Manoj Manav

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@ImManojManav

Lucknow, India Katılım Mayıs 2013
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Brajesh Kumar Prajapati
Brajesh Kumar Prajapati@brajeshkmpraja·
60% OBC, 60% हक — पूरा अधिकार, पूरी भागीदारी! EWS में 1% कटौती की हिम्मत किसी में नहीं, लेकिन OBC के हकों में लगातार कटौती जारी है। अगर अब भी OBC चुप रहा, तो बचा हुआ हक भी छिन जाएगा। हक मांगने से नहीं, संघर्ष से मिलता है। #OBC #SocialJustice
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“मोदी जी, आप कहें तो नार्वे की सभी चीजों का बहिष्कार करना हम लोग शुरू कर दें। बस एक बार नार्वे की उन चीजों की सूची जारी करवा दीजिए जो भारत में बिकती हो.. बाकी टीवी डिबेट में देशभक्ति और सोशल मीडिया पर बहिष्कार हम संभाल लेंगे!” जय भीम जय भारत जय संविधान #सवाल_पूछना_गुनाह_नहीं
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Manoj Manav@ImManojManav·
विश्व के सभी देशों को तुरंत यह कदम उठाना चाहिए कि भारतीयों की नागरिकता रद्द कर उन्हें भारत वापस क्यों न भेज दिया जाए। क्या जापान ने बिल्कुल सही और साहसिक निर्णय नहीं लिया है। जो लोग सत्तर साल की आजादी के बाद भी अपने देश को जापान जैसा विकसित नहीं बना सके, बल्कि उसे बांग्लादेश से भी नीचे रसातल की गहराइयों में धकेलते चले गए, ऐसे लोगों को जापान में रहने का तो क्या, दुनिया के किसी भी देश में घूमने का भी कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए। जब तक भारतवासी अपने देश को सुरक्षित, समृद्ध और सम्मानजनक नहीं बना लेते, तब तक विश्व के सभी देशों को इनके प्रवास पर पूरी तरह रोक लगा देनी चाहिए। ताकि उन्हें अपनी मातृभूमि को सुधारने और सँवारने की चिंता सताए, न कि विदेशों में आश्रय ढूंढने की। इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई परिवार तीस साल से जापान में बसा हुआ है। जब भारत में भारतीयों के गिरते चरित्र, मूल्यो की चिंता किसी को नहीं सताती, तो तीस साल नहीं, तीन हजार साल भी गुजर जाएँ तो भी उन्हें निकाल बाहर करना ही चाहिए। जापान का यह निर्णय अत्यंत उचित और प्रेरणादायक है। हम इसका पुरजोर समर्थन करते हैं और समस्त प्रवासियों से हार्दिक अपील करते हैं कि अब अपनी मातृभूमि की सुधि लें, उसे सँवारें और विश्व में सिर ऊँचा करके जीने का अधिकार हासिल करें। ✍️ Manoj Manav की कलम से...
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क्या आम भारतीय नमक और प्याज चाटकर देशभक्ति साबित करें- ✍️ Manoj Manav एक तरफ करोड़ों-करोड़ों आम भारतीयों को नमक और प्याज चाटकर जीवन-यापन के लिए विवश करने और दूसरी ऒर अपने पूँजीपति मित्रों को सत्ता के संरक्षण में एक हज़ार करोड़ की ड्रेस पहनकर मेटगाला के रैम्प पर राष्ट्र-प्रचार करने की आजादी देना, यह कैसा राष्ट्रवाद और देशभक्ति है, एक ही देश में दो भारत कैसे, कृपया प्रधानमंत्री सभी भारतीयों को बतायें? अभी प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील किया सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीज़ल कम जलाओ, खाने का तेल घटाओ, विदेश मत जाओ और यह त्याग करो। पहले यही त्याग इनके मित्रों को करनी चाहिए आखिर वे भी तो राष्ट्रभक्ति और देशभक्ति दिखाए, फिर किसी से उम्मीद करें। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार देता है, अनुच्छेद 38-39 में राज्य को आर्थिक-सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और संपत्ति के उत्पादन व वितरण को आम जनहित में नियंत्रित करने का निर्देश देता है। फिर भी, जब सत्ता-समर्थित अरबपतियों का भव्य प्रदर्शन 'सॉफ्ट पावर' और 'देश का गौरव' बताकर वाहवाही की जाती है, उसी वक्त आम आदमी से त्याग की अपील की जाती है, तो क्या यह संवैधानिक नैतिकता का घोर मज़ाक नहीं है? पहले इन 'मित्रों' से अपेक्षा की जाए कि वे अनुच्छेद 39(c) के अनुसार संपत्ति का वितरण कैसे सुनिश्चित कर रहे हैं, अपनी भव्यता पर अंकुश लगाएँ, फिर आम नागरिक से 'कम खरीदो-त्याग करो' का उपदेश दिया जाए। अन्यथा, यह 'कुछ लोगों के लिए मेटगाला और हीरे-जवाहरात, बाकियों के लिए नमक-प्याज और त्याग' देश में यह नया सामंती मॉडल नहीं चलेगा, जो संविधान की मूल भावना के प्रतिकूल है। मनोज मानव की कलम से...
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जब दलितों और पिछड़ों का घर आग की लपटों में जल रहा था, तब वे कौन लोग थे जो आग बुझाने के बजाय उसमें घी डाल रहे थे- ✍️ Manoj Manav उत्तर प्रदेश में कुर्सी की तड़प में रात-दिन बेचैन रहने वाले ऎसे विपक्षी दल के नेता, जो एक ओर समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्राध्यक्ष अखिलेश यादव को पानी पी-पीकर कोसते नहीं थकते, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव जहाँ भी कदम रखते हैं, उनके साथ मुलाकात करने वाले निर्दोष नागरिकों को तत्काल डिमोशन का शिकार बनाया जाता है, चाय की दुकान चलाने वाले गरीब मजदूरों को खुलेआम धमकियाँ दी जाती हैं और उनके दुकानों को उजाड़ने की साजिश रची जाती है। इन जघन्य घटनाओं पर द्वेष और दमन की राजनीति करने वाली सत्ता के विरुद्ध इन विपक्षी दलों की ओर से एक शब्द भी नहीं निकलता। यह चुप्पी स्वयं साबित करती है कि ये तथाकथित विपक्षी नेता पहले ही सत्ता से गुप्त गठबंधन कर चुके हैं और सरकार के इशारे पर काम रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता इन नेताओं के कपटपूर्ण चरित्र को भलीभाँति देख रही है। समय आने पर वह इनसे हिसाब अवश्य लेगी कि जब दलितों और पिछड़ों का घर आग की लपटों में जल रहा था, तब कौन लोग थे, जो आग बुझाने के बजाय उसमें घी डाल रहे थे, सिर्फ इसलिए कि उनकी कुर्सी की आग बुझ न जाए। जनता इनके इस स्वार्थी और धोखेबाज खेल को समझ रही है और समय आने पर जवाब देगी। ✍️ मनोज मानव की कलम से... @yadavakhilesh @mediacellsp @samajwadiparty
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वंचितों के स्वाभिमान के शिल्पकार, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत व आधुनिक भारत के प्रणेता, युगनायक छत्रपति शाहूजी महाराज जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।
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उत्तर प्रदेश में खतरनाक ट्रेंड—पीड़ित परिवार कैद में (हाउस अरेस्ट), अपराधी बेखौफ़ आज़ाद! न मिलने की इजाज़त, न बोलने की आज़ादी—ये कैसा न्याय? सच पर पहरा क्यों? जवाब चाहिए! #न्यायकहाँहै #पीड़ितकोन्याय #उत्तरप्रदेश #जंगलराज #StandForJustice #StopSystematicSilence
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सम्पूर्ण विश्व के कल्याण हेतु सत्य, अहिंसा, करुणा और विश्व-मैत्री का अमर संदेश देने वाले विश्व वंदनीय बोधिसत्व महामानव तथागत गौतम बुद्ध की जयंती “बुद्ध पूर्णिमा” के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक मंगलकामनाएँ। उनके विचार मानव जीवन को शांति, संतुलन और सद्भाव की दिशा देने वाली प्रेरणा हैं, जो हर युग में मानवता को जोड़ने और सही मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं। आइए, हम सब उनके आदर्शों को आत्मसात कर अपने जीवन में करुणा, सत्य और अहिंसा को स्थान दें तथा एक समरस, शांतिपूर्ण और मानवीय समाज के निर्माण का संकल्प लें, पुनः मंगलकामनायें।
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श्रम ही राष्ट्र की वास्तविक नींव है। वही हाथ हैं जो सुई से लेकर जहाज तक, झोपड़ी से लेकर भव्य इमारतों और संसद तक का निर्माण करते हैं। श्रमिक केवल निर्माणकर्ता नहीं, बल्कि सृजन के आधार हैं, वे अपने श्रम, समर्पण और संघर्ष से समाज को आकार देते हैं और राष्ट्र की प्रगति को गति प्रदान करते हैं। विडंबना यह है कि जो समाज को खड़ा करता है, वही सबसे अधिक उपेक्षित रह जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और नीतियों में भी श्रम का सम्मान करें। 1 मई श्रमिक दिवस के अवसर पर समस्त श्रमिक शक्ति को नमन। आइए, हम उनके योगदान को स्वीकार करते हुए एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ श्रम को सम्मान, श्रमिक को अधिकार और हर मेहनतकश को गरिमामय जीवन मिले। बधाई एवं शुभकामनायें।
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सम्पूर्ण विश्व को सत्य, अहिंसा, करुणा और विश्व-मैत्री का संदेश देने वाले गौतम बुद्ध जी की जयंती “बुद्ध पूर्णिमा” पर हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, उनके आदर्शों को अपनाकर शांति, सद्भाव और मानवता का मार्ग प्रशस्त करें।
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जनपद लखनऊ के निवासी, सुप्रसिद्ध फिल्म प्रोड्यूसर, वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रख्यात राजनीतिज्ञ आदरणीय रत्नाकर मौर्य जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। तथागत बुद्ध जी की कृपा से आप दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और निरंतर सफलता के शिखर छूते रहें। 🎂🙏🌸
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चाहे “राष्ट्रीय समर्पण संघ” हो या “56 इंची सरेंडर”—हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। भारत विविधताओं का मजबूत लोकतंत्र है, लेकिन जब देश के सम्मान पर सवाल उठे, तब खामोशी नहीं, करारा जवाब चाहिए। देश से बड़ा कोई संगठन या राजनीति नहीं। भारत झुकेगा नहीं। 🇮🇳 #भारत #India #राष्ट्र_सर्वोपरि
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विगत माह दुर्घटना के पश्चात लखनऊ में चिकित्सकीय उपचार करा रहे, हृदय प्रिय साथी, श्री विकास मौर्य (अवनीत) जी, जिला सह संयोजक, संविधान रक्षक सेना, सीतापुर से आज पूर्व विधायक, श्री बृजेश प्रजापति जी के साथ अस्पताल पहुंचकर कुशल क्षेम जाना एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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Manoj Manav@ImManojManav·
#49वीं_सूची जारी! सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। पदाधिकारियों की घोषणा की निरंतर प्रक्रिया में 49वीं सूची आज जारी हुआ, जो आप सभी के परिश्रम, निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है, नव नियुक्त पदाधिकारियों को पुनः हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनायें।
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"वंचितों के नायक नीतीश कुमार जी के त्याग व संघर्ष के हम सदैव ऋणी रहेंगे"- ✍️ Manoj Manav @NitishKumar
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Ajay Prajapati, अजय प्रजापति
महोबा में दो हत्याएं होने पर #प्रजापति समाज का प्रदर्शन महोबा में प्रजापति समाज के दो व्यक्तियों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ। अखिल भारतीय प्रजापति महासंघ के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। समाज ने पनवाड़ी और खन्ना थाना क्षेत्रों में हुए इन हत्याकांडों की निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पिछले दो माह के भीतर महोबा जनपद में प्रजापति समाज के दो लोगों की हत्या की गई है। पहली घटना 14 अप्रैल को पनवाड़ी थाना क्षेत्र के हैवतपुरा में हुई, जहां हरनारायण प्रजापति की हत्या कर दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हरनारायण को प्रताड़ित कर मारा गया और सबूत मिटाने के लिए उसे जलाने का प्रयास भी किया गया। दूसरी घटना खन्ना थाना क्षेत्र के बन्नीपुरा की है, जहां रवि प्रजापति की हत्या हुई। इन दोनों मामलों में पुलिस की धीमी कार्रवाई से नाराज अखिल भारतीय प्रजापति महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार प्रजापति के नेतृत्व में एसपी को एक ज्ञापन सौंपा गया। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि पनवाड़ी हत्याकांड में पुलिस अभी तक वास्तविक दोषियों को पकड़ने में विफल रही है, जिससे समाज में असुरक्षा और भय का माहौल है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनकी मुख्य मांगों में इन हत्याकांडों की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराना, पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान करना, तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है।
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