Sabitlenmiş Tweet
Parthasarathi
4.1K posts

Parthasarathi
@InfoUnveilled
Software Er./Banking officer
Pluto Katılım Nisan 2020
1.8K Takip Edilen1.7K Takipçiler
Parthasarathi retweetledi

How do you reduce debt by over 40% and still beat construction targets?
Ask NHAI (National Highway Authority of India) chairman Santosh Kumar Yadav!
He took over in 2022 when NHAI debt was ₹3.42 lakh crore. Since then it has plummeted down to ₹1.96 lakh crore today, while maintaining a massive ₹2.44 lakh crore CapEx.
The best part? Construction hasn't slowed down—surpassing targets by 15% with 5,313 km built this past year alone. A gold standard for PSU management and a masterclass in fiscal discipline! No wonder he got an extension till 2027!

English

U17 National Wrestling Championships 2026 (28-30 April):
GRECO ROMAN
Gold - Hariom Yadav 55 kg
Silver - Shaurya Vir Yadav 110 kg
Bronze - Anand Yadav 51 kg
FREESTYLE
Silver — Lalu Yadav 71 kg
Bronze — Anuj Yadav 60 kg
Bronze — Mukesh Yadav 51 kg
WOMEN'S WRESTLING
Bronze — Preeti Yadav 43 kg
Bronze — Payal Yadav 73 kg
Bronze — Aakansha Yadav 46 kg




Eesti

अखिलेश जी, सच हमेशा कड़वा होता है। जब आपकी सरकार थी, तब भी गरीब यादव गरीब ही थे…और आज भी बड़ी संख्या में वही हाल है। बहुजन और गैर-यादव पिछड़ा समाज को इतिहास पढ़ाने से पहले यह समझ लीजिए कि यादवों का इतिहास ही बहुजन समाज का इतिहास नहीं है। शायद आपको खुद अपने इतिहास के 10 असली क्रांतिकारियों के नाम गिनाने में भी कठिनाई हो जाए—और कृपया ऐसे नाम न दीजिए जो अपराध की वजह से जाने गए हों। बहुजन समाज का असली इतिहास उन महान विभूतियों का है जिन्होंने संघर्ष किया, बलिदान दिया और समाज को दिशा दी—महाराजा सुहेलदेव राजभर,अवंती बाई लोधी,भगवान बिरसा मुंडा,झलकारी बाई,ऊदा देवी,डॉ० भीमराव अंबेडकर,कांशीराम यही असली प्रेरणा हैं, यही बहुजन चेतना के स्तंभ हैं—न कि सत्ता में बैठे कुछ परिवारों का राजनीतिक इतिहास। दो-दो हजार बीघा जमीन वाले जमींदार कब “वंचित” और “बहुजन” बन गए—यह सवाल आज हर जागरूक नागरिक पूछ रहा है, जिसे पप्पू यादव जैसे नेता भी कई बार उठा चुके हैं।अब बहुजन समाज जाग चुका है।
अब वह अपने अधिकारों के लिए खड़ा है। अब वह पहचान चुका है कि कौन उसके हक का सौदा करता रहा और कौन उसके साथ खड़ा है। यह सदी गैर-यादव पिछड़ा और बहुजन समाज के उत्थान की सदी है।अब हक मिलेगा, सम्मान मिलेगा और भागीदारी भी तय होगी।
जय महाराजा सुहेलदेव राजभर
जय सुभासपा,जय भारत
@yadavakhilesh
@samajwadiparty
हिन्दी

करीब 20-25 दिन पहले मेरे यहाँ library में दैनिक भास्कर से एक महिला आई थी। 5-7 min. पहले दैनिक भास्कर की महानता गिनाया फ़िर सबको App download करवाया। बोला कि आगे हम App पर survey लायेंगे तो वोट कीजियेगा।
Luffy@luffyspeaking
सुना हूँ दैनिक भास्कर वाले सर्वे जारी किए हैं। अब देखिए सर्वे कैसे हुआ है, ~ कॉलेज के बच्चों से एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया गया, ~ उनको पूरी प्रेजेंटेशन दी गई ~ उनके डायरेक्टर और प्रोफेसर द्वारा बीजेपी को वोट दिलवाया गया, ~ फिर ये सर्वे जारी कर दिया गया गजबे है 😥
हिन्दी

@riskyyadav41 20-25 दिन पहले मेरी library में दैनिक भास्कर से एक महिला आई थी। पहले तो 5 min. दैनिक भास्कर का प्रचार किया फिर App download करवाया।
बोली की हम app पे survey लायेंगे उसमें वोट जरूर कीजियेगा।
हिन्दी

मैने पिछली पोस्ट में बोला था दैनिक भास्कर वालों ने जो सर्वे करवाया है वो कॉलेज के Gen Z से करवाया है।
> योगी जी ने 8 लाख रुपए दैनिक भास्कर को जारी किए।
> भास्कर वालों ने सारे कॉलेज के बच्चों से ऐप डाउनलोड करवाया।
> फिर उसमें भाजपा विधायक को वोट देने को कहा।
>और इस तरह आपका सर्वे तैयार है।
दैनिक भास्कर दलाली में रहे सबसे आगे।😂


हिन्दी

क्षमा मांगने से बेहतर होता अपनी पार्टी से 50% महिलाओं को टिकट देने का ऐलान कर देतें।
Rubika Liyaquat@RubikaLiyaquat
पीएम ने कहा- मैं माताओं- बहनों से क्षमाप्रार्थी हूँ
हिन्दी

@RubikaLiyaquat पापा से बोलिये माताओं- बहनों के सम्मान में इस्तीफ़ा दे दें।
हिन्दी

@RubikaLiyaquat राम जी आप को इस दुःख से उबरने की शक्ति प्रदान करें। ☺
हिन्दी

बिल के गिरने के बाद दुखद था कुछ महिला सांसदों को मेज़ थपथपाते देखना।
आधी आबादी को पूरी ताकत देने वाले संविधान संशोधन बिल को विपक्ष का साथ नहीं मिला
विपक्ष ने बिल गिरने पर मेज थपथपा कर स्वागत किया।
बिल को पास करने के लिए दो तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी था।
कुल 528 वोट पड़े
उस लिहाज़ से दो तिहाई मतलब 352 वोट चाहिए थे।
बिल के समर्थन में- 298
बिल के विरोध में- 230
हिन्दी

@narendramodi पिछड़ी, अति पिछड़ी महिलाओं के अलग प्रतिनिधित्व के बिना महिला आरक्षण का ढोंग करना बंद करिये मोदी जी।
हिन्दी

मैं सभी सांसदों से कहूंगा...
आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...
देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।
उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।
ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।
आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।
हिन्दी

@AnilYadavmedia1 तभी मैं सोचूँ ये 5-600 ₹ में स्याला ओरिजिनल, पीला, दानेदार घी कहाँ से मिल रहा है। 😅
हिन्दी

@InfoUnveilled Bhai aapse ek baat puchni thi ibps ke liye english kaise aur kaha se kiya
हिन्दी

मेरे गांव का मेरा साथी @dheerendra_mr7 समीक्षा अधिकारी बन गया। एक कमजोर आर्थिक बैकग्राउंड। 5 भाइयों के बीच सबसे छोटा। तैयारी कर रहा था तो परिवार में कई बार दुखों का पहाड़ आया। हिम्मत नहीं हारा।
करीब 2 साल पहले धीरेंद्र मौर्या अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में एक रिसोर्स पर्सन था। एमपी में जॉब चल रही थी। 20-22 हजार रुपए मिलते थे। गांव के प्राइमरी स्कूल में जाकर बच्चों और टीचर्स को देखना होता था।
एक दिन मुझसे कहा, भाई जो काम कर रहा हूं, समझ नहीं आ रहा। लगता है कि कुछ और करना चाहिए। यहां से कुछ नहीं हो पाएगा। मैं उस वक्त कहता, देखो, जिस बैकग्राउंड से हो, वहां 20 हजार बड़ी बात है, छोड़ते ही 0 पर आ जाओगे।
कई बार धीरेंद्र हिम्मत हार गया। RO/ARO का फॉर्म भरा था। परीक्षा की डेट आई तो भोपाल से आया ही नहीं। बाद में पता चला कि फर्जीवाड़े के चलते वह परीक्षा रद्द हो गई।
अब धीरेंद्र के सामने एक मौका था। उसने छोड़ दिया। घर आ गया। तैयारी शुरू की। फिर से परीक्षा में लगा। तभी बड़े भाई की पत्नी की मौत हो गई। घर में मातम। उस दुख के बीच भी एक कमरे में पढ़ता रहा।
प्री निकला। मेंस भी क्वॉलिफाई कर गया। और इस तरह से 97वीं रैंक लेकर समीक्षा अधिकारी बन गया। उस गांव के इतिहास का पहला बच्चा बन गया, जो इतनी बड़ी नौकरी हासिल की।
धीरेंद्र ने आज फोन किया। कहा- भाई उस वक्त आपने कहा था कि छोड़ने का फैसला तभी लेना जब विकल्प हो, वरना पछतावा होगा। मैं पछतावे को मौके में बदलना चाहता था, आज कामयाब हो गया। ये सुनकर लगा कि यार, कमाल हो गया।
कभी-कभी लगता है कि तमाम योग्य लड़के छोटे-मोटे काम में फंस गए हैं, जबकि वह बहुत कुछ कर सकते हैं। इसलिए बस यही कहूंगा, अगर आपको खुद पर भरोसा है तो रिस्क ले लीजिए। आर-पार खेल लीजिए। क्या पता जिंदगी संवर जाए।



हिन्दी

@Riskiyadav01 अधिकांश सुनार वर्मा लिखते हैं। कुछ लाला भी वर्मा लिखते हैं।
हिन्दी






