
पुल क्यों गिर रहे इसका सबसे बड़ा कारण जानें 👇 @UPGovt उत्तर प्रदेश सेतु निगम में योग्य इंजीनियर ही नहीं है सहायक अभियंता की डायरेक्ट भर्ती कोटे की लगभग सभी पद खाली हैं। आपको पता दे यूपी में इंजीनियरिंग भर्ती 2 तरह से होती है सहायक अभियंता की 50% पद पर सीधी भर्ती जूनियर इंजीनियर के 95% पद पर सीधी भर्ती सहायक अभियंता से मुख्य अभियंता तक के 50% पद जूनियर इंजीनियर से भरे जाते हैं। जो कि पहले डिप्लोमा और डिग्री धारक दोनों होते थें लेकिन डिप्लोमा संघ ने किसी तरह जूनियर इंजीनियर पद से डिग्री धारकों को बाहर करवा दिया। इससे हुआ ये कि बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियर प्रमोट होकर AE exen SE CE बन रहे जिसके वो योग्य नहीं है। नतीजा ये हुआ कि पुल सड़क टंकी सब गिर रहे। जो 50% प्रमोशन के पद इसलिए छोड़े गए थे ताकि डिग्री धारक भी जेई पद से आए। लेकिन सरकार की उदासीनता या मिली भगत से डिग्री वाले जेई पद से बाहर कर दिए गये। जिससे इंजीनियरिंग विभागों के 50% प्रतिशत इंजीनियर अयोग्य हो गये। बाकी नतीजा आप देख रहे।









