tweet media
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Sanjay Singh AAP
Sanjay Singh AAP@SanjayAzadSln·
पहुँच गये नफ़रत फैलाने शर्म आती ऐसा नफ़रती व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री है। मोदी जी आपने कहा “केरला फाइल्स देखो कश्मीर फाइल्स देखो” जब हमने कहा “एपस्टीनफाइल्स” देखो तो आप बुरा क्यों मान गये।
News24@news24tvchannel

"केरला फाइल्स और धुरंधर जैसी फिल्में आईं तो बोले झूठ हैं" ◆ केरलम में रैली पर बोले PM मोदी ◆ "गोवा में UCC दशकों से है... यहां UCC के लिए झूठ फैला रहे हैं"- PM मोदी @narendramodi | #Keralam | #UCC | #dhurandhar | #Goa | #KeralamElections2026 | #PMModi

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Amit Singh
Amit Singh@PAmit_singhspr·
चार दोस्तों ने पहले एक लड़की का बर्थडे मनाया और फिर वो खेल जिसके लिए शायद ही कोई लड़की तैयार हो सके... बियर शराब और एक पार्टी को एंजॉय करने की जरूरी खाने पीने का सभी सामान उस कमरे में मौजूद था... पहले शराब पार्टी हुई, फिर केक काटा गया और केक को लड़की के चेहरे पर लगाया, फिर सभी चारों लड़कों ने केक के बहाने लड़की के चेहरे को चाटकर...See More
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Manish Sisodia
Manish Sisodia@msisodia·
एक अटेंशन के भूखे, अहंकारी और नेता की सत्ता की हवस का असर सिर्फ़ सोशल मीडिया पर नहीं दिख रहा, इस देश के घर-घर में, परिवारों के जीवन पर, लोगों की मानसिक दशा और आर्थिक भविष्य पर दिख रहा है। आज LPG संकट की वजह से बच्चों का भविष्य संकट में आ रहा है। भगवान प्रधानमंत्री मोदी जी को सद्बुद्धि दें, और वो अपनी इमेज के पिंजरे से बाहर आ पाएं, यही प्रार्थना है। 🙏🏻
The Wire हिंदी@thewirehindi

इलाहाबाद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र रसोई गैस की किल्लत और महंगाई से जूझ रहे हैं. भोजन जैसी बुनियादी ज़रूरत संकट में है, जिससे उनकी पढ़ाई, मानसिक स्थिति और भविष्य पर गहरा असर पड़ रहा है. | रूपम मिश्र✍️ पूरी रिपोर्ट: thewirehindi.com/325672/uttar-p…

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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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Kikki Singh
Kikki Singh@singh_kikki·
2018 में विनीता की शादी हुई थी. रिश्ता सही नहीं चला और 7 साल बाद हाल ही में ऑफीशियली तलाक हो गया. विनीता के माता-पिता ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोर्ट परिसर में ढोल, डांस और मिठाइयों के साथ इसका जश्न मनाया वहां मौजूद लोग "आई लव माय डॉटर, माय हार्ट माय सोल" प्रिंटेड टी-शर्ट पहने हुए दिखे क्या नौटंकी चल रही है आजकल
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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Sanjay Singh AAP
Sanjay Singh AAP@SanjayAzadSln·
आज ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का तीसरा दिन है और इसमें हम युवाओं को रोजगार देने और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। मेरा आप सभी से निवेदन है कि इस यात्रा का हिस्सा बनिए और बेरोजगारी के ख़िलाफ़ इस लड़ाई में अपना योगदान दीजिए। इस पदयात्रा से जुड़ने के लिए मिस्ड काॅल कीजिये- 7500040004 #रोजगार_दो_सामाजिक_न्याय_दो
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Ritika
Ritika@Ritika_r8·
लगता है भाई ने खुद अपने हाथ से किस्मत लिखी है 🤩 इतनी सुंदर बीवी के लिए कितने सोमवार का व्रत किया होगा.?
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VINIT( यदुवंश )
VINIT( यदुवंश )@VinitYaduvnsh·
फोटो खींचना कोई मेरी रानी बिटिया से सीखे भांजी ❤️
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Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
अरविंद केजरीवाल को कोई नही जानता था. Anna Hazaare नाम सामाजिक कार्यकर्ता के कंधे पर चढ़कर अरविंद केजरीवाल ने लोकप्रियता हासिल की. Anna Andolan और Manuwadi Media के 24×7 कवरेज ने अरविंद केजरीवाल को पैराशूट के जरिए राजनीति में उतारकर स्थापित कर दिया. अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई, सारे बड़े पदों पर UPPER CASTE के नेताओं को बिठा दिया. SC ST का वोट हासिल करने के लिए, SC-ST छात्रों को विदेशों में पढ़ाई के लिए SC ST स्कॉलरशिप योजना शुरू की. इस योजना में SC-ST छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा था. ढोल बजा बजा कर इस योजना का PR किया गया. लेकिन हैरान करने वाली बात है, 2019-20 में केवल 1 SC छात्रों को स्कॉलरशिप मिली. 2020-21 में भी केवल 1 SC छात्रों को लाभ मिला. इतनी बड़ी योजना में केवल 4-5 स्टूडेंट्स को ही लाभ क्यों. 25 लाख इस योजना पर खर्च हुआ, और 5 करोड़ इस योजना के PR पर. यह है केजरीवाल मॉडल. इतने में ही समझ गए या पूरी किताब लिखूं ?
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
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टोंक जिले के थाना दतवास का मामला — कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजस्थान के टोंक जिले के थाना दतवास क्षेत्र में 17 मार्च 2026 की रात एक ऐसा जानलेवा हमला हुआ, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात के समय पीड़ित पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया—हमलावरों की नीयत साफ थी, वे जान लेने के इरादे से आए थे। घटना के तुरंत बाद 112 पर कॉल किया गया, लेकिन पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध नजर आई। पीड़ित को पुलिस द्वारा स्वयं अस्पताल ले जाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना उचित मेडिकल परीक्षण (MLC) के ही FIR दर्ज कर दी गई—जो किसी भी गंभीर अपराध में एक असामान्य और चिंताजनक प्रक्रिया है। बाद में जब पीड़ित अस्पताल से डिस्चार्ज होकर आया, तब देरी से MLC कराई गई। इस देरी ने न केवल साक्ष्यों को कमजोर किया बल्कि पूरे मामले की गंभीरता को भी कम करके दिखाने की कोशिश की गई। नतीजा यह हुआ कि जिस अपराध में हत्या के प्रयास जैसी धाराएं लगनी चाहिए थीं, उसमें हल्की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आज घटना को 19 दिन हो चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर पीड़ित पक्ष को धमकियां दे रहे हैं। यह स्थिति केवल कानून के डर के खत्म होने का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली तत्वों—जैसे बजरी माफिया—का दबाव जांच को प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पीड़ित के पास स्पष्ट साक्ष्य, गंभीर चोटें और समय पर दी गई सूचना मौजूद है, तो आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है, या फिर किसी दबाव में काम कर रही है? अब समय है कि उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें। पहली MLC के आधार पर उचित धाराएं (Attempt to Murder) जोड़ी जाएं जांच अधिकारी (IO) को तुरंत बदलकर वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जाए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए यदि ऐसे मामलों में भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह केवल एक पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होगा—यह पूरे समाज के न्याय व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर करेगा। स्थान: थाना दतवास, जिला टोंक (राजस्थान) #JusticeForVictim #TonkPolice #RajasthanPolice #LawAndOrder #StopCrime #ArrestAccused #PoliceAccountability #HumanRights @PoliceRajasthan @TonkPolice_ @SPTonk @IgRajasthan @DGP_Rajasthan @IgpAjmer @TonkPolice_ @DCDMTonk @RajCMO @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp

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निधि अम्बेडकर
RCB को एक ट्रॉफी जीतने में 17 साल लगा गया, लेकिन RCB का फैन फॉलोइंग कभी कम नहीं हुआ..! वही CSK के पास 5-5 ट्रॉफी हैं 2 सीज़न से फ्लॉप चल रहा है, मतलब पीछे से 1 नंबर रह रहा है, तो पता नहीं उसके अंधभक्त कहा विलुप्त हो गए..! बस यही फर्क है थाला और किंग कोहली में...❣️
निधि अम्बेडकर tweet mediaनिधि अम्बेडकर tweet media
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