Govind Singh ओरिया
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Govind Singh ओरिया
@Govindsingh1015
💯%FB,आरक्षण जाति को नहीं जरुरतमंद को मिलें, Nation lover, Nation first, Engineer in VLSI Design by Degree and Manager by Profession.
माउंट आबू, India Katılım Mart 2013
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🔹सामान्य उपयोग की दवाइयाँ , इसके नाम और उपयोग हम सभी को पता होना चाहिए इसे सेव कर लें और दूसरों तक शेयर करे
@thebrainyogi
1.पैरासिटामोल → बुखार, हल्का-मध्यम दर्द
2.इबुप्रोफेन → दांत दर्द, बदन दर्द, सूजन
3.सेटिरिज़िन → एलर्जी, छींक, नाक बहना
4.लोराटाडिन → एलर्जी (कम नींद लाने वाली)
5.ओमेप्राज़ोल / पैंटोप्राज़ोल → एसिडिटी, सीने में जलन
6.फेमोटिडीन → हल्की एसिडिटी
7.डोमपेरिडोन → उल्टी, जी मिचलाना
8.ओआरएस (ORS घोल) → दस्त, डिहाइड्रेशन
9.एमोक्सिसिलिन → बैक्टीरियल संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
10.एज़िथ्रोमाइसिन → गला/फेफड़े का संक्रमण (डॉक्टर की सलाह से)
11.मेट्रोनिडाज़ोल → पेट के संक्रमण, अमीबायसिस
12.साल्बुटामोल इनहेलर → अस्थमा में सांस फूलना
13.मोंटेलुकास्ट → एलर्जी, अस्थमा
14.मेटफॉर्मिन → टाइप-2 डायबिटीज
15.एम्लोडिपिन → हाई BP
16.लोसार्टन → हाई BP, किडनी सुरक्षा
17.एटोरवास्टेटिन → कोलेस्ट्रॉल
18.एस्पिरिन (लो डोज) → हार्ट अटैक से बचाव (डॉक्टर की सलाह से)
19.लेवोथायरॉक्सिन → थायरॉइड हार्मोन की कमी
20.गैबापेंटिन → नसों का दर्द (Neuropathic pain)
21.प्रेडनिसोलोन → सूजन, एलर्जी, ऑटोइम्यून रोग
22.फ्यूरोसेमाइड → शरीर में सूजन (एडिमा), हार्ट/किडनी समस्या
23.क्लोपिडोग्रेल → रक्त के थक्के से बचाव (ब्लड थिनर)
24.एनालाप्रिल / रामिप्रिल → हाई BP, हार्ट प्रोटेक्शन
25.इंसुलिन → डायबिटीज (विशेषकर टाइप-1 या अनियंत्रित शुगर)
⚠️ जरूरी सावधानियाँ
•एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड हमेशा डॉक्टर की सलाह से लें
•BP, शुगर, थायरॉइड की दवाएँ नियमित जांच के साथ लें
•दर्द की दवा खाली पेट न लें
•गर्भावस्था, बच्चों और बुजुर्गों में स्वयं दवा न लें
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5 दिन में मेरा निष्कर्ष:
BJP समर्थकों के पास 👇
🎯 दो सिलैंडर भरे पड़े हैं, दो पड़ोसी के भी भरे हुए हैं।
🎯 सबके घर में इंडक्शन, ओवन, टोस्टर और एयर फ्रायर हैं।
🎯 बुक करने पर अगले दिन मिल रहा है सिलैंडर।
कॉन्ग्रेस समर्थकों के पास 👇
🎯 दस बच्चों का परिवार के पास एक ही सिलैंडर है वो भी खाली।
🎯 दूसरा सिलैंडर चाचा जी ले गए उनके भी 10 बच्चे हैं।
🎯 सिलैंडर बुक नहीं कर पा रहे, ब्लैक में ₹4000 से ले कर ₹10000 देने पड़ रहे हैं।
🎯 गैस के अलावा एपस्टीन और इजराइल से अधिक दुखी हैं।
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कर्नाटक सरकार द्वारा अली खामेनेई की मृत्यु पर राजकीय शोक घोषित करना एक अत्यंत गंभीर और राजनीतिक अपराध है। एक भारतीय राज्य की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता और राष्ट्रीय हित होनी चाहिए, न कि किसी विदेशी धार्मिक-राजनीतिक व्यक्ति के प्रति राजकीय शोक। यह साधारण प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि स्पष्ट राजनीतिक संदेश है, जो घोर तुष्टीकरण है।
यदि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, तो क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इसकी जानकारी नहीं है? या उनकी सहमति से यह कदम उठाया गया? यह प्रश्न स्वाभाविक और वैध है। राष्ट्रीय राजनीति करने वाले नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी प्राथमिकता क्या है।
दूसरी ओर, यदि देश के अन्य हिस्सों में सरकारी संपत्ति जलाई जा रही है, तो यह सीधा-सीधा आपराधिक कृत्य है—यह विरोध नहीं, कानून को खुली चुनौती है। ऐसे तत्वों पर तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट-ट्रैक सुनवाई और संपत्ति की भरपाई की वसूली अनिवार्य है।
#everyoneactive
मुनेंद्र त्रिपाठी ✍️✍️✍️

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कारगिल युद्ध के समय चोटी पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को सप्लाई देने के लिए पाकिस्तान ने चार विशाल सप्लाई कैंप बना रखे थे
और वह कैंप उन सैनिकों को गोला बारूद से लेकर खाना पीना सप्लाई करते थे और वह सप्लाई कैंप के आसपास कई मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम बनाए गए थे
भारत के लिए इन सप्लाई कैंप को नष्ट करना जरूरी था लेकिन जैसे ही भारत का कोई विमान इन पर बम गिराने के लिए जाता था उसके पहले ही मेड इन अमेरिका की स्ट्रिंगर मिसाइल या कोई अन्य मिसाइल उसे विमान को गिरा देती थी
आप लोगों को विंग कमांडर नचिकेता याद होंगे जिनके विमान को पाकिस्तान ने नष्ट कर लिया था और आठ दिन तक युद्ध बंदी बना दिया था
भारत को अपने कुल आठ विमान खोने पड़े और भारतीय सेना ने कह दिया कि जब तक हम इन रसद और हथियार सप्लाई डिपो को नष्ट नहीं करेंगे तब तक हम चोटियों पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को अलग-अलग नहीं कर सकते
लेकिन उस समय भारत के पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं थी जिसके द्वारा भारत ने नष्ट कर सके
भारत को चाहिए लाइटनिंग पॉड और लेजर गाइडेड मिसाइल जो दोनों भारत के पास उसे वक्त नहीं थे
फिर ऐसे में भारत का मित्र देश इजराइल सामने आया उसने लेजर गाइडेड बम दिए लाइटनिंग पोड दिए ताकि बम वर्षक विमान चला रहे पायलट को सटीक लोकेशन मिले
और उन बम में जीपीएस कोऑर्डिनेटर फिट किए गए उस वक्त भारत के पास अपनी जीपीएस टेक्नोलॉजी नहीं थी और अमेरिका ने भारत को जीपीएस कोऑर्डिनेट्स देने से मना कर दिया था
लेकिन इसराइल ने अपनी टेक्नोलॉजी के द्वारा खुद सप्लाई कैंपस के जीपीएस कोऑर्डिनेटर निकालकर लेजर गाइडेड बम में फिट कर दिए थे
और वह सारे बम लगभग 2000 किलो के थे जिन्हें मिराज विमान में लगाना था
और उसके लिए विमान को मॉडिफाई करना जरूरी था
फिर इजरायल के कई इंजीनियर आए ग्वालियर एयर बेस पर मिराज विमान को इसराइल के इंजीनियर ने मॉडिफाई किया और उसमें वह लेजर गाइडेड बम और लाइटनिंग पॉड लगाए गए
मिराज बेहद ऊंचाई पर उड़ते हुए रात के अंधेरे में चुपचाप वह बम गिरा देता है और उन बम में विशेष तरह के कैमरे लगे थे ऐसे कमरे जो हजारों मीटर ऊंचाई से नीचे का एक थर्मल इमेज बना रहे थे कुल छह बम गिराए गए और पाकिस्तान का पूरा कैंप चोटियों पर बैठे सैनिकों को हथियार गोला बारूद और खाना सप्लाई करता था वह नष्ट हो गए सभी हथियार नष्ट हो गए उनके सारे मिसाइल वहां रखे सब कुछ नष्ट हो गया
और यह चोट पाकिस्तान को इतनी बड़ी चोट थी कि उसी पल यह तय हो गया कि अब यह युद्ध तीन दिन से ज्यादा नहीं चलेगा
क्योंकि सैनिकों को मिलने वाली सभी सप्लाई खत्म हो गई और वही हुआ
तो इसीलिए याद रखना इसराइल ने भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब रूस और अमेरिका जैसे देश ने भी भारत को मदद करने से इनकार किया है

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राजस्थान के भाजपा MLA शंकर सिंह रावत की बेटी ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर RAS एलाइड सर्विस ज्वाइन कर लिया,
दो बार सेट अप किए गए मेडिकल बोर्ड के बुलाने पर नहीं गईं, लेकिन तीसरी बार जाना पड़ा वहां डॉक्टर्स की टीम ने इनको बिल्कुल फिट बताया ,
अब इनके कागजों को न मीडिया में दिया गया न पब्लिक किया गया बल्कि सीधे अंदर ही अंदर काम चल रहा और मैडम बेशर्मों की तरह दोबारा से नौकरी भी करने लगी हैं,
खुरपेंच टीम ने कई IAS अधिकारियों के बारे में बताया था , आज तक उनकी जांच सामने नहीं आई , पता नहीं कब मेडिकल बोर्ड सेटअप किया गया कब उनको क्लीन चिट मिली या क्या मिला किसी को कोई जानकारी नहीं है ,
ईमानदार अभ्यर्थी परीक्षाओं को अपना सब कुछ दे दे रहे हैं,लेकिन बेईमान और टप्पेबाज उनका हक मार रहे हैं, जब तक सिस्टम से जवाब नहीं मांगोगे तब तक ऐसे बेरोजगार बने रहना और अपना हक मरते देखते रहना।

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इनका नाम सोनाक्षी यादव हैं, ये राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं!
इन्हें 1000 रुपए रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया हैं,
ये हजार रुपए पीएम आवास योजना में घर पास करने के लिए एक गरीब आदमी से ले रही थी !
आरोप हैं कि पहले भी 1500 लिए थे और इसके बाद और 1500 देने की बात तय हुई थी !
आखिर ऐसी कौन सी वजह हैं जिससे 50 से 60 हजार कमाने वाला पढ़ा लिखा सरकारी कर्मचारी , एक गरीब जिसके पास रहने को घर तक नहीं हैं, उससे हजार दो हजार रुपए रिश्वत मांगता हैं ?
कितनी शर्मनाक बात हैं ये ?
क्या खुद को सैलेरी से घर नहीं चल पाता हैं?

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सच्चाई यह है:
मानेसर जाने वालों की नाराजगी मुख्यमंत्री से थी पर उसको रूप सरकार गिराने का दिया गया ताकि सचिन पायलट जी को निपटाया जा सके. अब तो कोर्ट से भी साबित हो गया की कोई साजिश थी ही नहीं..
@_lokeshsharma @SachinPilot @AadeshRawal @sharatjpr @8PMnoCM
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बड़े मगरमच्छों में सबसे पहला नाम तो स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी का है..
जो प्रदेश का मुखिया हो, जो सरकार का सर्वेसर्वा हो, हर चीज की जानकारी होने के बावजूद वो कोई कदम नहीं उठाए तो संलिप्तता उनकी स्वयं की ही मानी जाती है..
जिनकी सरपरस्ती में ये सब घटा तो सबसे बड़ा मगरमच्छ कोई है तो वो अशोक गहलोत हैं...
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चाहे वो रीट के समय 'अपना आदमी' जारोली हो, या RPSC में तत्कालीन चैयरमेन और सदस्यों की संलिप्तता हो, आपाधापी में सदस्यों की नियुक्ति या अपने आस-पास के लोगों द्वारा पेपर लीक में मिलीभगत...मैं शुरू से ही कहता आया हूं कि अशोक गहलोत जी के मुख्यमंत्री रहते हुए युवाओं को बर्बाद करने का गुनाह उनकी पूरी जानकारी में हुआ, और जमकर हुआ...
अब ये बात सबके सामने आती जा रही है कि फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के खेल में कौन-कौन मुख्य किरदार थे और किस रूप में ये घपले-घोटाले हुए...
मेरी ही नहीं, राजस्थान के युवाओं की भी ये मांग है कि कड़ी और निष्पक्ष जांच करके असली मगरमच्छ तक पहुंचा जाए... वो अब बख्शे नहीं जाने चाहिए...
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